दक्षिण भारत में बारिश से बिगड़े हालात: केरल सबसे बुरी तरह प्रभावित, 40 से ज्यादा लोगों की मौत

दक्षिण भारत में बाढ़ की स्थिति शनिवार को भी गंभीर बनी रही. केरल सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य में पिछले कुछ दिन से हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 42 लोगों की मौत हुई है और करीब 1.25 लाख लोग विस्थापित हुए हैं.

दक्षिण भारत में बारिश से बिगड़े हालात: केरल सबसे बुरी तरह प्रभावित, 40 से ज्यादा लोगों की मौत

केरल में भारी बारिश के कारण बाढ़ से प्रभावित लोग

खास बातें

  • दक्षिण भारत में बाढ़ की स्थिति गंभीर
  • केरल सबसे अधिक प्रभावित
  • अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत
चेन्नई/तिरुवनंतपुरम/बेंगलुरू:

दक्षिण भारत में बाढ़ की स्थिति शनिवार को भी गंभीर बनी रही. केरल सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य में पिछले कुछ दिन से हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 42 लोगों की मौत हुई है और करीब 1.25 लाख लोग विस्थापित हुए हैं. कर्नाटक और तमिलनाडु में लगातार बारिश के बीच मॉनसून का प्रकोप जारी है जबकि तमिलनाडु के नीलगिरी जिले का अवलांची बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां फंसे हुए लोगों को निकालने के लिये वायुसेना की मदद ली जा रही है.

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केरल में मलप्पुरम के कावलप्परा और वायनाड के मेप्पाडी स्थित पुथुमाला में भीषण भूस्खलन के बाद कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, जबकि राज्य के आठ जिलों एर्णाकुलम, इडुक्की, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में ‘रेड अलर्ट' जारी किया गया है. कावलप्परा में बचाव अभियान जारी रहने के बीच शनिवार को वहां फिर से भूस्खलन हुआ जिसके चलते तलाश अभियान को रोक दिया गया है.

बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक वायनाड के कालपेट्टा से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बाणासुर सागर बांध से अतिरिक्त पानी को छोड़ने के लिये बांध के चार फाटकों में से एक को खोल दिया गया है. काबिनी नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सचते रहने के लिये कहा गया है. बाणासुर सागर बांध भारत के सबसे बड़े बांधों में से एक और एशिया का इस श्रेणी का दूसरा सबसे बड़ा बांध है, जो काबिनी नदी की सहायक नदी करमानाथोडू पर बना है.

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सरकार ने बांधों के फाटक खोले जाने की आशंका जाहिर की है और कहा है कि सभी प्रमुख जलाशयों में भंडारण की पर्याप्त क्षमता है. मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कहा, ‘‘हमलोग बचाव अभियान में लगे हुए हैं, कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिये गलत खबरें फैला रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. कुछ लोग ऐसी खबरें फैला रहे हैं कि बिजली कटौती होगी, पेट्रोल और तमाम चीजों की कमी होगी.''

उन्होंने कहा, ‘‘सभी बांध नहीं भरे हैं. राज्य में प्रमुख बांधों में जल भंडारण की पर्याप्त क्षमता है. अब तक इडुक्की बांध में 30 फीसदी ही पानी भरा है. पिछले साल यह 98 फीसदी हो गया था.'' उन्होंने कहा कि बीते तीन दिन में आठ जिलों में भूस्खलन की 80 घटनाएं हुई हैं. केरल जाने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गयी हैं. 

कोच्चि हवाई अड्डे के एक अधिकारी के अनुसार विमान परिचालन रविवार पूर्वाह्न से बहाल होगा. उड़ानें हवाई अड्डे के विमान पार्किंग क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण रद्द कर दी गयी थीं. कोचिन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हवाईअड्डे तैयार हैं. रविवार दोपहर तक विमान परिचालन बहाल हो जायेगा. अर्थात तय समय से पहले. एयरलाइनों को इसके अनुसार सेवा देने का निर्देश दिया गया है.'' 

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सरकार ने तिरुवल्ला में 15 राहत शिविर खोले हैं. अधिकारियों ने बताया कि समूचे करेल में 1,24,464 लोगों को 1,111 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. कर्नाटक में वर्षा जनित घटनाओं में अबतक 12 लोगों की मौत हो गयी है. बेलगावी के अलावा बागलकोट, विजयपुरा, रायचुर, यादगीर, गडग, उत्तर कन्नड़, हावेरी, हुबली-धारवाड़, दक्षिण कन्नड़, चिकमंगलुरु और कोडागु बाढ़ तथा बारिश से प्रभावित जिले हैं. तुंगभद्रा नदी के पानी से दावणगेरे जिले के कई हिस्से डूब गये और वहां सड़क संपर्क टूट गया.

अधिकतर नदियां उफान पर हैं और मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इसे पिछले पांच दशकों का सबसे बड़ी ‘‘प्राकृतिक आपदा'' करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘बारिश जनित घटनाओं में अब तक 24 लोगों की मौत हुई है. कम से कम 2.35 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है. 222 मवेशी मारे गये हैं और 44,013 मवेशियों को बचाया गया है.'' उन्होंने कहा कि सेना, एनडीआरएफ के कर्मी राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं. 

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस बीच सकलेशपुर और मरनाहल्ली में भूस्खलन की सूचना मिली है. प्राप्त सूचना के अनुसार जिले में बंटवाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री जनार्दन पुजारी समेत कई लोगों के घर जलमग्न हो गये हैं हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उनके परिवार को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है. इस बीच तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में बारिश से बुरी तरह प्रभावित अवलांची से वायुसेना ने शनिवार को दो नवजात शिशुओं समेत 11 लोगों को सुरक्षित निकालकर उन्हें कोयंबटूर के अस्पताल में भर्ती कराया.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)