तमिलनाडु पुलिस हिरासत में मौत: रेडियो होस्ट ने बताया, जबरन डिलीट करवाया गया सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो

"वीडियो हटाना महत्वपूर्ण नहीं है. यह मुझे चिंतित करता है - उन्होंने मुझे बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि मैंने वीडियो में जो कुछ भी कहा है, वैसा कुछ भी नहीं हुआ. एक सही पोस्टमार्टम ही प्रमाणिक है.''

तमिलनाडु पुलिस हिरासत में मौत: रेडियो होस्ट ने बताया, जबरन डिलीट करवाया गया सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो

आरजे सुचित्रा ने अपने वीडियो में कथित पुलिस क्रूरता को ग्राफिक विस्तार से दर्शाया था.

चेन्नई:

तमिलनाडु के तूतिकोरिन में पुलिस हिरासत में हुई पिता-पुत्र की मौत के मामले में एक रेडियो जॉकी की सोशल मीडिया पोस्ट जिसमें ग्राफिक डिटेल्स के साथ पुलिस अत्याचार की पूरी जानकारी दी गई, वो पोस्ट अब डिलीट करा दी गई है. आपको बता दें कि इस पोस्ट के जरिए ही पूरे देश में इस घटना के खिलाफ आक्रोश भड़क उठा था. लेकिन लाखों लोगों तक इस पुलिसिया अत्याचार की कहानी पहुंचाने वाली रेडियो जॉकी ने ही इस पोस्ट को डिलीट कर दिया. उनका कहना है कि उन्हें इस पोस्ट को डिलीट करने के लिए तमिलनाडु पुलिस ने कहा था जब तक की इस केस को सीबीआई ने अपने हाथ में नहीं ले लिया था. 

आरजे सुचित्रा ने ट्वीट किया, "सीबी-सीआईडी (अपराध शाखा-आपराधिक जांच विभाग) ने फोन किया. और अराजकता फैलाने के इरादे से फर्जी खबरें फैलाने के लिए गिरफ्तारी की धमकी दी. मैंने मेरे वकील की सलाह के तहत वीडियो डिलीट कर दिया, जिन्होंने कहा कि वे निश्चित रूप से ऐसा करने में सक्षम हैं. लोगों कृपया इस मामले को देखें-बहुत सारा बेईमानी का खेल चल रहा है. "

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, "वीडियो हटाना महत्वपूर्ण नहीं है. यह मुझे चिंतित करता है - उन्होंने मुझे बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि मैंने वीडियो में जो कुछ भी कहा है, वैसा कुछ भी नहीं हुआ. एक सही पोस्टमार्टम ही प्रमाणिक है. मीडिया, जब तक आपको इसकी एक कॉपी प्राप्त नहीं हो जाती तब तक चैन से ना बैठें.''

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा सहित कई हस्तियों ने रेडियो होस्ट और पार्श्व गायक की कथित पुलिस क्रूरता को सुनने के बाद अपना गुस्सा जाहिर किया था.

यह पूछे जाने पर कि मूल पोस्ट के लिए उसका स्रोत क्या था जिसमें मलाशय और छाती के बालों को चोटों सहित यातनाओं का विवरण दिया गया था, सुचित्रा ने एनडीटीवी को बताया कि उसे पीड़ितों के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से पता चला है. 

वहीं सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में, सीबी-सीआईडी ने कहा, "इस वीडियो में, उसने घटनाओं की श्रृंखला को गलत तरीके से अतिरंजित और सनसनीखेज बना दिया और उनके आरोप कल्पना के रूप में प्रतीत होते हैं और किसी भी प्रमाण द्वारा समर्थित नहीं हैं." इसमें कहा गया है, "वीडियो पुलिस के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहा है. सुचित्रा ने इन झूठे कंटेंट को अपने झांसे में ले लिया है."

सीबी-सीआईडी अधिकारियों ने कॉल का जवाब नहीं दिया. जिले के एसपी जयकुमार ने बयान की पुष्टि करते हुए,  एनडीटीवी से कहा, "वह जो भी आरोप लगा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट उसमें से कुछ भी नहीं है."


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