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करुणानिधि की मौत के बाद डीएमके में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई, आज होने वाली मीटिंग पर सबकी निगाहें

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के कद्दावर नेता एम करुणानिधि की मौत के बाद आज पार्टी की एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक होगी.

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करुणानिधि की मौत के बाद डीएमके में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई, आज होने वाली मीटिंग पर सबकी निगाहें

आज डीएमके की एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक होगी.

नई दिल्ली : तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के कद्दावर नेता एम करुणानिधि की मौत के बाद आज पार्टी की एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी की बैठक होगी. बैठक सुबह 10 बजे से शुरू होगी. करुणानिधि की मौत के बाद डीएमके में एक तरीके से वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है. करुणानिधि काफी पहले ही छोटे बेटे स्टालिन को अपना वारिस घोषित कर चुके थे. पिता की बीमारी के चलते स्टालिन एक साल से भी ज्यादा समय से पार्टी का कामकाज देख रहे हैं. दूसरी तरफ, पिता की मौत के बाद स्टालिन के भाई अलागिरी ने अपनी ताक़त दिखाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि उनके पिता के सारे वफ़ादार  उनकी तरफ़ हैं. ऐसे में सबकी निगाहें आज होने वाली मीटिंग पर हैं. देखना दिलचस्प होगा कि अलागिरी को लेकर स्टालिन क्या कदम उठाते हैं. 

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आपको बता दें कि ने अलागिरी ने अपने पिता के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पिता को पार्टी के बारे में अपनी व्यथा से अवगत कराया था. गौरतलब है कि अलागिरी द्रमुक के शीर्ष पद पर काबिज होना चाहते थे, लेकिन उनके पिता करुणानिधि ने अलागिरी के स्थान पर अपने दूसरे बेटे एम.के. स्टालिन को तरजीह दी. अलागिरी को पार्टी नेताओं की आलोचना करने के लिए 2014 में पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था. उन्होंने कहा कि उनकी पीड़ा पार्टी को लेकर थी, न कि परिवार को लेकर थी. लोग सही समय आने पर पूरी कहानी को जानेंगे.

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