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Movie Review: मुंबई के 3 दोस्तों की कहानी है 'भावेश जोशी सुपरहीरो'

'भावेश जोशी सुपरहीरो' कहानी है मुंबई में रह रहे 3 दोस्तों की, जो देश में फैले भ्रष्टाचार को ख़त्म करना चाहते हैं और इसके लिए वो इंसाफ़ नाम का एक सोशल मीडिया चैनल शुरू करते हैं.

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Movie Review: मुंबई के 3 दोस्तों की कहानी है 'भावेश जोशी सुपरहीरो'

Bhavesh Joshi Superhero में हर्षवर्धन कपूर

नई दिल्ली: 'भावेश जोशी सुपरहीरो' कहानी है मुंबई में रह रहे 3 दोस्तों की, जो देश में फैले भ्रष्टाचार को ख़त्म करना चाहते हैं और इसके लिए वो इंसाफ़ नाम का एक सोशल मीडिया चैनल शुरू करते हैं. फ़िल्म में छोटी मोटी मुश्किलों से लड़ने के बाद उनका पाला पड़ता है पानी की सप्लाई में धांधली करने वाले माफ़िया से और यहीं से आता है इन तीनों की ज़िंदगी में बदलाव.

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क्या है ख़ामियां
- फ़िल्म की सबसे बड़ी ख़ामी है इसका स्क्रीन्प्ले और स्क्रिप्ट का कुछ भाग. 
- ये फ़िल्म वास्तविकता का जामा ओढ़े शुरू होती है और फिर कहीं-कहीं काल्पनिकता की ओर रूख कर लेती है. स्क्रीनप्ले में लंबे चेजिंग और मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सीन्स फ़िल्म को खींचकर बोरिंग कर देते हैं. 
- फ़िल्म के शुरुआत में ट्रीटमेंट और मुद्दे वास्तविक हैं पर बाद में ये थोड़ी मसाला बॉलीवुड जैसी लगने लगती है और फ़िल्म का सुर भटक जाता है.
- साथ ही कई जगह पर कुछ दृश्य और बैकग्राउंड स्कोर आपको एक कमर्शियल बॉलीवुड फ़िल्म का अहसास दिलाने लगते हैं. जिसमें मुझे बुराई सिर्फ़ इतनी नज़र आती है कि फ़िल्म का सुर एक जैसा होने चाहिए. अगर कोई और सुर लग गया तो फ़िल्म बेसुरी हो जाती है. 
- सिकंदर का किरदार कर रहे हर्षवर्धन ने अपने अभिनय से मुझे बिलकुल प्रभावित नहीं किया. एक दो दृश्य जहां वो अपना हुनर दिखा सकते थे, वहां वो बिल्कुल फुस्स साबित हुए.
- एक और बात गानों के शब्दों में ना जाने क्यूं आजकल बाम और शक्तिवर्धक औषधियों का चलन हो गया अगर इसकी वजह मुन्नी बदनाम का हिट होना है तो फ़िल्मकारों को ये याद रखना चाहिए की हर बार एक जैसा मसाला नहीं चलता और ये क्लीशे लगने लगता है. मैं यह बात चवनप्राश वाले गाने की कर रहा हूं.

क्या है खूबियां
- तो ख़ूबियों में शामिल है फ़िल्म में उठाए गए मुद्दे, वो मुद्दे जिनके बैकड्रॉप पर फ़िल्म खड़ी की गयी है. फिर चाहे वो 2011 का करप्शन मूवमेंट हो या फिर मुंबई में पानी की किल्लत.
- दूसरी खूबी है कुछ कलाकारों का अभिनय मसलन चिन्मय, प्रियांशु और आशीष वर्मा फ़िल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है और कहीं-कहीं यह कहानी को पकड़ती भी है, लेकिन अंत तक ये आपको निराश करती है. इस पर मेरा 2 स्टार्स

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कास्ट एंड क्रू 
स्टार कास्ट: हर्षवर्धन कपूर, प्रियांशु पैन्यूलि, आशीष वर्मा, निशिकांत कामत और मेहमान भूमिका में अर्जुन कपूर
कहानी: अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवाने और अभय कोरन्ने
निर्देशन: विक्रमादित्य मोटवाने 
संगीत: अमित त्रिवेदी 
सिनेमेटोग्राफी: सिद्धार्थ दीवान

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