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आपके सवाल, रवीश के जवाब

प्राइम टाइम एंकर, तीन बार रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित, 20 साल की पत्रकारिता, ब्लॉगर, फेसबुक पेज @RavishKaPage, ट्विटर @ravishndtv, लेखक - The Free Voice, इश्क़ में शहर होना.

सवाल

गठबंधन सरकार की क्या कमियां होती हैं...?

Dilip kumar singh
जवाब

@Dilip kumar singh , गठबंधन की सरकार की भी वही कमियां हो सकती हैं, जो एक दल की हो सकती हैं. एक दल की सरकार मनमानी भी कर सकती है, मगर गठबंधन की सरकार खींचतान में ही उलझी रह सकती है. भारत में गठबंधन की सरकारों की उपलब्धियां भी किसी एक दल के बहुमत वाली सरकार से कम नहीं रही हैं. ऐसा नहीं है कि गठबंधन की सरकार रहती है, तो देश नहीं चलता है. इन सबके बीच आपको देखना होगा कि दोनों की नीतियां क्या हैं. बेहतर है, आप राजनीति को नीतियों से देखें, नेता से नहीं. अगर आप सिर्फ नेता से देखेंगे, तो कोई फ्रॉड भी रंग-रूप बदलकर आपका विश्वास हासिल कर सकता है. आज न कल, हम सभी को नीतियों पर लौटकर आना ही होगा, उसी को लेकर बहस करनी होगी कि फलां नीति से किसे क्या फायदा है.

सवाल

कभी एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार, दूर के रिश्तेदारों तक के बारे में रिपोर्टिंग कीजिए... लोगों को पता चलना चाहिए कि PM मोदी ने कितना पैसा बनाया है...?

Sandeep
जवाब

@Sandeep , मेरी प्रधानमंत्री के परिवार में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं राजनीति को कथा-कहानी की तरह नहीं देखता. उनके परिवार की राजनीति में कोई भूमिका होती, तो ज़रूर देखता. मुझे अच्छा लगता, अगर प्रधानमंत्री की मां उनके साथ रहतीं. क्या आप प्रधानमंत्री बन जाने पर मां को साथ नहीं रखेंगे. कांशीराम ने अपने हाथों से एक आंदोलन बनाया, BSP बनाई और उसकी सरकार बनी, लेकिन वह अपने परिवार को लेकर न तो रोते थे, न गाते थे. तो ऐसे कई उदाहरण हैं.

सवाल

क्या आपको लगता है कि सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का भरसक प्रयास किया है...?

Shiva Verma
जवाब

@Shiva Verma , सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का कोई प्रयास नहीं किया है. ऐसा होता, तो किसानों को आंदोलन नहीं करना पड़ता. योजनाओं के ऐलान कर देने से प्रयास नहीं हो जाता है, या फिर स्लोगन गढ़ देने से प्रयास नहीं हो जाता. खेती की अर्थव्यवस्था में कोई बुनियादी बदलाव आया हो, तो मुझे भी बताएं. किसानों की मौजूदा आमदनी 2,000 मासिक के आसपास है. 2022 में इसे 4,000 कर देने के प्रयास या नारे को क्या आप पर्याप्त मानेंगे...?

सवाल

सर, EVM को बैन करने के लिए क्या करना चाहिए, और यह कैसे बैन हो सकती है...?

Subhash gowardhan
जवाब

@Subhash gowardhan , जर्मनी की सर्वोच्च अदालत का एक फैसला है. वहां भी मशीन से चुनाव कराने का प्रयोग हुआ था, मगर कोर्ट ने सिर्फ इस आधार पर इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया, क्योंकि मशीन की प्रक्रिया को समझने के लिए खास योग्यता की ज़रूरत होती है. अगर मशीन के किसी सिस्टम को समझने के लिए सभी नागरिक बराबर योग्य नहीं हैं, तो सही नहीं है. जैसे कम्प्यूटर का विद्वान तो चिप समझता है, मगर आम आदमी चिप नहीं समझता है. कोर्ट का मानना था कि चुनाव की प्रक्रिया में भागीदारी में बराबरी होनी चाहिए. प्रक्रिया ऐसी हो कि कम्प्यूटर का विद्वान भी उसे समझे और अनपढ़ भी. मुझे यह तर्क अच्छा लगता है. इस लिहाज़ से भारत में बैलेट से ही चुनाव होना चाहिए.

सवाल

सर, कुछ मित्र, जो भक्त बन जाते हैं, उनसे अगर नेताओं को लेकर बहस होती है, तो हम चुप हो जाते हैं, ताकि दोस्ती बनी रहे, लेकिन इतनी नफरत उनमें आई कैसे, और यह कैसे खत्म होगी...?

अरविन्द यादव
जवाब

@अरविन्द यादव , जो भक्त बन गए हैं, उनका कुछ नहीं हो सकता, मगर फिर भी आप बहस करना न छोड़ें. रिश्तों को बनाए रखिए. नीतियों पर बहस कीजिए. अपनी समझ का भी विस्तार कीजिए. ऐसी राजनीति का साथ दीजिए, जिसमें मानवता हो, जिसमें हिंसा न हो, जिसकी भाषा उग्र न हो.

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