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कृष्णा नदी की तलहटी पर बने अवैध बंगले को हटाने के लिये चंद्रबाबू नायडू को नोटिस

नायडू के घर पर बने प्रजा वेदिका को गिराने से रोकने के लिए कोर्ट में याचिका भी दी गई थी और कहा गया था कि इससे जनता के पैसा का नुकसान होगा. लेकिन कोर्ट ने याचिका यह कहकर खारिज कर दिया कि यह अवैध जगह पर बनाई गई है और इसको बनाए रखने के लिए बहस नहीं होनी चाहिए. वहीं कोर्ट इसका फैसला चंद्र बाबू नायडू और तत्कालीन मंत्री पी. नारायणन से भी वसूल सकती है.

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कृष्णा नदी की तलहटी पर बने अवैध बंगले को हटाने के लिये चंद्रबाबू नायडू को नोटिस

चंद्रबाबू नायडू का यह बंगला कृष्णा नदी की तलहटी पर बना है

नई दिल्ली:

आंध्र प्रदेश सरकार ने कृष्णा नदी की तलहटी पर बने अवैध बंगले को हटाने के लिये शुक्रवार को नोटिस जारी किया. यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने पट्टे पर ले रखा था.  आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने नोटिस बंगले की दीवार पर चिपका दिया क्योंकि इसके मालिक लिंगमनेनी रमेश वहां नहीं थे. प्राधिकरण के नोटिस में कहा गया है कि कृष्णा नदी की तलहटी पर छह एकड़ में फैले इस बंगले के निर्माण में कानूनी अनुमति नहीं ली गई और यह नियम-कानून का पूरी तरह उल्लंघन है. अधिकारियों ने बुधवार को बंगले से लगे सम्मेलन कक्ष ‘प्रजा वेदिका' को तोड़ना शुरू किया था. इस कक्ष को नायडू के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सरकारी सम्मेलनों के लिये 8.90 करोड़ रुपये की लागत से बनवाया गया था क्योंकि राज्य की नयी राजधानी में इसके लिये कोई अन्य सुविधा नहीं थी. चंद्र बाबू नायडू के अलावा 20 अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है जिनके घर अवैध रूप से बनाए गए हैं. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने पिछले हफ्ते ही ऐलान किया था कि कृष्णा घाटी की तलहटी पर बने अवैध घरों को गिरा दिया जाएगा. 

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हालांकि नायडू के घर पर बने प्रजा वेदिका को गिराने से रोकने के लिए कोर्ट में याचिका भी दी गई थी और कहा गया था कि इससे जनता के पैसा का नुकसान होगा. लेकिन कोर्ट ने याचिका यह कहकर खारिज कर दिया कि यह अवैध जगह पर बनाई गई है और इसको बनाए रखने के लिए बहस नहीं होनी चाहिए. वहीं कोर्ट इसका फैसला चंद्र बाबू नायडू और तत्कालीन मंत्री पी. नारायणन से भी वसूल सकती है.

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इससे पहले चंद्र बाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकारी संपत्ति को गिराना 'बेवकूफी' है. कई मूर्तियों को बनाने में इजाजत नहीं लेगी और वह अवैध जगह पर हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या रेड्डी अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की मूर्तियां भी गिराने का प्लान कर रहे हैं.

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