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अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह से पहले मां की तबियत बिगड़ी

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अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह से पहले मां की तबियत बिगड़ी

अमरिंदर सिंह की मां राज माता मोहिंदर कौर (95) को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है.

खास बातें

  1. अमरिंदर सिंह की मां राज माता मोहिंदर कौर पूर्व सांसद हैं.
  2. अमरिदंर 16 मार्च को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं.
  3. पंजाब में 117 सीटों में से कांग्रेस को 77 सीट मिली हैं.
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह जहां एक तरफ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं उनकी मां तबियत बिगड़ गई है. अमरिंदर सिंह की मां राज माता मोहिंदर कौर (95) को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है. इससे पहले शाम में उन्हें कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत ठीक नहीं थी. वह पटियाला से पूर्व सांसद हैं. अमरिदंर 16 मार्च को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं.

राहुल को न्योता देने पहुंचे अमरिंदर

इससे पहले मंगलवार को अमरिंदर सिंह कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे. पंजाब में चार फरवरी हुए विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत को लेकर गांधी ने उन्हें बधाई दी. पंजाब में 117 सीटों में से कांग्रेस को 77 सीट मिली हैं. 

राहुल गांधी से 10 मिनट की मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता ने मीडिया से कहा, "यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी. बैठक के दौरान कैबिनेट के गठन पर कोई चर्चा नहीं हुई." सिंह ने राहुल को गुरुवार सुबह चंडीगढ़ में होनेवाले शपथ ग्रहण समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया. पंजाब चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी. राहुल ने विश्वास जताया कि पंजाब एक बार फिर कांग्रेस शासन के दौरान अपनी वास्तविक क्षमता तक पहुंचेगा. 

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अमरिंदर ने आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा हार को ईमानदारी से स्वीकारने से इंकार करने के लिए उसकी आलोचना की. सिंह ने कहा, "यह स्वीकार करने के बजाए कि उनकी पार्टी पंजाब के मतदाताओं से जुड़ने में नाकाम रही, (दिल्ली के मुख्यमंत्री) अरविन्द केजरीवाल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर (छेड़छाड़ का) आरोप लगा रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ईवीएम की रखवाली कर रहे थे."

उन्होंने कहा, "जहां ईवीएम रखे गए, उसके बाहर आप के कार्यकर्ता पहरेदारी कर रहे थे. यह सबूत है कि केजरीवाल विधानसभा चुनाव में मिली हार को पचा नहीं पा रहे हैं, जिससे वह अपनी राष्ट्रीय महत्वकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए लाभ लेने की उम्मीद कर रहे थे."
इनपुट: भाषा


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