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राजस्थान

  • कर्नाटक के बाद एक बार फिर दिखेगी विपक्षी एकता, जानें- राजस्थान, MP और छत्तीसगढ़ में शपथ ग्रहण में कौन-कौन होगा शामिल
    कांग्रेस ने शुक्रवार को एलान किया था कि अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री और सचिन पायलट बतौर डिप्टी सीएम शपथ लेंगे. दोनों ही सोमवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल परिसर में शपथ लेंगे. मध्य प्रदेश में कमलनाथ बतौर सीएम दोपहर करीब 1.30 बजे लाल परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण करेंगे. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का एलान रविवार दोपहर किया जाएगा, यहां शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम करीब 4.30 होगा.
  • जयपुर में तीन जगह बम की सूचना से हड़कंप, पुलिस को अफवाह की आशंका
    जयपुर के तीन इलाकों में बम रखे होने की एक कथित सूचना से शनिवार को पुलिस में हड़कंप मच गया. पुलिस ने तुरत फुरत उक्त इलाकों की घेराबंदी कर दी और वहां से वाहनों की आवाजाही रोक दी. पुलिस के अनुसार एक अज्ञात व्यक्ति ने शनिवार देर शाम नियंत्रण कक्ष में फोन किया कि चांदपोल के हनुमान मंदिर, सांगानेरी गेट व जयपुर हवाई अड्डे पर बम रखे हुए हैं.
  • अशोक गहलोत होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री, सचिन पायलट चुने गए डिप्टी सीएम
    राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद से ही इस बात पर सबकी नजरें टिकीं थीं कि आखिर राजस्थान का सीएम कांग्रेस किसे बनाती है. मगर अब राजस्थान के सीएम पर से सस्पेंस खत्म हो गया है. राहुल गांधी ने अशोक गहलोत के नाम पर मंजूरी दे दी है.
  • राजस्थान का 'पायलट' कौन? पर बोले अशोक गहलोत- BJP ने यूपी में 7 दिन लगाए थे
    राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कांग्रेस के भीतर माथापच्ची जारी है. राजस्थान की कमान अशोक गहलोत के हाथ में होगी या सचिन पायलट संभालेंगे सत्ता की कमान, इस पर अबब भी संशय बना है. हालांकि, माना जा रहा है कि आज राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद इस बात पर फैसला हो जाएगा कि अशोक गहलोत या फिर सचिन पायलट. हालांकि, राजस्थान के लिए सीएम का नाम तय नहीं होने पर कांग्रेस की आलोचनाएं भी हो रही हैं और बीजेपी इस पर हमला बोल रही है. इसके जवाब में खुद अशोक गहलोत सामने आए हैं. 
  • सचिन के पक्ष में सड़कों पर उतरा गुर्जर समुदाय, सीएम नहीं बनाने पर कांग्रेस को बर्बाद करने की धमकी
    मध्य प्रदेश में भले ही कांग्रेस ने काफी माथापच्ची के बाद सीएम के नाम का ऐलान कर दिया हो, मगर राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में अब भी दुविधा बनी हुई है.  आज यानी शुक्रवार को फिर राजस्थान के सीएम के नाम को लेकर राहुल गांधी के घर बैठक होनी है. मुख्यमंत्री पद के दोनों दावेदार अशोक गहलोत और सचिन पायलट दिल्ली में ही जमे हुए हैं. देर रात भी दोनों नेता राहुल गांधी के घर पहुंचे, मगर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई. इससे पहले गुरुवार के दिन में भी दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाक़ात कर अपनी-अपनी दावेदारी पेश की. हालांकि, अब सचिन पायलट के समर्थन में लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं और सचिन को मुख्यमंत्री न बनाए जाने पर अंजाम भुगतने की भी धमकी दे रहे हैं. 
