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राजनीति

  • यूपी विधानसभा चुनाव : पांचवें चरण में 11 जिलों की 51 सीटों पर वोटिंग कल
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पांचवें चरण में सोमवार को नेपाल से लगे तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 51 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इस चरण में बलरामपुर, गोण्डा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, अमेठी और सुल्तानपुर जिले की विधानसभा सीटें शामिल हैं.
  • मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की आजम खान की कोशिश हुई नाकाम : बीएसपी प्रमुख मायावती
    बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजावादी पार्टी नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की आजम की कोशिश नाकाम हो गई है. मायावती ने एक बयान में कहा, 'आजम खान अपने जमीर को मारकर पहले सपा नेता मुलायम सिंह यादव और अब उनके पुत्र बबुआ (अखिलेश यादव) की चाटुकारिता कर रहे हैं. मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की उनकी कोशिश अब पूरी तरह नाकाम हो गई है.'
  • दबे स्वरों में राहुल गांधी की क्षमता पर उठे सवाल, नेता सोच रहे हैं 'बिल्ली के गले घंटी बांधे कौन?'
    चुनाव में जीत और हार लगी रहती है. लेकिन जीत का श्रेय लेने के लिए सभी दावा करते हैं और चुनाव में हार की ठीकरा फोड़ने के लिए सिर की तलाश की जाती रही है. भारतीय राजनीति में सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ सालों से देश की राजनीति में रसातल की ओर जा रही है. ऐसे में सोनिया गांधी ने पार्टी को कुछ संभाला लेकिन जब से उन्होंने पार्टी की गतिविधियों से कुछ दूरी बनाई तब से पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की कमान संभाली है.
  • महाराष्ट्र और ओडिशा के निकाय चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस को दिल्ली में भी सताने लगी चिंता
    हाल में महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी को मिली बड़ी सफलताओं और कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार के बीच और इससे पहले ओडिशा में पार्टी के बुरे प्रदर्शन के बाद अब पार्टी को दिल्ली में होने वाले एमसीडी के चुनाव के लिए चिंता सताने लगी है. जहां दिल्ली से राजनीति में धमाल मचाने वाली आम आदमी पार्टी ने इन सबके बीच अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर अपने इरादे साफ कर दिए हैं वहीं कांग्रेस खेमा चिंतन में फंसा हुआ है.
  • चुनाव आयोग के आदेश के बाद से यूपी सरकार की एंबुलेंस से हटा 'समाजवादी' शब्द
    चुनाव आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार की 108 एंबुलेंस पर लिखे 'समाजवादी स्वास्थ्य सेवा' में 'समाजवादी' शब्द को ढ़क दिया गया है. उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पाण्डेय ने बताया कि इस संबंध में आई एक शिकायत पर उक्त कार्रवाई की गई है. चुनाव आयोग ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया था कि वह 'समाजवादी' शब्द ढ़कना सुनिश्चित कराए. पाण्डेय ने बताया कि कुल 1488 एंबुलेंस पर अंकित 'समाजवादी' शब्द ढ़क दिया गया है.
  • नीतीश कुमार ने पीएम मोदी पर साधा निशाना-मां गंगा खोज रही अपना बेटा?
    यूपी चुनावों के मद्देनजर 'गंगा मैय्या' की चर्चा एक बार फिर नेताओं की जुबान पर चढ़ने लगी है. अभी पिछले दिनों जब नरेंद्र मोदी ने फतेहपुर में एक रैली में कहा था कि यूपी में बिजली नहीं आती तो पलटवार करते हुए राज्‍य के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने उनसे सवालिया लहजे में पूछा था कि आप तो गंगा मैया के बेटे हैं तो उन्‍हीं की कसम खाकर बताइए कि क्‍या बनारस में 24 घंटे बिजली नहीं रहती. नरेंद्र मोदी बनारस संसदीय सीट से ही लोकसभा सदस्‍य हैं.
