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तेलंगाना : नगर निगम के दो अधिकारियों के घर छापे में मिले 200 करोड़ के जेवरात

जिन दो अधिकारियों पर छापा मारा गया, उनमें से वरिष्‍ठ अधिकारी जीवी रघुरामी रेड्डी भी हैं, जो रिटायर होने की कगार पर हैं.

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तेलंगाना : नगर निगम के दो अधिकारियों के घर छापे में मिले 200 करोड़ के जेवरात

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

खास बातें

  1. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुल मिलाकर 15 अलग-अलग ठिकानों का पता चला.
  2. दोनों अधिकारियों को भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.
  3. 1 किलोग्राम सोना, चार करोड़ रुपये के जवाहरात, 43 लाख रुपये की नकदी भी.
हैदराबाद: तेलंगाना में नगर निगम के दो अधिकारियों के घर पड़े छापे में लगभग 200 करोड़ के जेवरात जब्‍त किये गए. तेलंगाना एन्टी-करप्शन ब्यूरो की कुल 23 टीमों को यह सब खोजने और जमा करने में दो दिन लगेलेकिन अब नगर निगम के दो अधिकारियों के पास से हुई इस बरामदी की लिस्ट बनाने में कई दिन लग जाएंगे. बरामदी करने वाले अधिकारियों का कहना है कि मिले हुए सोने के जेवर और जवाहरात इतनी ज़्यादा तादाद में हैं कि उनसे किसी जौहरी की दुकान पूरी तरह भर सकती हैऔर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुल मिलाकर 15 अलग-अलग ठिकानों का पता चला हैऔर इन सबकी कुल कीमत कम से कम 200 करोड़ रुपये हो सकती है.
 
जिन दो अधिकारियों पर छापा मारा गयाउनमें से एक जीवी रघुरामी रेड्डी हैंजो रिटायर होने की कगार पर हैं. दूसरे अधिकारी 53-वर्षीय एनवी शिवप्रसाद हैंजो रेड्डी के ही कज़न हैंऔर विजयवाड़ा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में जूनियर टेक्निकल ऑफिसर के रूप में तैनात हैं. दोनों अधिकारियों को भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.

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बताया गया है कि उनकी संपत्तियां कम से कम अलग-अलग जगहों पर हैं, जिनमें मंगलागिरीविजयवाड़ा, गन्नावरम,विशाखापट्टनमहैदराबाद और चित्तूर भी शामिल हैं. इनके अलावा महाराष्ट्र के शिरडी में एक होटल भी है. सभी संपत्तियां इन अधिकारियों तथा उनके परिजनों के नाम दर्ज हैंजिनमें शिवप्रसाद की पत्नी गायत्री भी शामिल हैं. इन संपत्तियों में कुछ फर्जी मालिक भी हैं. इसके अलावा ऐसे दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैंजिनसे कई प्लॉटरिहायशी फ्लैटकन्वेंशन सेंटर और एक लॉजिंग हाउस की मिल्कियत का पता चलता है. इन सबके अलावा 11 किलोग्राम सोनाचार करोड़ रुपये के जवाहरात, 43 लाख रुपये की नकदी भी शिवप्रसाद के कब्ज़े से बराद हुई बताई गई है.
 

जीवी रघुरामी रेड्डी वर्ष 2009 में हैदराबाद में चीफ सिटी प्लानर के रूप में कार्यरत थेऔर कथित रूप से इमारतों को मंज़ूरियां देने के दौरान उन्होंने ये संपत्तियां बनाईं. इसके अलावा वह अनंतपुरनेल्लोर तथा राजामुंदरी में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने ग्रेटर विशाखापट्टनम म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए भी काम किया हैजिसे कमर्शियल लिहाज़ से समृद्ध बंदरगाह वाला शहर माना जाता है. माना जाता है कि उन्होंने अपने सहयोगियों या फर्ज़ी नामों से पांच कंपनियां स्थापित कर रखी हैं.


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