  • मुख्यमंत्री पर मंथन : राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे अशोक गहलोत, सचिन पायलट डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ पर सस्‍पेंस
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री के नाम पर बना सस्पेंस खत्म हो गया है और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अनुभव को तरजीह देते हुए कांग्रेस ने कमलनाथ के नाम को मुख्यमंत्री पद लिए हरी झंडी दे दी है. हालांकि, राजस्थान (Rajasthan) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) पर फैसला अभी भी बाकी है. राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सुबह से शुरू हुआ सियासी ड्रामा देर रात तक चला. मगर तब भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों पर फैसला शुक्रवार के लिए टाल दिया है क्योंकि वह इस विषय पर पार्टी नेताओं से और चर्चा करना चाहते हैं. सूत्रों के अनुसार गांधी ने छत्तीसगढ़ के नये मुख्यमंत्री पर फैसला करने के लिए गुरुवार को प्रदेश के पार्टी नेताओं से चर्चा की मगर दावेदारों से और चर्चा करने के लिए फैसला शुक्रवार के लिए टाल दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों अशोक गहलोत और सचिन पायलट के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन उनके बीच कोई सहमति नहीं बन पायी. पायलट ने इस शीर्ष पद के लिए दावा किया. राहुल गांधी के निवास के बाहर पायलट के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे भी लगाए.
  • जनता ने चंदा देकर चुनाव लड़वाया और बीजेपी-कांग्रेस को धूल चटाकर विधायक बन गया यह कर्जदार किसान
    लोकतंत्र में सब संभव है. राजस्थान के विधानसभा चुनाव में एक विरला उदाहरण सामने आया जहां एक कर्ज से दबे रहने वाले किसान ने बीजेपी और कांग्रेस के दमदार उम्मीदवारों को धूल चटा दी. और चुनाव में भी इस किसान को कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी. चुनाव पर भारी व्यय करने में असमर्थ यह किसान जनता द्वारा एकत्रित पैसों से चुनाव लड़ा और विधायक चुना गया.
  • जनता ने चंदा देकर चुनाव लड़वाया और बीजेपी-कांग्रेस को धूल चटाकर विधायक बन गया यह कर्जदार किसान
    लोकतंत्र में सब संभव है. राजस्थान के विधानसभा चुनाव में एक विरला उदाहरण सामने आया जहां एक कर्ज से दबे रहने वाले किसान ने बीजेपी और कांग्रेस के दमदार उम्मीदवारों को धूल चटा दी. और चुनाव में भी इस किसान को कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी. चुनाव पर भारी व्यय करने में असमर्थ यह किसान जनता द्वारा एकत्रित पैसों से चुनाव लड़ा और विधायक चुना गया.
  • सचिन पायलट नहीं, बल्कि अशोक गहलोत हो सकते हैं राजस्थान के मुख्यमंत्री: सूत्र
    राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति साफ होती दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और इसका ऐलान आज जयपुर में किया जाएगा. हालांकि, अभी भी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है कि अशोक गहलोत ही सीएम बनेंगे या फिर सचिन पायलट. सूत्रों की मानें तो अभी दोनों नेता दिल्ली में ही मौजूद हैं और सचिन पायलट अभी भी सीएम पद की मांग पर अड़े हैं. सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों ही मुख्यमंत्री की रेस में थे. विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद पर फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया गया था. गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर बैठकों के कई दौर चले. बताया जा रहा है कि बैठक में राजस्थान की कमान गहलोत को सौंप देने का फैसला किया गया. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 
  • कांग्रेस इस फार्मूले से कमलनाथ-सिंधिया से लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट को साधने की तैयारी में ?
    मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के फार्मूले से अशोक गहलोत, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा सचिन पायलट को साध सकते हैं.
  • MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कौन होगा मुख्यमंत्री? जानें राहुल गांधी ने क्या जवाब दिया
    मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी जीत की घोषणा के एक दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नामों पर दुविधा में है. राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट, मध्य प्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव में मुख्यमंत्री के नाम को को लेकर रेस जारी है. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही लेंगे. तीन राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम पर राहुल गांधी ने पहली प्रतिक्रिया दी है.  
