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गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर फर्जी था या नहीं, CBI करेगी जांच

केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई जांच की मंजूरी दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है.

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गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर फर्जी था या नहीं, CBI करेगी जांच

राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह 24 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.

खास बातें

  1. राज्य सरकार ने मामले में सीबीआई जांच का आग्रह किया था
  2. आनंदपाल सिंह 24 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था
  3. घरवालों ने कहा था कि सरेंडर करना चाहता था आनंदपाल
जयपुर: केंद्र सरकार ने राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की जुलाई में कथित मुठभेड़ में मारे जाने की जांच सीबीआई से कराने को मंजूरी दे दी है. सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय को सूचित किया है कि मामला CBI को सौंपा जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई जांच की मंजूरी दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है.

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भाजपा की राज्य सरकार ने 24 जुलाई को एक पत्र लिखकर सीबीआई जांच का आग्रह किया था. हालांकि, सीबीआई ने 15 नवंबर को इस मामले में सबूतों की कमी का हवाला देते हुए आग्रह खारिज कर दिया था. इसके बाद राज्य सरकार ने फिर से 17 दिसंबर को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग नहीं माने जाने पर राजपूतों में असंतोष बढ़ने की बात कही थी. सरकार ने अपने पत्र में चेताया था कि सीबीआई जांच का आदेश नहीं देने से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो सकती है.

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आनंदपाल सिंह चुरु जिले के मालसर गांव में 24 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. उसके परिवार के सदस्यों ने मुठभेड़ की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे और दावा किया था कि वह समर्पण करना चाहता था फिर भी उसे मार दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने अपने बचाव में कहा था कि उसे कई बार समर्पण करने को कहा गया, लेकिन उसने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी.

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VIDEO : राजस्थान का कुख्यात अपराधी आनंदपाल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया


राजस्थान के प्रभावी राजपूत समुदाय ने उसके मारे जाने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन व सड़क को जाम किया और मुठभेड़ की जांच का दबाव बनाने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इसमें सनरद गांव में संघर्ष के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और 32 लोग घायल हो गए थे. 


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