CM अमरिंदर ने CAA को लेकर अकाली दल को दी NDA छोड़ने की चुनौती, तो SAD ने ऐसे किया पलटवार

SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने CM पर हमला करते हुए उन्हें ‘हास्यास्पद’ बयान नहीं जारी करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से गांधी परिवार के प्रति उनकी ‘चापलूसी’ और ‘परिवार को खुश रखकर अपनी कुर्सी बचाने’ की इच्छा ही जाहिर होती है.

CM अमरिंदर ने CAA को लेकर अकाली दल को दी NDA छोड़ने की चुनौती, तो SAD ने ऐसे किया पलटवार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अरमिंदर सिंह (फाइल फोटो)

खास बातें

  • SAD को केंद्र में राजग गठबंधन छोड़ने की चुनौती दी
  • 'हास्यस्पद' बयान जारी न करे मुख्यमंत्री: शिअद प्रमुख
  • CAA के विरोध पर दिल्ली चुनाव नहीं लड़ेगी शिअद
चंडीगढ़:

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) को केंद्र में राजग गठबंधन छोड़ने की चुनौती दी. एक दिन पहले SAD ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर अपने रुख को लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election 2020) नहीं लड़ने का फैसला किया. हालांकि SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए उन्हें ‘हास्यास्पद' बयान नहीं जारी करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से गांधी परिवार के प्रति उनकी ‘चापलूसी' और ‘परिवार को खुश रखकर अपनी कुर्सी बचाने' की इच्छा ही जाहिर होती है.

वहीं पंजाब में कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ ने कहा कि दिल्ली में SAD और भाजपा के बीच गठबंधन न होना भाजपा की SAD के मौजूदा नेतृत्व से दूरी बनाने की ‘सोची-समझी रणनीति' का हिस्सा है. जाखड़ ने आरोप लगाया कि SAD के मौजूदा नेतृत्व से दूरी बरतने की यह भाजपा की सोची समझी रणनीति है, क्योंकि मादक पदार्थों की तस्करी और बेअदबी के दाग के चलते यह उन पर बोझ बन गए हैं. जाखड़ ने कहा कि SAD नेतृत्व इस पार्टी को ‘बादल अकाली दल' बनाना चाहती है.

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सिंह की चुनौती पर जवाब देते हुए SAD प्रमुख ने कहा कि वह यह स्पष्ट करें कि क्या वह सताए हुए सिखों को CAA के तहत मिलने वाली नागरिकता के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि SAD को ‘विफल' मुख्यमंत्री से किसी सीख की जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि SAD ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर सहयोगी भाजपा द्वारा उसका रुख बदलने के लिए कहे जाने की वजह से वह अगले महीने होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में नहीं उतरेगी. SAD की राय है कि मुसलमानों को SAD के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
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