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फिल्म रिव्यू: असल जिंदगी के हीरोज की कहानी है 'इंडियाज मोस्ट वांटेड'

फिल्म इंडियाज़ मोस्ट वांटेड की कहानी है इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक एजेंट प्रभात कपूर की जिनका नेटवर्क बहुत ही मज़बूत है और कई बार वो आला अधिकारीयों की परमिशन के बिना ही मिशन पर निकल पड़ते हैं.

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नई दिल्ली:

फिल्म इंडियाज़ मोस्ट वांटेड की कहानी है इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक एजेंट प्रभात कपूर की जिनका नेटवर्क बहुत ही मज़बूत है और कई बार वो आला अधिकारीयों की परमिशन के बिना ही मिशन पर निकल पड़ते हैं. इस बार उन्हें टीप मिलती है युसूफ नाम के एक आतंकवादी के बारे में, जिसे आतंकी यासीन भटकल का किरदार बताया जा रहा है. आला अधिकारियों के मना करने के बाद भी प्रभात अपने 4 और साथियों को लेकर बिना किसी हथियार के भारत के सबसे बड़े आतंकी को पकड़ने के लिए निकल पड़ता है जिसने देश के अलग अलग शहरों में लगातार धमाके किये हैं. इस प्रभात कपूर की भूमिका में हैं अर्जुन कपूर.

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ये एक स्पाई थ्रिलर फिल्म है जिसका निर्देशन किया है राजकुमार गुप्ता ने. फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. राजकुमार गुप्ता पहले भी नो वन किल्ड जेसिका और रेड जैसी फिल्में बना चुके हैं और वो फिल्में भी सच्ची घटना से प्रेरित थी. इस फिल्म को रीयलिस्टिक रखने की भरपूर कोशिश की गई है और रियल लगती भी है. थ्रिल एलिमेंट अच्छा है. युसूफ को पकड़ने के लिए जासूसी और उसके पकड़ने तक का सफर भी अच्छा है. फिल्म ये भी बताने में सफल है कि इंटेलिजेंस के कुछ लोग ऐसे हैं जो देश के लिए किसी और बात कि परवाह नहीं करते. फिल्म  उन कठिन परिस्थितियों पर भी सफाई से टिपणी करती है जिसमे हमारे एजेंट काम करते हैं. फिल्म के किरदार हीरो नहीं बल्कि रियल लगते हैं. 


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फिल्म कि कमज़ोर कड़ी कि बात करें तो कहीं कहीं फिल्म स्लो लगती है और कई सीन रिपीट होते हैं जो बुरे लगने लगते हैं. फिल्म में आतंकी कई बार जिहाद का मतलब बताता है और ये भी रिपीटीटेटिव लगते हैं. अर्जुन कपूर का अभिनय भी उतना साधा हुवा नहीं है जितने कि इस फिल्म में ज़रूरत थी क्योंकि इस फिल्म में उनके अलावा कोई और है ही नहीं. 

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अगर आप इस तरह कि जासूसी थ्रिलर  फिल्में पसंद करते हैं तो आप इसे देख सकते हैं. ये फिल्म आपको बोर नहीं करेगी. लेकिन अगर आप मसाला फ़िल्में देखना पसंद करते हैं तो शायद ये फिल्म आपको पसंद नहीं आएगी क्योंकि इस फिल्म में कोई मसाला नहीं हैं.  ये सच्ची घटनाओ और रियल हेरोस पर बनी एक रीयलिस्टिक फिल्म है. इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार. 



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