  • प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की सीटों को अपनी झोली में करने में बीजेपी के छूट रहे हैं पसीने
    उत्तर प्रदेश के चार चरण के चुनाव के बाद अब सभी पार्टियों की निगाह पूर्वांचल के बाकी बचे चुनाव पर लगी है. बीजेपी का सारा जोर वाराणसी पर है क्योंकि बीजेपी टिकट बंटवारे बाद अंतर कलह से झूझ रही है. यही वजह है कि बनारस में तूफानी सभा कर रहीं स्मृति ईरानी हर सभा में बनारस के लोगों को घाट और बनारस की अनदेखी मुद्दा उठा रही हैं और सिर्फ स्मृति ईरानी ही नहीं बल्कि बीजेपी का हर बड़ा मंत्री इन दिनों बनारस में ऐसी ही सभा कर रहा है क्योंकि बीजेपी को डर है कि टिकट बंटवारे का असंतोष में कहीं सीट हाथ से न निकल जाये.
  • उत्तर प्रदेश के चुनाव में अमर सिंह की अमर वाणी, बीजेपी में ढूंढ रहे आसरा!
    उत्तर प्रदेश का चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच रहा है. लिहाजा घमासान करने के लिये पार्टियों से इतर योद्धा भी चुनावी महासमर में कूद पड़े हैं. ऐसे ही एक योद्धा अमर सिंह हैं जो समाजवादी पार्टी की बेरुखी से बेहद आहात हैं, लिहाजा अब उनसे बदला लेने के लिए पीएम मोदी की तरफ आसरा लगाए बैठे हैं. साथ ही समाजवादी पार्टी पर हमला करने के लिए जहां भी मौक़ा मिलता है वहां वह शुरू हो जाते हैं.
  • BMC elections 2017: पार्षदों के समर्थन को लेकर शिवसेना-बीजेपी का एकसमान दावा
    बीएमसी (BMC) के मेयर पद की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए शिवसेना और बीजेपी ने जोर लगा दिया है. गौरतलब है कि दोनों दलों ने एकसमान 4 निर्दलीय पार्षद अपने साथ होने का दावा किया है. बीएमसी चुनाव में शिवसेना को 84 सीट मिली हैं. जबकि बीजेपी को 82. चुनावी नतीजों के बाद दोनों दलों ने दावा किया कि मेयर उन्हीं का होना चाहिए. लेकिन, आंकड़ों के हिसाब से देखे तो बिना समर्थन ये न बीजेपी के लिए मुमकिन है न शिवसेना के लिए. 227 सीटों के सदन में बिना समर्थन अपना मेयर चुनने के लिए सर्वाधिक 114 वोटों की जरूरत होती है, जो की शिवसेना और बीजेपी में से किसी के पास नहीं.
  • मणिपुर चुनाव 2017 : पीएम नरेंद्र मोदी बोले - जो काम 15 साल में नहीं हुए वह काम बीजेपी की सरकार 15 महीने में करके दिखाएगी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. 60 सदस्यों की मणिपुर विधानसभा के लिए चार और आठ मार्च को चुनाव होने हैं.
  • एमसीडी चुनाव 2017 : आम आदमी पार्टी ने जारी की 109 उम्मीदवारों की सूची, 64 युवा चेहरे, देखें सूची
    दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई ने 109 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने 109 वार्डों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं. इन 109 में से 46 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं. पार्टी ने इन 46 के अलावा 3 अनारक्षित सीटों पर भी महिला उम्मीदवारों पर दांव खेला है. पार्टी का कहना है कि 109 उम्मीदवारों में से 64 पार्टी के युवा चेहरे हैं.
  • BMC Elections 2017 : शिवसेना की इस चाल से बढ़ी बीजेपी की टेंशन, बहुमत की ओर बढ़ाए तीन कदम
    बीएमसी चुनाव के त्रिशंकु नतीजों के एक दिन बाद तीन निर्दलीय पार्षद शिवसेना में शामिल हो गये, जिसके बाद पार्टी का आंकड़ा 87 तक पहुंच गया. ये तीनों पार्षद पार्टी से बगावत करके निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे थे.
