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  • राजस्थान : COVID-19 केस बढ़ने से 11 जिलों में धारा-144 लागू, 4 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक
    सीएम गहलोत ने रविवार देर रात अपने ट्वीट में लिखा- "कल से प्रदेश के कई जिलों में धारा-144 लागू हो रही है, यह फैसला जनहित में किया गया है. मेरी सभी से अपील है कि इसे पालन करें. बल प्रदर्शन के बजाय सरकार चाहती है कि इसका पालन करने में पब्लिक आगे बढ़कर सहयोग करे. कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर यह जनहित के लिए है.
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले एक महीने के सभी व्यक्तिगत मुलाकात कार्यक्रम स्थगित किए 
    कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले एक महीने तक किसी से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं करने का फैसला किया है. गहलोत के एक महीने के सभी मुलाकात कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं. 
  • जोधपुर में NLU के छात्र की मौत की जांच CBI को सौंपने की याचिका पर फैसला सुरक्षित
    जोधपुर (Jodhpur) में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) के छात्र विक्रांत नगाइच (Vikrant Nagaich) की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केस को सीबीआई (CBI) को ट्रांसफर करने की छात्र की मां की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. कोर्ट ने मामले की जांच करने वाली राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) की केस को बंद करने के लिए फाइनल रिपोर्ट पर नाराजगी जताई.
  • राजस्थान : नजदीकी होटलों को भी कोविड देखभाल केंद्र के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे निजी अस्पताल
    कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बिस्तर संख्या बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने निजी अस्पतालों को अपने निकटवर्ती होटलों का इस्तेमाल कोविड देखभाल केंद्र के रूप में करने की अनुमति शनिवार को दे दी. इस तरह के केंद्रों में लक्षणमुक्त मरीजों को रखा जा सकेगा.
  • राजस्थान में कोविड-19 के गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त में इलाज
    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में कोविड-19 के गंभीर रोगियों को जरूरत होने पर निजी अस्पतालों में भी मुफ्त में इलाज मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की उचित व्यवस्थाएं की हैं. इसके बाद भी भविष्य में और बेड की आवश्यकता होने पर निजी अस्पतालों से सहयोग लिया जाए.
  • सचिन पायलट ने इशारों-इशारों में फिर सब कुछ कह दिया?
    राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट सहित उनके कैंप के 18 विधायकों की वापसी के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल कर लिया है. यानी अब अशोक गहलोत सरकार को अब कोई संकट नहीं है.. आज जब 11 बजे राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो बैठने की व्यवस्था की गई कि सचिन पायलट विपक्ष के नेताओं के करीब पहुंच गए. दरअसल अब वो कैबिनेट का हिस्सा नही हैं और उनको उप मुख्यमंत्री पद से भी हटा दिया गया था. वो पहले सत्तापक्ष में सीएम गहलोत की कुर्सी के पास बैठते थे. आज सदन के इस नजारे पर  उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने हालिया राजनीतिक व अन्य घटनाक्रम, पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा नोटिस दिए जाने सहित अनेक बातों में पायलट का जिक्र किया. इस पर सचिन पायलट ने उन्हें बीच में टोकते हुए 'वह (राठौड़) बार- बार मेरा नाम ले रहे हैं. मैंने सोचा कि हमारे अध्यक्ष व मुख्य सचेतक ने मेरी सीट यहां क्यों रखी है? मैंने दो मिनट सोचा और फिर देखा कि यह सरहद है एक तरफ पक्ष है और दूसरी तरफ विपक्ष.... तो सरहद पर किसको भेजा जाता है.  सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.' पायलट ने कहा, 'आज इस विश्वास मत में जो चर्चा हो रही है...उसमें बहुत से बातें बोली गयीं बहुत सी बातें बोली जाएंगी. समय के साथ साथ सब बातों का खुलासा होगा.'
  • राजस्थान सरकार के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा- गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया
    सचिन पायलट की वापसी के बाद राजस्थान में कांग्रेस का आत्मविश्वास चरम पर है. सरकार की ओर से विश्वास मत का प्रस्ताव सदन में पेश कर दिया गया है. जिस पर चर्चा जारी है. बीजेपी और कांग्रेस की ओर से चार-चार विधायकों को बोलेंगे.  संसदीय कार्यमंत्री और सीएम गहलोत के सबसे करीबियों में से एक शांति धारीवाल ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, हमने यहां मध्य प्रदेश या गोवा की तरह नहीं होने दिया. जिस तरह से महाराणा प्रताप ने हराया था उसी तरह से अशोक गहलोत ने भी हराया  गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया है.'इसके साथ ही शांति धारीवाल ने कहा गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी पर हमला बोला. इससे पहले सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई.
