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  • महाराष्ट्र: जिस 50-50 फॉर्मूले पर टूटा BJP-शिवसेना का गठबंधन, अब उसी ब्लूप्रिंट पर राज्य में बन सकती है नई सरकार 
    महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन जिस 50-50 फॉर्मूले को लेकर टूटा, अब वही फॉर्मूला राज्य में सरकार गठन का ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है. एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी के बीच राज्य में सरकार गठन को लेकर एक सामान्य सहमति बन गई है.
  • देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की जगह ‘महाराष्ट्र के सेवक’ हो गए
    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को ट्विटर पर अपना परिचय बदलकर उसे ‘महाराष्ट्र का सेवक’ कर दिया. मुख्यमंत्री के रूप में फडणवीस ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते थे. बीजेपी और शिवसेना के बीच सत्ता की साझेदारी को लेकर सहमति नहीं बन पाने के चलते उन्होंने आठ नवंबर को पद से इस्तीफा दे दिया था.
  • शिवसेना पर हिंदुत्व का एजेंडा छोड़ने का दबाव, ऐसा होगा महाराष्ट्र की नई सरकार का स्वरूप
    महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी आखिरकार सत्ता का चक्रव्यूह भेदने में सफल रही है. इसकी वजह हैं चाणक्य शरद पवार. उनकी पार्टी को बीजेपी ने खत्म होने की कगार पर बता दिया था और कहा था कि एनसीपी को दस सीटें आएंगी. मगर 80 साल के पवार ने सारे समीकरण पलटकर रख दिए और अब शिवसेना के साथ सख्त मोल-भाव में जुट गए हैं. वैसे भी शिवसेना अब उस कगार पर पहुंच गई है जहां वह मोल भाव करने की हालत में है नहीं. सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने की जिम्मेदारी एक तरह से पवार को ही सौंप दी है. इतना जरूर है कि कहा जा रहा है कि कांग्रेस और एनसीपी के पांच-पांच नेताओं की एक कमेटी बनाई गई है.
  • महाराष्ट्र : कैसे टूटा सत्ता का चक्रव्यूह, शरद पवार कैसे बने राजनीति के चाणक्य?
    महाराष्ट्र में जैसे-जैसे सरकार बनाने के दिन बीतते जा रहे थे और बीजेपी शिव सेना में तनातनी और बढ़ती जा रही थी भारतीय राजनीति के मौजूदा चाणक्य शरद पवार सत्ता के इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए रणनीति बनाते जा रहे थे. शरद पवार इस पूरे संकट में लगातार सोनिया गांधी के संपर्क में थे. पवार ने इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए सोमवार, यानी 11 नवंबर का दिन चुना. सोनिया गांधी भी अपनी रणनीति बनाने में जुटी थीं. वे सोमवार को सुबह से ही अपने पार्टी नेताओं के साथ सलाह-मशविरा में जुटी थीं.
  • शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, कहा- सरकार बनाने के लिए BJP अभी भी कर रही संपर्क
    शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी भाजपा महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अनाधिकारिक माध्यमों से अभी भी संपर्क कर रही है.
  • महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले पर लामबंद हुआ विपक्ष
    महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले पर विपक्ष लामबंद हो रहा है. मंगलवार को मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र के गवर्नर की सिफारिश पर राष्ट्रपति से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी. अब विपक्ष ने इस फैसले को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया है.
  • झारखंड में भी झमेला : NDA में फूट उभरी, BJP से जुदा हुईं जेडीयू और एलजेपी की राहें
    महाराष्ट्र के बाद अब झारखंड में भी एनडीए के घटक दलों में आपसी फूट खुलकर सामने आ गई है. लोक जनशक्ति पार्टी ने मंगलवार को ऐलान किया को वह झारखंड की 50 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. उसने शाम होते-होते पांच उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी. पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने इसका औपचारिक ऐलान किया. लोक जनशक्ति पार्टी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले की आलोचना की है.
  • महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध : क्यों लगा राष्ट्रपति शासन? यह हैं 5 प्रमुख आधार
    महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन के लिए राज्‍यपाल की सिफारिश को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसे मंजूरी के लिए राष्‍ट्रपति के पास भेजा गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जल्द ही इस सिफारिश को मंजूरी दे दी और महाराष्ट्र में आखिरकार राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. हालांकि राज्‍यपाल की राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गई है. सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने के पीछे मुख्य रूप से पांच आधार हैं. महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक गतिरोध के दौरान पांच प्रमुख तथ्यों को आधार बनाकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश केंद्र को भेजी थी.
  • बीजेपी को 48 घंटे दिए, शिवसेना को सिर्फ 24 घंटे; राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गुहार
    महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट गहरा गया है. शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में राज्यपाल द्वारा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने के फैसले को चुनौती दी है. शिवसेना ने कहा है कि उसने NCP और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने खारिज कर दिया.
  • दादागिरी करने वाले एमएलए के पति पर कार्रवाई के बजाय एसडीएम का तबादला किया
    दतिया जिले के भांडेर में कांग्रेस विधायक के पति ने जिस एसडीएम से गाली-गलौज करके उनका फोन छीन लिया था उनका अब जिले से तबादला भी कर दिया गया है. जब्त किए गए ट्रैक्टर को छुड़ाने के लिए पहुंचे विधायक के पति ने SDM दफ्तर में हंगामा किया था. उन्होंने अधिकारी का मोबाइल फोन भी छीन लिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस पर मध्यप्रदेश सरकार ने बजाय विधायक के पति के खिलाफ कार्रवाई करने के, एसडीएम को स्थानांतरित कर दिया.
  • बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की मांग उठाई
    दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने पुरी से अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इससे दुनिया भर के श्रद्धालु अयोध्या में आकर दर्शन कर सकेंगे. एयरपोर्ट बनने से अयोध्या दुनिया के बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक होगा. इससे अयोध्या और आसपास के इलाके में विकास में मदद मिलेगी.
  • भोपाल में शहीद चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति की जगह अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने पर विवाद
    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल जिस तिराहे पर अर्जुन सिंह की मूर्ति लगाई गई है वहां पर पहले शहीद चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति थी, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था का हवाला देकर तीन साल पहले चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति को वहां से हटा दिया गया था. इस मामले में पूर्व मंत्री और नरेला से बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा कि हम भोपाल में टीटी नगर चौराहे पर स्वर्गीय चंद्र शेखर आजाद की प्रतिमा के स्थान पर स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने का घोर विरोध करते हैं और आपत्ति दर्ज कराते हैं.
  • महाराष्ट्र : शिवसेना ने उद्धव को सीएम बनाने की इच्छा के होर्डिंग लगाए, बीजेपी में भी 'इच्छा' पर मंथन जारी
    मुंबई में मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे की होर्डिंग लग गई हैं. मतलब यह कि शिवसेना की तरफ से अब उद्धव ठाकरे का नाम मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया गया है. होर्डिंग में लिखा है कि "शिवसेना का मुख्यमंत्री हो यह शिवसैनिकों की इच्छा है और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हों, यह महाराष्ट्र की आवश्यकता है.'' दूसरी तरफ बीजेपी में सरकार के गठन के लिए मंथन जारी है. बीजेपी की एक दौर की बैठक आज हो चुकी है और दूसरे दौर की बैठक शाम को होगी. इसके बाद वह सरकार बनाने के बारे में अपने फैसले से अवगत कराएगी.
  • महाराष्ट्र : शिवसेना ने बीजेपी पर साधा निशाना, पूछा- सरकार बनाने का दावा क्यों पेश नहीं कर रहे
    शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने कहा, ‘गोवा और मणिपुर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी नहीं थी लेकिन उसने सरकार का गठन किया. यह बात किसी से छुपी नहीं है कि यह सब राज्यपाल के सक्रिय सहयोग से हुआ. लेकिन महाराष्ट्र में सबसे अधिक सीटें पाने के बावजूद भी भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश क्यों नहीं कर रही?’
  • गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने पर कांग्रेस भड़की, अमित शाह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन
    केंद्र सरकार ने गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा (Gandhi Family SPG Security) हटाने का फैसला किया है. इसके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे (सरकार) सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं. गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की एसपीजी सुरक्षा हटाई जाएगी. हालांकि उनको जेड प्लस सुरक्षा दी जाएगी.
  • टीपू सुल्तान को लेकर येदियुरप्पा के रवैये पर संघ सहमत, हैदर अली को भी पुस्तकों से हटाने की मंशा
    टीपू सुल्तान की जयंती पर पाबंदी लगाने के कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के फैसले पर भले ही हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हों लेकिन लेकिन संघ परिवार येदियुरप्पा के फैसले को सही मानता है और अब मांग इस बात को लेकर उठाई जा रही है कि टीपू सुल्तान के साथ-साथ उनके पिता हैदर अली से जुड़े चैप्टर भी इतिहास की पुस्तकों से हटाए जाएं. टीपू सुल्तान की एक तस्वीर है जो कि उनकी असली तस्वीर मानी जाती है. माना जाता है कि यह चित्र जर्मन पेंटर जोहन ज़ोफानी ने 1780 में तब बनाया था जब टीपू 30 साल के थे. विवाद टीपू की तस्वीर को लेकर भी उठा और टीपू जयंती पर बीजेपी की राज्य सरकार की पाबंदी पर भी.
  • झारखंड चुनाव : हेमंत सोरेन होंगे महागठबंधन के सीएम पद का चेहरा, सीटों का बंटवारा हुआ
    झारखंड में हेमंत सोरेन महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे. महागठबंधन उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगा. यह घोषणा कांग्रेस के महासचिव और झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में की. महागठबंधन के तीनों दलों झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच सीटों का बंटवारा हो गया है. झारखंड के महागठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा 43, कांग्रेस 31 और राष्ट्रीय जनता दल 7 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. राष्ट्रीय जनता दल को देवघर, गोड्डा, कोडरमा, चतरा, बरकटा, छतरपुर और हुसैनाबाद सीटें मिली हैं.
  • महाराष्ट्र : प्रकाश अम्बेडकर राज्यपाल से मिले, लगाई गुहार- राष्ट्रपति शासन लगने से बचाएं
    महाराष्ट्र की वंचित बहुजन आघाडी (गठबंधन) के प्रमुख प्रकाश अम्बेडकर ने गुरुवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी से मुलाकात की. उन्होंने राज्यपाल से कहा कि वे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं. वर्ष 2014 में 8 नवंबर को प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाई गई थी, इसलिए उसी दिन को विधानसभा का गठन का दिन माना जाता है.
  • झारखंड विधानसभा चुनाव : बीजेपी उम्मीदवारों के नाम 9 नवंबर को तय किए जाएंगे
    बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नौ नवम्बर को शाम 6:30 बजे होगी. इस बैठक में झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के उम्मीदवारों के नाम तय होंगे. बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, थावरचंद गहलोत, बीजेपी के संगठन महासचिव बीएल संतोष, शाहनवाज़ हुसैन मौजूद रहेंगे.
  • महाराष्ट्र सरकार के गठन से भागवत का कोई नाता नहीं, सीएम तो फडणवीस ही बनेंगे : नितिन गडकरी
    केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही रस्साकशी को लेकर आज साफ कर दिया कि चूंकि ज्यादा सीटें बीजेपी की हैं इसलिए सीएम तो बीजेपी का ही बनेगा. इस विवाद को सुलझाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के हस्तक्षेप के सवाल पर गडकरी ने कहा कि उन्हें इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए. गडकरी ने उनको महाराष्ट्र भेजकर सरकार की कमान सौंपने के कयासों पर भी यह कहकर विराम लगा दिया कि वे दिल्ली में कम कर रहे हैं और महाराष्ट्र में आने का सवाल ही नहीं उठता.
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