  • तीन राज्यों में भाजपा की हार के बाद बोले उपेंद्र कुशवाहा- BJP की उल्टी गिनती शुरू
    पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. हिन्दी भाषी तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार के बाद उन्होंने यह बात कही. दो दिन पहले भाजपा से नाता तोड़ चुके कुशवाहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह कैबिनेट का रबड़ स्टाम्प के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पिछड़े वर्गों को धोखा और बिहार को सिर्फ जुमले दे रहे हैं.
  • कमलनाथ होंगे मध्‍यप्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री, छत्तीसगढ़ और राजस्‍थान पर फैसला आज
    राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के नाम पर कांग्रेस आधिकारिक तौर पर अभी दुविधा में हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर पिछले दो दिनों से बने सस्पेंस में अब स्थिति साफ होती हुई दिख रही है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सीएम की रेस में कमलनाथ सबसे आगे चल रहे हैं, इनका नाम जल्द ही घोषित किया जा सकता है.
  • MP में कमलनाथ का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल तो राजस्थान में ये हैं CM की रेस में आगे
    राजस्थान में स्थिति थोड़ी कठिन दिख रही है, क्योंकि यहां आलाकमान को तजुर्बे और युवा शक्ति में से एक को चुनना होगा. अशोक गहलोत पहले भी राजस्थान के सीएम रह चुके हैं और उन्हें काफी अनुभव है, वहीं सचिन पायलट राजस्थान में युवाओं के चहते हैं. इसके अलावा कांग्रेस नेतृत्व के भी वह पसंदीदा चेहरे हैं. दिल्ली से भेजे गए पार्टी पर्यवेक्षक भी लौट आए हैं. आज नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर नेताओं के नाम बताएंगे. वहीं राहुल गांधी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को ऑडियो मैसेज भेजकर सीएम के नाम पर राय मांगी है.
  • राजस्थान में मुख्यमंत्री पर रस्साकशी: अशोक गहलोत और सचिन पायलट दिल्ली पहुंचे, राहुल से करेंगे मुलाकात
    राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी कांग्रेस मुख्यमंत्री के नाम पर फंसी हुई नजर आ रही है. राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में अब भी असमंजस बरकरार है. आज यानी गुरुवार की सुबह अशोक गहलोत और सचिन पायलट दिल्ली के लिए रवाना हुए. सचिन पायलट भी दिल्ली आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दोनों नेता आज राहुल गांधी से मिलेंगे. माना जा रहा है कि राहुल गांधी सचिन पायलट और अशोक गहलोत के साथ बातचीत करेंगे और फिर मुख्यमंत्री पर जारी माथापच्ची को लेकर कोई हल निकालेंगे. बताया यह भी जा रहा है कि 10 बजे कांग्रेस जेनरल सेक्रेटरी की बैठक है और इसमें पर्यवेक्ष भी शामिल रहेंगे. सूत्रों की मानें तो राजस्थान में सीएम पद की रेस में अशोक गहलोत आगे चल रहे हैं, मगर सचिन पायलट उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. 
  • राजस्थान: देश के पहले और इकलौते 'गाय मंत्री' भी नहीं बचा पाए अपनी सीट, जानें- क्या रही हार की वजह
    सिरोही सीट से चुनावी मैदान में उतरे देवासी को निर्दलीय उम्मीदवार ने करीब 10 हजार वोटों से हरा दिया. बतौर गाय मंत्री देवासी का कार्यकाल काफी विवादों में रहा है. उनके कार्यकाल में भूख और बीमारी की वजह से सैंकड़ों गायों की मौत हुई थी. हमेशा पारंपरिक वेशभूषा में नजर आने वाले देवासी लाल पगड़ी और सफेद धोती पहनते हैं. देवासी नेता होने के साथ-साथ अध्यात्म से भी जुड़े हुए हैं. देवासी ने साल 2008 में सिरोही विधानसभा से चुनाव लड़ा था और साल 2013 में भी इसी सीट से जीते थे. लेकिन इस बार निर्दलीय उम्मीदवार संयम लोढ़ा ने उन्हें दस हजार वोट से हरा दिया. देवासी को 71019 वोट मिले, जबकि लोढ़ा को 81272 वोट हासिल किए.
