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जयपुर में जीका वायरस का कहर, मरीजों की संख्या बढ़कर 60 हुई, बरतें यह सावधानी

जयपुर में जीका वायरस से (Zika Virus) संंक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. 5 और नये मामले सामने आने के बाद इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 60 हो गयी है.

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जयपुर में जीका वायरस का कहर, मरीजों की संख्या बढ़कर 60 हुई, बरतें यह सावधानी

जयपुर में जीका वायरस (Zika Virus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

नई दिल्ली :

जयपुर में जीका वायरस से (Zika Virus) संंक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. 5 और नये मामले सामने आने के बाद इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 60 हो गयी है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को इस बारे में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह नया आंकड़ा जारी किया. विभागीय अधिकारियों के अनुसार कुल 60 रोगियों में से 45 मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गये हैं. गुप्ता ने बताया कि शनिवार तक शास्त्रीनगर के 76 हजार आवासीय मकानों में घर-घर सर्वेक्षण किये जा चुके हैं. 64 हजार घरों में मच्छरों का लार्वा पाये जाने पर उसे नष्ट किया गया. राजधानी में जीका वायरस संक्रमण के ज्यादातर मामले शास्त्रीनगर इलाके में सामने आए हैं जहां फोगिंग व अन्य एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं. 

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आपको बता दें कि जीका वायरस डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की ही तरह मच्छरों से फैलता है. यह एक प्रकार का एडीज मच्छर ही है, जो दिन में सक्रिय रहते हैं. अगर यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काट लेता है, जिसके खून में वायरस मौजूद है, तो यह किसी अन्य व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकता है. मच्छरों के अलावा असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित खून से भी जीका बुखार या वायरस फैलता है. जीका वायरस से संक्रमित कई लोग खुद को बीमार महसूस नहीं करते. लेकिन इसके आम लक्षण डेंगू बुखार की ही तरह होते हैं. जैसे थकान, बुखार, लाल आंखे, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और शरीर पर लाल चकत्ते. 

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जीका वायरस से बचने के लिए क्या करें?
जीका वायरस को फैलाने वाले मच्छर से बचने के लिए वही उपाय हैं जो आप डेंगू से बचने के लिए करते आए हैं. जैसे मच्छरदानी का प्रयोग, पानी को ठहरने नहीं देना, आस-पास की साफ-सफाई, मच्छर वाले एरिया में पूरे कपड़े पहनना, मच्छरों को मारने वाली चीज़ों का इस्तेमाल और खून को जांचे बिना शरीर में ना चढ़वाना.  (इनपुट- भाषा से भी)

 


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