  • राजस्‍थान: जीत की कोई उम्‍मीद नहीं होने के बावजूद बीजेपी इस‍लिए लाना चाहती है अविश्‍वास प्रस्‍ताव..
    जानकारी के अनुसार, बीजेपी ने इस संभावना पर चर्चा की है कि गहलोत विश्‍वास प्रस्‍ताव लगाए और इसे 'वाइस वोट' के आधार पर पास करा लेंगे. ऐसे में विपक्ष के पास अहम मुद्दों को उठाने का मौका ही नहीं बचेगा. बीजेपी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि उसकी रणनीति बहस के लिए जोर देकर गहलोत सरकार को कोरोना वायरस सहित अहम मुद्दों पर 'बैकफुट' में लाने की है.
  • राजस्थान : पायलट से मिलकर बोले CM गहलोत - जो बातें हुईं भूल जाओ, क्योंकि अपने तो अपने होते हैं...
    सीएम ने बैठक में कहा, 'जो बातें हुई उन्हें अब भूल जाओ हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन फिर वह खुशी नहीं मिलती क्योंकि अपने तो अपने होते हैं.' इसके पीछे गहलोत का संदेश बीतों बातों यानी कड़वाहट को भुलाकर आगे को ओर देखने का रहा.
  • राजस्‍थान: कांग्रेस में सुलह के बाद गहलोत और पायलट साथ, मिलाए हाथ, बिखरी मुस्कुराहटें..
    केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सीएम अशोक गहलोत और उनकी पूर्व डिप्‍टी सचिन पायलट की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और दोनों नेता मुस्‍कुराए. पायलट इस बैठक के लिए सीएम गहलोत के आधिकारिक आवास (CM Ashok Gehlot's residence) पहुंचे थे .
  • पिता को नोटिस मिलने के बाद राजस्थान परिवहन मंत्री प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे
    राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास बुधवार को जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे क्योंकि निदेशालय ने उनके पिता को नोटिस दिया था. खाचरियावास ने कहा कि प्रर्वतन निदेशालय की ओर से उनके पिता को नोटिस मिला है इसलिये वे निदेशालय कार्यालय जा रहे हैं. उन्होंने भाजपा सरकार पर संस्थानों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया.
  • राजस्‍थान: राहुल गांधी की सचिन पायलट से भेंट के बाद बन गई बिगड़ी बात, अब 'ऑल इज वेल!', 10 बातें
    राजस्‍थान में करीब एक माह से चल रहे सियासी संकट का समाधान निकलने से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है. पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की बागी तेवर अख्तियार किए हुए सचिन पायलट के साथ चर्चा के बाद पूरी तरह से बिगड़ती लग रही बात बन गई और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री की ससम्‍मान 'घरवापसी' का रास्‍ता साफ हुआ. इसके घटनाक्रम के साथ ही अशोक गहलोत की सरकार पर मंडरा संकट टल गया और राजस्‍थान में सियासी उलटफेर की उम्‍मीद लगा रही बीजेपी की उम्‍मीदों पर पानी फिर गया.
  • NDTV से सचिन पायलट: मैं हमेशा अशोक गहलोत का सम्मान करता रहा हूं, उनसे मुस्करा के मिलूंगा
    राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सचिन पायलट (Sachin Pilot) को निकम्मा और नकारा कहा था. इस पर सचिन पायलट का कहना है कि ''मुझे तकलीफ है कि मुझे निक्कमा, नकारा कहा गया. मैं काफ़ी आहत था. एक व्यक्ति के तौर पर मुझे बहुत दुख हुआ. पर मेरी परवरिश में मुझे हमेशा बड़ों का सम्मान करना सिखाया गया और मैं सम्मान करता रहूंगा. गहलोत जी मुझसे बहुत बड़े हैं.''  सचिन पायलट ने मंगलवार को NDTV से खास बातचीत में एक सवाल के जवाब में यह बात कही. 
