वसुंधरा सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सचिन पायलट ने कहा- हम इसे लागू नहीं होने देंगे

आपको बता दें कि इस अध्यादेश को विधानसभा में पेश किया गया है जिसके तहत सीआरपीसी में संशोधन के इस बिल के बाद सरकार की मंज़ूरी के बिना नेताओं और अफसरों खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कराया जा सकेगा.

वसुंधरा सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सचिन पायलट ने कहा- हम इसे लागू नहीं होने देंगे

फाइल फोटो

जयपुर:

कांग्रेस नेता सचिन पायलट    ने कहा है कि उनकी पार्टी पूरी ताकत से वसुंधरा राजे सरकार के उस अध्यादेश का विरोध करेगी जिसमें नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने से पहले राज्य सरकार से इजाजत लेने के प्रावधान है. उन्होंने कहा है कि यह एक काला कानून है जिसके जरिए चार साल के भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की जा रही है. पायलट ने कहा कि एक ओर तो पीएम मोदी कहते हैं कि न खाउंगा और न खाने दूंगा दूसरी और उन्हीं की पार्टी की मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के दरवाजे खोल दिए हैं. हम इस अध्यादेश को लागू नहीं होने देंगे. 
 

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आपको बता दें कि इस अध्यादेश को विधानसभा में पेश किया गया है जिसके तहत सीआरपीसी में संशोधन के इस बिल के बाद सरकार की मंज़ूरी के बिना नेताओं और अफसरों खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कराया जा सकेगा. यही नहीं, जब तक एफआईआर नहीं होती, प्रेस में इसकी रिपोर्ट भी नहीं की जा सकेगी. ऐसे किसी मामले में किसी का नाम लेने पर दो साल की सज़ा भी हो सकती है. इसका विरोध जारी है. एक बयान जारी कर एडिटर्स गिल्ड ने इस का विरोध किया है. विपक्ष भी इसे लाए जाने का विरोध कर रहा है.
 
वीडियो : वसुंधरा राजे सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर
राजस्थान सरकार ने इस पर सफाई भी दी है.
नया अध्यादेश भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए नहीं
बिल दुर्भावना के मक़सद से होने वाली मुकदमेबाज़ी रोकने के लिए
2013 से 2017 के बीच सेक्शन 156(3) के तहत हुए 73% केस पुलिस ने बंद किए
ये केस गलत पाए गए, दुर्भावना के मकसद से दायर किए गए
साढ़े तीन साल में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 1158 केस दायर किए 
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 818 सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के तहत पकड़ा

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