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पसोपेश में नवजोत सिंह सिद्धू : कॉमेडी शो जारी रखें या मंत्री पद पर बने रहें?

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पसोपेश में नवजोत सिंह सिद्धू : कॉमेडी शो जारी रखें या मंत्री पद पर बने रहें?

नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब में मंत्री पर पर रहने के साथ-साथ कॉमेडी करने पर सवाल उठने लगे हैं.

खास बातें

  1. मामले में एडवोकेट जनरल से कानूनी सलाह लेंगे सीएम अमरिंदर सिंह
  2. सांसद केटीएस तुलसी ने सिद्धू को टीवी शो छोड़ने की सलाह दी
  3. मंत्री बनने पर भी निजी कारोबार से पैसा कमाने पर सवाल
नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब सरकार में मंत्री बनने के बाद उन्हें कॉमेडी शो में भाग लेना चाहिए या नहीं, इस अहम सवाल पर बहस छिड़ गई है. अब पंजाब के मुख्यमंत्री ने तय किया है कि वे इस मामले में एडवोकेट जनरल से कानूनी सलाह लेंगे कि सिद्धू उनकी सरकार में मंत्री रहते हुए किसी निजी टीवी शो में काम कर सकते हैं या नहीं.

इस मसले पर मंगलवार को सिद्धू ने एक अहम बयान दिया. सिद्धू ने कहा, "मैंने आईपीएल छोड़ दिया है. 70% से 80% टीवी शो छोड़ चुका हूं. अब सिर्फ एक शो करता हूं. कुछ घंटे के लिए अगर मैं शाम से सुबह तक कहीं जाता हूं तो This is nobody's business."

दरअसल कैप्टन की सरकार में शामिल होने के बावजूद कपिल शर्मा का शो छोड़ना सिद्धू को घाटे का सौदा लग रहा है. इस मसले पर बहस छिड़ने के बाद मंगलवार को सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कहा कि अगर माामला ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का बनता है तो सिद्धू शो छोड़ सकते हैं.

उधर  इस संवेदनशील मामले पर कानून के जानकार और सांसद केटीएस तुलसी ने सिद्धू को टीवी शो छोड़ने की सलाह दी है. तुलसी ने कहा, "कोड ऑफ कंडक्ट इस मामले में बिल्कुल साफ है. सिद्धू को यह तय करना होगा कि वे पंजाब सरकार में मंत्री बने रहें या फिर टीवी शो में काम करें."

पंजाब सरकार में मंत्री बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू साफ कर चुके हैं कि वे कॉमेडी शो "द कपिल शर्मा शो" में काम करना जारी रखना चाहते हैं. लेकिन क्या मंत्री बनने के बाद कोई नेता किसी निजी कारोबार या पैसे कमाने के काम में हिस्सा ले सकता है या नहीं, यह एक पेचीदा सवाल है.

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कांग्रेस में सिद्धू के सहयोगियों का मानना है कि इस मामले में उन्हें एडवोकेट जनरल की राय माननी चाहिए. पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राज्य सभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, "सिद्धू को एडवोकेट जनरल की राय के साथ चलना चाहिए. यह देखना जरूरी होगा कि conflict of interest न हो." जबकि राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि समय बदल रहा है और इस बारे में ये देखना होगा कि बदलते मापदंडों के आधार पर ऐसा करना संभव है या नहीं.  

सिद्धू के पास पंजाब सरकार में स्थानीय प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले, आर्काइव्स एवं म्यूज़ियम जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी है.


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