छत्तीसगढ़ : भालू को गोली मारने की घटना की जांच शुरू

छत्तीसगढ़ : भालू को गोली मारने की घटना की जांच शुरू

चली गोलियों से उड़ी धूल और गिरा भालू (फाइल फोटो)

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भालू के हमले में तीन लोगों की मौत के बाद भालू को गोली मारने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के सी बेबर्ता ने बताया कि महासमुंद जिले में भालू को गोली मारने की घटना की जांच के लिए मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के मुरूगन के नेतृत्व में जांच दल का गठन किया गया है। यह जांच दल दस दिनों भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

बेबर्ता ने बताया कि भालू को मारने के लिए वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी। वन्यप्राणी सरंक्षण अधिनियम 1972 के तहत बगैर अनुमति के वन्य प्राणियों को नहीं मारा जा सकता है। इधर वन्य प्राणियों के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा की है और आरोप लगाया है कि बगैर अनुमति के भालू को गोली मार दी गई।

बिलासपुर जिले में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मंसूर खान ने कहा है कि जब वन विभाग को जानकारी थी कि क्षेत्र में भालू हैं तब उन्हें भालू और मानव के मध्य द्वंद की घटना को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करना चाहिए था। लेकिन वन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं भालू को गोली मारने से पहले उसे बचाने और जंगल में भगाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया।

इधर महासमुंद जिले के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मादा भालू ने तीन लोगों को मार डाला और उसने उनका मांस भी खाया था। भालू के आदमखोर होने के कारण ही उसे गोली मारी गई।

महासमुंद जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने कहा कि जब मादा भालू ने तीन लोगों को मार डाला तब पुलिस और वन विभाग ने उसे जंगल के भीतर भगाने की कोशिश की। लेकिन उसने लोगों पर फिर से हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे मार दिया।

कुकरेजा ने बताया कि भालू को मारने से पहले पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों से बात की थी। जिसके बाद भालू को गोली मारी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि भालू को रायफल से 40 गोली मारी गई। जिसमें 16 उसे लगी जो उसकी मौत का कारण बना।

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इस महीने की 12 की तारीख को महासमुंद जिले के पटेवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवागांव के जंगल में मादा भालू ने वन विभाग के डिप्टी रेंजर साहिल खान और दो ग्रामीण धनसिंह कंवर (65 वर्ष) और शत्रुहन सिदार (35 वर्ष) को मार दिया था। बाद में भालू को गोली मार दिया गया था।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)