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कोलकाता के साई केंद्र में तीरंदाज की गर्दन के आर-पार गया तीर, बाल बाल बची जान

साई के क्षेत्रीय निदेशक एमएस गोइंडी ने इसे 'दुर्घटना' करार दिया और कहा कि तीरंदाज फाजिला खातून के गर्दन के पास से तीर आर-पार निकल गया और वह खतरे से बाहर है.

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कोलकाता के साई केंद्र में तीरंदाज की गर्दन के आर-पार गया तीर, बाल बाल बची जान

प्रतीकात्मक फोटो.

कोलकाता:

भारतीय खेल प्राधिकरण (बोलपुर) की एक 14 वर्षीय तीरंदाज बाल बाल बच गई, क्योंकि अभ्यास सत्र के दौरान एक तीर उसके गर्दन के दाएं हिस्से के पास से आर-पार निकल गया था. साई के क्षेत्रीय निदेशक एमएस गोइंडी ने इसे 'दुर्घटना' करार दिया और कहा कि तीरंदाज फाजिला खातून के गर्दन के पास से तीर आर-पार निकल गया और वह खतरे से बाहर है. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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उन्होंने कहा, 'एक तीर उनकी गर्दन के पास से आर-पार हो गया, लेकिन सौभाग्य से वह उनकी सांस की नली से होकर नहीं गुजरा और अब वह खतरे से बाहर है. गोइंडी ने कहा,  लड़की लक्ष्य से कुछ दूरी पर छाया में आराम कर रही थी जब गलत दिशा में चला एक तीर उस पर जा लगा. हमने उसके परिजनों से बात की और लड़की ने भी यह सोचकर माफी मांगी है कि उसे लक्ष्य के इतने पास में नहीं बैठना चाहिए था. गोइंडी ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश देते हुए कहा,  निशाना लगाने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं. जब तीरंदाज तीर एकत्रित करने गया हो तब कोई निशाना नहीं लगाएगा. उन्होंने कहा कि आगे ऐसा नहीं होगा.

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गोइंडी ने कहा, सभी कोच जवाबदेह हैं. मैं पूरी जांच करवाऊंगा कि क्या हमारी तरफ से कोई चूक हुई है. मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं घटे. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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