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  • Birthday Special: अपने जीवन का इकलौता चुनाव क्यों हार गए थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जानें पूरा किस्सा
    दीनदयाल उपाध्याय की जीत लगभग तय मानी जा रही थी. इसकी दो वजहें थी. एक तो खुद उनका कद और दूसरा जौनपुर सीट से 62 के आम चुनाव में जनसंघ के ही प्रत्याशी ब्रम्हजीत सिंह ने बाजी मारी थी, लेकिन उनका अचानक देहांत हो गया. जनसंघ मानकर चल रही थी कि जौनपुर में पार्टी का मजबूत जनाधार है और उप चुनाव में इसका फायदा मिलेगा. 
  • 2019 चुनाव : बिहार में सीट बंटवारे को लेकर NDA के दो सहयोगी आमने-सामने, कुशवाहा की पार्टी ने दिया ये बयान
    2019 चुनाव से पहले बिहार में सीट बंटवारे को लेकर NDA के दो सहयोगी दलों में मतभेद पैदा हो गया है. केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने सत्तारूढ़ गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर ‘‘भ्रम’’ पैदा करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद यू को जिम्मेदार ठहराया है.
  • NDTV EXCLUSIVE: पढ़ें कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी और गुटबाजी पर क्या कहा
    मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर खासी सरगर्मी है. कांग्रेस नेता कमलनाथ ने NDTV से बातचीत में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले राज्य में संगठन कमजोर था, मगर अब नहीं. अब पार्टी में गुटबाजी भी नहीं है.
  • 2019 के चुनाव में विपक्षी दलों से मुकाबले के लिए कांग्रेस तैयार करेगी 'फौज', जानें पूरा मामला
    कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरने के मकसद से अगले कुछ महीनों के भीतर देश भर में एक करोड़ 'बूथ सहयोगियों' की फौज खड़ी करने का लक्ष्य रखा है. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से स्वीकृत कार्य योजना के तहत संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने गत 13 सितंबर को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों को पत्र भेजकर कहा है कि वे हर बूथ पर कम से 10 'बूथ सहयोगी' बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में जुट जाएं.
  • चुनावी रणनीतिकार से राजनेता तक का सफर, प्रशांत किशोर से जुड़ी 10 खास बातें
    चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) अब पर्दे के पीछे नहीं बल्कि मंच पर 'अभिनय' करते दिखेंगे. उन्होंने राजनीति में एंट्री ले ली है और अपने सियासी सफर की शुरुआत बिहार से करने जा रहे हैं. प्रशांत किशोर आज पटना में जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार की मौजूदगी में जनता दल यूनाइटेड (JDU) में विधिवत रूप से शामिल होंगे. खबर है कि खुद बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलवाएंगे. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही खबर आई थी कि प्रशांत किशोर सक्रिय सियासी पारी शुरू कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने खुद बाद में इनकार कर दिया था, लेकिन आज ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. आइये जानते हैं प्रशांत किशोर से जुड़ी खास बातें. 
  • चुनाव से पहले राजस्थान सरकार का तोहफा, 95 रुपये में लें जियो फोन, जानें कौन है पात्र
    राजस्थान सरकार ने भामाशाह कार्ड धारकों को जियो मोबाइल फ़ोन सिर्फ़ 95 रुपये में देने का निर्णय लिया है. सरकार के मुताबिक 30 सितंबर तक ये फ़ोन सभी विधानसभा क्षेत्रों में बांटने हैं. ग्राहक को शुरू में 1 हज़ार 95 रुपये देने है. फ़ोन ख़रीदने के साथ ही 1000 रुपये ग्राहक के खाते में वापस आ जाएंगे.
  • DUSU Election 2018: डीयू के छात्रसंघ चुनाव कल, JNU में 14 को होगा मतदान
    दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के छात्र संघ चुनाव (DUSU Election) कल होंगे. डीयू के दोनों कैंपस, नॉर्थ व साउथ में छात्र सुबह 8.30 बजे से शाम 7.30 बजे तक अपने वोट डाल सकेंगे. छात्र संघ चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. सभी दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. दूसरी तरफ, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्रसंघ चुनाव (JNUSU Election) 14 सितंबर को होंगे.
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, नोटबंदी से आई तबाही, मोदी बताएं, जनता उन्हें किस चौराहे पर दे सजा
    सांसद और मध्यप्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए ऐलान पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी बताएं कि उनके इस अपराध के लिए देश की जनता उन्हें किस चौराहे पर सजा दे".
  • CM शिवराज के रथ पर पत्थर फेंकने का मामला : गवाह का सनसनीखेज दावा, पुलिस ने जबरन ली गवाही
    मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआर्शीवाद यात्रा के दौरान पत्थर फेंकने के मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस को गवाही देने वाले 23 वर्षीय युवक ने शनिवार को दावा किया कि पुलिस के दबाव में आकर उसे जबरदस्ती गवाही देनी पड़ी जबकि न तो उसके सामने यह घटना हुई और न ही वह इस मामले में गिरफ्तार किये गये लोगों को जानता है.
  • 2019 में बीजेपी अमित शाह की अध्यक्षता में लड़ेगी चुनाव, बढ़ेगा कार्यकाल
    2019 चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा निर्णय लिया है. पार्टी मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में ही लोकसभा चुनाव लड़ेगी. दरअसल, अमित शाह का कार्यकाल जनवरी 2019 में समाप्त हो रहा है, लेकिन चुनाव को देखते हुए पार्टी ने संगठन चुनाव को एक साल के लिए टालने का निर्णय लिया है.