  • BMC चुनाव : धर्म नहीं, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बंट गए मुंबई के वोटर
    चुनावों में मतों का ध्रुवीकरण विचारधारा या धर्म केंद्रित ही नहीं होता यह भाषाई आधार पर भी हो सकता है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के परिणाम यही संकेत दे रहे हैं. ध्रुवीकरण को आम तौर पर दक्षिणपंथी धर्म आधारित राजनीति से जोड़ा जाता है. बीएमसी चुनाव में भगवा दल शिवसेना और भाजपा आमने-सामने थे. इसके नतीजों से पता चलता है कि दोनों दलों के मतदाताओं के बीच भाषा के आधार पर ध्रुवीकरण हुआ है. इस चुनाव में 227 सीटों में से शिवसेना ने 84 और भाजपा ने 82 जीती हैं.
  • 'बुआ से सावधान रहना, क्योंकि वह तीन बार बीजेपी के साथ रक्षाबंधन मना चुकी हैं' : अखिलेश यादव
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी लोग रमजान और दिवाली में भेद नहीं करते. वे केवल भाईचारे और विकास की बात करते हैं, जबकि बीजेपी वाले श्मशान व कब्रिस्तान की बात कर रहे हैं.
  • यूपी विधानसभा चुनाव : BJP ने बाग़ियों को दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता, पूर्वांचल में झोंकी  ताकत
    भारतीय जनता पार्टी का इस समय पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश के चुनावों पर है. पार्टी किसी भी सूरत में इन चुनावों में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती. चाहे इसके लिए उसे सख्त रवैया क्यों ना अपनाना पड़े. इस बात का उदाहरण यूपी में बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने बाग़ियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाते हुए दिया है.
  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में जीत को UP में भुनाएगी BJP, नोटबंदी को बताया जा रहा है जीत की वजह
    बीजेपी का कहना है कि निगम और स्थानीय निकायों में मिली जीत नोटबंदी पर जनता का समर्थन है. यूपी चुनावों के तीन चरणों से ठीक पहले जश्न मनाकर बीजेपी यूपी के मतदाताओं को भी संदेश देना चाहती है. पार्टी का कहना है कि पूर्वी यूपी में लोगों को बताया जाएगा कि किस तरह महाराष्ट्र और ओडिशा में लोगों ने बीजेपी का समर्थन किया. बीजेपी पूरे देश में जीत रही है आप भी समर्थन करें.
  • 2014 की 'मोदी लहर' क्‍या उत्‍तर प्रदेश में दोहराई जाएगी?
    पिछले 2012 के विधानसभा चुनाव में राज्‍य की 403 सीटों में से बीजेपी को 47 सीटें मिली थीं. इस चुनाव में बीजेपी तीसरे स्‍थान पर रही थी.
  • Uttar Pradesh: मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी के खाते में हिंदू वोट की बढ़ोतरी
    यूपी की कुल आबादी में मुस्लिमों का हिस्‍सा तकरीबन 18 प्रतिशत है. ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में मुस्लिम वोट अधिक हैं.
  • बीजेपी ने किया शिवसेना की नाक में दम, अब मेयर पद को लेकर आमना-सामना
    नतीजों के दौरान घर पर बैठे हुए शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मीडिया के सवालों का सामना करने के लिए देर शाम हिम्मत जुटाई. लेकिन, तब भी वे ये कहने से नहीं चूके की बीजेपी ने सत्ता, संपत्ति और साधन का इस्तेमाल कर जीत हासिल की है.
  • BMC चुनाव नतीजे : शिवसेना के लिए हार जैसी ही जीत! अब क्या हैं गठबंधन की संभावनाएं...
    बीएमसी चुनावों के नतीजों ने भले ही शिवसेना को निराश किया हो और भाजपा को जश्न मनाने की वजह दी हो, लेकिन ये अब भी साफ़ नहीं हुआ है कि बीएमसी पर सत्ता किसकी होगी. कोई भी पार्टी जीत के लिए ज़रूरी 114 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाई है, ऐसे में सत्ता के लिए गठबंधन जरूरी है.

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