  • ..तो इस वजह से विधानसभा सत्र से पहले अशोक गहलोत से नहीं मिल सकेंगे सचिन पायलट
    आज शाम जब सचिन पायलट जयपुर में होंगे तो अशोक गहलोत ने जैसलमेर में अपने ख़ेमे के विधायकों के साथ रात में रुकने का फ़ैसला किया हैं. मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने शाम 7:30 बजे जैसलमेर में सूर्यगढ़ होटल में विधायक दल की बैठक भी बुलाई है. संभव है कि कल गहलोत ख़ेमे के विधायक जयपुर पहुंचें और वापस विधानसभा सत्र तक Fairmont resort में रहें.
  • राजस्‍थान संकट: अशोक गहलोत बोले, 'यदि पार्टी ने माफ कर दिया है तो बागियों का स्‍वागत करूंगा'
    सीएम ने आज इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी कि वे उसके साथ वापस काम कैसे करेंगे जिसे उन्‍होंने 'निकम्‍मा' करार दिया था. गहलोत ने कहा कि उन विधायकों की शिकायतों को सुनना उनकी जिम्‍मेदारी है जो उनसे नाराज हैं. बागियों के साथ सुलह के बारे में पूछे सवाल पर सीएम ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्‍व इन विधायकों को माफ कर दिया है तो वे इन विधायकों को गले से लगाएंगे.
  • सचिन पायलट का एक कदम पीछे हटना क्या अशोक गहलोत के 'नहले पर दहला' है?
    राजस्थान में अपनी ही पार्टी से बगावत कर गहलोत सरकार और पार्टी आलकमान के लिए मुश्किल खड़ी कर चुके सचिन पायलट के लिए भी राह आसान  नहीं थी. समीकरण कुछ ऐसे बन रहे थे कि जहां बीजेपी उनको साथ लेने में ना-नुकुर दिखा रही थी तो दूसरी ओर अशोक गहलोत ने भी उनके खिलाफ दल-बदल कानूना का फंदा कसने की पूरी तैयारी कर ली थी. मतलब बागी सचिन पायलट और उनके साथ के विधायकों के सामने फिलहाल 'माया मिली न राम' वाले हालात बनते जा रहे थे. लेकिन सीएम अशोक गहलोत और उनके खेमे के विधायक यही चाहते भी थे कि सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति से किसी तरह सफाया हो जाए.
  • राजस्थान : सचिन पायलट की वापसी के बाद कांग्रेस के लिए फिर बड़ी मुश्किल!
    दिल्ली में सचिन पायलट की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उनकी कांग्रेस से नाराजगी दूर हो गई है. पार्टी उनकी बगावत को शांत कर राहत की सांस ले पाती कि इससे पहले राजस्थान से एक और खबर आ गई है. अब अशोक गहलोत के खेमे के विधायक जो इस समय जैसलमेर के होटल में हैं, इस नए घटनाक्रम से नाराज हो गए हैं. दरअसल रविवार को हुई कांग्रेस विधायकों की बैठक में सीएम अशोक गहलोत के करीबी और कैबिनेट मंत्री ने कहा था कि अब बागी विधायकों की वापसी वे नहीं चाहते हैं.
  • राजस्थान में सचिन पायलट की 'घर वापसी' के पीछे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे फैक्टर
    Rajasthan Crisis: कांग्रेस (Congress) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) के विद्रोह और इससे उपजे संकट के हालात एक महीने तक बने रहे. इसके पीछे राजस्थान में भाजपा (BJP) की वास्तविकता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhara Raje Scindia) की अहम भूमिका थी. राजस्थान विधानसभा में शक्ति परीक्षण की संभावना से ठीक चार दिन पहले सचिन पायलट की राहुल गांधी के साथ मुलाकात ने सुलह के लिए मंच तैयार कर दिया.
  • राजस्‍थान संकट: 'डील' वाले ऑडियो टेप का हिस्‍सा बताए गए बागी MLA ने अब कहा, 'मैं गहलोत के साथ हूं'
    ऑडियो टेप के झूठे होने की बात दोहराते हुए शर्मा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'मैं अशोक गहलोत के साथ हूं.' शर्मा को कथित टेप में मामले के 'मिडिलमैन' संजय जैन के साथ डील के बारे में बात करते सुना गया था.
  • राजस्थान के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर बीजेपी नेता ने कहा, आज नहीं तो कुछ महीने बाद...
    Rajasthan Crisis: कांग्रेस और राजस्थान में सचिन पायलट (Sachin Pilot) की अगुवाई वाले उसके असंतुष्ट खेमे के बीच सुलह होने के संकेतों के बीच भाजपा ने अपने विभिन्न विकल्पों पर विचार मंथन शुरू कर दिया है और 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश में जुटी है.
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