  • भाजपा के 'दलित प्रेम' से सतर्क हुई बसपा, 2019 से पहले काट ढूंढने के लिए उठाया यह कदम
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस बार मायावती के एजेंडे में सबसे ऊपर होगा, क्योंकि भाजपा की ध्रुवीकरण चाल और उसके बढ़ते दलित प्रेम से वह पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. बसपा प्रमुख ने भाजपा के इस एजेंडे की धार को भांपने के लिए ही पार्टी पदाधिकारियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ग्राउंड रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
  • पत्रकारिता छोड़ राजनीति में आए, 4 साल में ही कह दिया अलविदा, आशुतोष से जुड़ी 8 खास बातें
    आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, आशुतोष ने इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताए हैं, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी में अनदेखी की वजह से उन्होंने ये कदम उठाया. आशुतोष करीब डेढ़ दशक तक सक्रिय पत्रकारिता के बाद साल 2014 में राजनीति में आए थे. आम आदमी पार्टी का दामन थामने के बाद उन्होंने चांदनी चौक से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, मगर उस चुनाव में उनकी हार हुई थी. राजनीति को अलविदा कहने के बाद अब चर्चा है कि आशुतोष फिर से पत्रकारिता में लौट सकते हैं. आइये जानते हैं आशुतोष से जुड़ी 8 खास बातें.
  • करुणानिधि की मौत के बाद डीएमके में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई, आज होने वाली मीटिंग पर सबकी निगाहें
    तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के कद्दावर नेता एम करुणानिधि की मौत के बाद आज पार्टी की एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक होगी. बैठक सुबह 10 बजे से शुरू होगी. करुणानिधि की मौत के बाद डीएमके में एक तरीके से वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है.
  • सियासी पिच पर ममता बनर्जी से खाई मात, सरकारी खर्चे पर सांसदों का चाय-पानी कराया बंद, ऐसे थे सोमनाथ चटर्जी
    सोमनाथ चटर्जी राजनीतिक रूप से मुखर जादवपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे और उनके खिलाफ मैदान में थीं ममता बनर्जी. यह वही दौर था जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीति की गलियों में अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद में थीं. कहां कद्दावर सोमनाथ चटर्जी और कहां ममता बनर्जी! 
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर मारपीट, पार्टी महासचिव ने कहा- RSS से सीखें अनुशासन, देखें- VIDEO
    कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया को लगता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अनुशासन सीखना चाहिये. बाबरिया ने कार्यकर्ताओं को ये पाठ विदिशा में पढ़ाया. सोमवार को विदिशा जिले में प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और चिमन पटेल के सामने ही कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, वजह मंच साझा करने को लेकर उठा विवाद.
  • 2019 में भाजपा को पीएम मोदी के गृह राज्य में मिल सकती है चुनौती, पार्टी ने बनाई ये रणनीति
    भाजपा प्रमुख अमित शाह ने 2019 में होने वाले आम चुनाव में गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों को बरकरार रखने का लक्ष्य रखा है, लेकिन 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुये इसे एक मुश्किल कार्य माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से केवल 99 सीटों पर ही जीत दर्ज की थी.
  • संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिले योगी आदित्यनाथ, 2019 चुनाव पर मंथन
    राम मंदिर और मुस्लिम शिक्षण संस्थानों में दलितों को आरक्षण की बात करने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे. यहां झंडेवालान में उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत संघ के बड़े नेताओं से मुलाकात की. शाम को वो लखनऊ में भी RSS और बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ बैठक करेंगे. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ की संघ प्रमुख के साथ यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
  • बिहार में गठबंधन पर रार : क्या है विवाद की पृष्ठभूमि, वजह और समाधान
    इन दिनों सबकी निगाहें एक बार फिर बिहार की राजनीति पर हैं. इसका कारण है भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेताओं के बीच आगामी लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे और नीतीश कुमार की भूमिका पर विरोधाभासी बयान. परस्पर विरोधी बयान देने वाले नेताओं की पृष्टभूमि की वजह से भी इस विवाद और इसके राजनीतिक असर के बारे में अटकलबाजी तेज कर दी हैं. आइये हम आपको बताते हैं कि आखिर विवाद की पृष्ठभूमि क्या है? इसके कारण क्या हैं और समाधान क्या हो सकता है. 
  • 2019 के चुनावों में अोबीसी मतदाअों को जोड़ने के लिए कांग्रेस ने बनाई ये रणनीति
    कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अन्य पिछड़े वर्गों को अपने साथ जोड़ने के मकसद से अगले कुछ महीने के भीतर बूथ स्तर तक पार्टी का ओबीसी संगठन तैयार करने की तैयारी में है. हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग सम्मेलन का आयोजन करने वाला, पार्टी का ओबीसी विभाग, निचले स्तर तक संगठन तैयार करने में फिलहाल सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में ध्यान केंद्रित कर रहा है जहां कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होना है. 
  • मध्य प्रदेश : 'फर्जी' मतदाताओं के नाम कटे तो बदल सकती है 50 सीटों की तस्वीर 
    लगभग 50 विधानसभा क्षेत्र ऐसे थे, जहां जीत हार का अंतर 5,000 के आसपास था.अधिकतर सीटों पर कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था.कांग्रेस का दावा है इन विधानसभा क्षेत्रों में पहले भी बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता थे.ऐसे में अगर इस बार इन विधानसभा क्षेत्रों से फर्जी मतदाताओं के नाम कट जाते हैं तो चुनावी तस्वीर बदल सकती है.
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