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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस को लग न जाए कहीं बड़ा झटका? मीडिया को बताया जिम्मेदार

कांग्रेस विधायक खुलेआम कहते हैं कि वह अपना नेता पूर्व सीएम सिद्धारमैया को मानते हैं. इसी बात कुमारस्वामी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं को इन मुद्दों को देखना होगा.

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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस को लग न जाए कहीं बड़ा झटका? मीडिया को बताया जिम्मेदार

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस
  2. मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी विधायकों को नसीहत
  3. सिद्धारमैया ने मीडिया पर दोष मढ़ा
नई दिल्ली:

अगर किसी राज्य का मुख्यमंत्री अपने ही गठबंधन के साथियों से 'आजिज' आकर मीडिया के सामने अगर कहे की वह इस्तीफा दे देंगे तो हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार में क्या चल रहा है. कर्नाटक में एक ओर तो जहां कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन अपने विधायकों को 'ऑपरेशन लोटस' से बचाने की जुगत में हैं तो दूसरी ओर दोनों ही पार्टियों में पटरी नहीं खा रही है. कुछ दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी  ने लोकसभा चुनाव को लेकर सीटों के समझौते पर कहा था कि कांग्रेस उनकी पार्टी के साथ चौथे दर्जे जैसा बर्ताव न करे. वहीं अब उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के विधायक लिमिट क्रॉस कर चुके हैं और इससे परेशान होकर वह इस्तीफा देने को तैयार हैं. दरअसल कुमारस्वामी की दिक्कत कांग्रेस के आलाकमान से नहीं है, वह राज्य के कांग्रेसी नेताओं से परेशान हैं. कांग्रेस विधायक खुलेआम कहते हैं कि वह अपना नेता पूर्व सीएम सिद्धारमैया को मानते हैं. इसी बात कुमारस्वामी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं को इन मुद्दों को देखना होगा. अगर वे ऐसे ही जारी रखते हैं तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं. वे लोग लिमिट क्रॉस कर रहे हैं. कांग्रेस नेताओँ को अपने विधायकों को संभालना चाहिए.

 


 

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आपको बता दें कि 7 महीने पहले ही कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर वहां सरकार बनाई है, विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन बहुमत से दूर रही. इसके बाद काफी नाटकीय घटनाक्रम के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई. लेकिन इस गठबंधन से न तो जेडीएस के नेता खुश दिखे और न ही कांग्रेस के. मंत्रिमंडल के बंटवारे से लेकर कई अन्य छोटे बड़े मुद्दों पर बयानबाजी और रूठने-मनाने की कवायद जारी है. कई बार तो मीडिया के सामने ही कुमारस्वामी अपना दुखड़ा रो चुके हैं. एक बार तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह मजबूरी में सरकार चला रहे हैं. 

 

वहीं कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मौके की नजाकत को समझते हुए कहा है कि कांग्रेस विधायकों को नसीहत दी है कि उन्हें मीडिया के सामने ऐसे नहीं बोलना चाहिए. हम बीजेपी-आरएसएस को हराने के लिए साथ आए हैं. पार्टी आलाकमान की इ्च्छा के खिलाफ कोई कुछ भी न बोले नहीं गठबंधन में कन्फ्यूजन पैदा हो जाएगा. 

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वहीं कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने तो सब कुछ मीडिया के मत्थे मढ़ दिया. उन्होंने कहा कि आप लोग (मीडिया) ये सारी मुश्किलें पैदा करते हो. आप पहले किसी और से फिर दूसरे से फिर तीसरे से ऐसे सवाल पूछते हो. कोई भी मुश्किल नहीं है. हम कुमारस्वामी से बात करेंगे.

 

जबकि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता जी. परमेश्वर इस मुद्दे पर विधायक के साथ खड़े आए उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया बेहतर सीएम रहे हैं. वह हमारे विधायक दल के नेता हैं. अगर विधायक उन्हीं को सीएम मानते हैं तो अपनी राय जाहिर की है. इसमें गलत क्या है. हालांकि परमेश्वर ने यह भी कहा कि वह सभी कुमारस्वामी से खुश हैं.

 

 

वहीं कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने पार्टी की इकाई से कहा है कि ऐसा बयान देने वाले विधायक एसटी सोमशेखर को कारण बताओ नोटिस भेजा उनसे सफाई मांगी जाए 
 

 

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कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के लिए कर्नाटक में अच्छे संकेत नहीं आ रहे हैं, अगर यहां पर राज्य सरकार गिरती है तो बीजेपी को एक मौका मिल जाएगा, पहला तो वह सरकार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी दूसरी ओर वह लोकसभा चुनाव में इस बात को भी भुनाएगी कि कांग्रेस केंद्र हो या राज्य कहीं भी स्थिर सरकार नहीं दे सकती है. कुल मिलाकर कर्नाटक का 'नाटक' कांग्रेस को भारी पड़ सकता है. 

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