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पटना: 12वीं में फेल छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया. जब छात्र भी उग्र होने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने छात्रों को प्रदर्शन करने के रोका तो वे पत्थरबाजी करने लगे, जिसके जवाब में उनकी ओर से लाठी चार्ज किया गया.

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पटना: 12वीं में फेल छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

पटना में विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्र.

खास बातें

  1. 12वीं में फेल छात्रों का पटना में प्रदर्शन
  2. पुलिस ने किया लाठीचार्ज, छात्र हुए उग्र
  3. परीक्षा कॉपी की दोबारा जांच की मांग
पटना:

बिहार इंटरमीडिएट (BSEB) की परीक्षा में महज 35 फीसदी रिजल्ट होने से नाराज छात्रों ने बुधवार को पटना में प्रदर्शन किया. इंटर काउंसिल के मुख्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन के लिए जुटे छात्रों का आरोप है कि रिजल्ट जारी करने में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने परीक्षा कॉपियों की दोबारा जांच कराने की मांग की. छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया. जब छात्र भी उग्र होने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने छात्रों को प्रदर्शन करने के रोका तो वे पत्थरबाजी करने लगे, जिसके जवाब में उनकी ओर से लाठी चार्ज किया गया. बताया जा रहा है कि इंटर काउंसिल कार्यालय, मौर्या लोक और तारा मंडल के आसपास छात्रों के अलावा उनके अभिभावकों की भी भारी भीड़ जुटी थी. पुलिस ने छात्रों के साथ उनके अभिभावकों पर भी लाठीचार्ज किया.

छात्रों के एक समूह ने करगिल चौक से पटना विश्वविद्याल तक भी विरोध मार्च निकाला. छात्र शिक्षामंत्री अशोक चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे. छात्रों की इतनी भीड़ देखकर भारी संख्या में पुलिस बल सड़कों पर उतार दिए गए. हालांकि पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्थिति सामान्य है.


छात्र संगठन आईसा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी फेल छात्रों के समर्थन में उतरे. छात्र संगठनों ने बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर और बिहार सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाये. आक्रोशित छात्र सड़क पर हंगामा किया.

मालूम हो कि इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्‍ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्‍ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.

विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.

साइंस स्‍ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्‍ट डिवीज़न से उत्‍तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्‍टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.

आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्‍ट डिवीज़न से उत्‍तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.

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कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.



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