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कॉलेज प्रशासन की 'इस' गलती के कारण गर्भवती छात्रा का साल बर्बाद होने की कगार पर

परास्नातक पाठ्यक्रम की पहले वर्ष की एक गर्भवती छात्रा ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन ने उसे भूतल पर सीट देने से इंकार कर दिया, जिसकी वजह से वह अपना परीक्षा नहीं दे पाई.

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कॉलेज प्रशासन की 'इस' गलती के कारण गर्भवती छात्रा का साल बर्बाद होने की कगार पर

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. गर्भवती छात्रा की कॉलेज प्रशासन ने नहीं सुनी गुहार
  2. भूतल पर सीट देने की छात्रा ने मांग की थी
  3. हैदराबाद की है घटना
हैदराबाद: परास्नातक पाठ्यक्रम की पहले वर्ष की एक गर्भवती छात्रा ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन ने उसे भूतल पर सीट देने से इंकार कर दिया, जिसकी वजह से वह अपना परीक्षा नहीं दे पाई. छात्रा ने बताया कि गर्भवती होने की वजह से उसे सीढ़िया चढ़ने में दिक्कत होती है, इसलिए वह चौथे मंजिल के तय स्थान पर नहीं जा सकती थी और उसने कॉलेज प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा. स्कॉलर्स डिग्री कॉलेज फॉर वुमन के प्राचार्य जी तिरुपति रेड्डी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज सामान्य तौर पर इस तरह के आग्रह को मानता है लेकिन कल हुई यह खास घटना उनके संज्ञान में नहीं आया था. 

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छात्रा का कहना है कि उन्होंने कॉलेज के एक कर्मचारी से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा था लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया. उन्होंने बताया कि वह समय पर कॉलेज पहुंची थी, लेकिन कॉलेज के अधिकारियों ने उनका आग्रह मानने से इंकार किया. छात्रा ने कहा, ‘‘ मैंने कॉलेज के एक अधिकारी से अपनी सीट बदलने के बारे में बात की थी क्योंकि मैं सीढ़ियां नहीं चढ़ सकती थी. लेकिन उन्होंने मेरे आग्रह पर विचार नहीं किया. इस घटना के बाद मैंने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया.’’ छात्रा ने सहायक पुलिस आयुक्त के पुरुधवीधर राव को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के संबंध में संदेश भेजा था. 

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पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘ छात्रा ने मुझसे आग्रह किया था कि भूतल पर बैठकर परीक्षा देने के संबंध में मैं कॉलेज से बात करूं.’’ प्राचार्य ने पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर बताया कि सीट आवंटित करने के मामले में उनके पास कोई विशेष दिशानिर्देश नहीं है. प्राचार्य ने कहा, ‘‘ हालांकि, हम इस तरह के आग्रह पर विचार करते हैं और विशेष सहायता प्रदान करते हैं. वास्तव में, चार अन्य गर्भवती छात्राओं ने मेरे कमरे में बैठकर परीक्षा दिया है. यह खास घटना मेरे संज्ञान में नहीं आया था.’’ संपर्क करने पर थाना प्रभारी आर देवेंद्र ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि छात्रा समय पर कॉलेज नहीं पहुंची थी इसलिए उसे परीक्षा नहीं देने दिया गया. हालांकि, छात्रा ने इस आरोप से इंकार किया है.


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