  • MP-राजस्थान में 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री' पर माथापच्ची जारी, अब है राहुल की 'अग्नि परीक्षा', 10 बड़ी बातें
    दरअसल, तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है मुख्यमंत्री का  चुनाव करना, जिस पर लगातार माथापच्ची जारी है. हालांकि, बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुख्यमंत्री का फैसला राहुल गांधी करेंगे. हालांकि, यह इतना भी आसान होता नहीं दिख रहा है. क्योंकि राहुल गांधी के लिए यह किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है. इसकी वजह यह है क्योंकि राहुल गांधी अक्सर युवाओं की बात करते हैं. अब उनके सामने असली चुनौती है कि वह अनुभव और तजुर्बे को तरजीह दें या फिर युवा और उसके जोश को. बहरहाल आज तस्वीर साफ हो जाएगी. बता दें कि बुधवार को राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधायक दलों की बैठक हुई और फिर इस बात पर सहमती बनी कि अंतिम फैसला राहुल गांधी ही करेंगे. बता दें कि राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मामला फंसा हुई है. सूत्र ऐसा बता रहे हैं कि दो तिहाई विधायक चाहते हैं कि सचिन पायलट ही मुख्यमंत्री बनें. उधर, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में टक्कर चल रही है. 
  • दिनभर माथापच्ची के बाद भी राजस्थान, MP में मुख्यमंत्री पर नहीं बनी बात, राहुल गांधी करेंगे फैसला
    विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर माथापच्ची चल रही है. मंगलवार को आए चुनावी नतीजों के बाद बुधवार के दिन बैठकों का दौर चला. मध्यप्रदेश के भोपाल में और राजस्थान के जयपुर में दिन भर चली मैराथन बैठकों के बाद भी मुख्यमंत्री का फैसला नहीं हो सका. राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों जगहों पर सीएम के दो-दो उम्मीदवार हैं. एक तरफ अशोक गहलोत और सचिन पायलट हैं, तो वहीं दूसरी ओर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. विधायक दल की बैठक के बाद जब निष्कर्ष नहीं निकला, तब यह तय हुआ कि पार्टी आलाकमान यानि राहुल गांधी सीएम का अंतिम फैसला करेंगे. इस बीच देर शाम राहुल गांधी ने ऑडियो संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से उनकी राय पूछी. उन्होंने सवा 7 लाख कार्यकर्ताओं को ऑडियो संदेश भेजकर कहा कि उनकी राय गोपनीय रखी जाएगी.
  • Election Result 2018: छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा, तो इस राज्य में सबसे कम मतदाताओं ने किया NOTA का इस्तेमाल
    पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिये मंगलवार को हुई मतगणना (Assembly Election Results 2018) में सभी उम्मीदवारों को खारिज करने (NOTA) के विकल्प को भी मतदाताओं ने तरजीह दी. चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव परिणाम के मुताबिक छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Election Results) में सर्वाधिक 2 प्रतिशत वोट नोटा के खाते में गए. यहां कुल 2 लाख 82 हजार 744 लोगों ने नोटा  का बटन दबाया. वहीं, मिजोरम (Mizoram Election Results) में नोटा का प्रतिशत सबसे कम (0.5 प्रतिशत) दर्ज किया गया. मिजोरम में कुल 2917 मतदाताओं ने नोटा बटन दबाया. 
  • जीएसटी, नोटबंदी समेत इन कारणों से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डूबी BJP की लुटिया
    जाहिर सी बात है कि बीजेपी भी उन कमियों की तलाश में होगी, जिसकी वजह से उसे इतनी ब़ड़ी हार मिली और एक ही झटके में तीन बड़े राज्य उसके हाथ से चले गए. इसके अलावा, अब सबके मन में हार-जीत के कारणों को जानने की इच्छा होगी. आखिर क्या वजह रही कि बिना गठबंधन के भी कांग्रेस ने इन राज्यों में जीत दर्ज की है. पिछले एक साल से अब तक क्या बदला है..क्या वो फैक्टर्स हैं जिन्होंने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया, तो चलिए जानते हैं...
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