2018 Commonwealth Games: महिला हॉकी टीम पहले मैच में उलटफेर का शिकार, यह 'बड़ी वजह' बनी हार का कारण

वेल्स ने गोल्ड कोस्ट हॉकी सेंटर में खेले गए मैच में भारत को 3-2 से ऐतिहासिक शिकस्त दी. कोच हरेंद्र सिंह के दावे के बावूजद टीम महिला टीम की एक मामले में बुरी तरह कलई खुल गई. और यही बात भारत की हार का कारण बनी.

2018 Commonwealth Games: महिला हॉकी टीम पहले मैच में उलटफेर का शिकार, यह 'बड़ी वजह' बनी हार का कारण

वेल्स की खिलाड़ी जीत के बाद जश्न मनाती हुईं

खास बातें

  • भारत के खिलाफ वेल्स की पहली जीत
  • रानी रामपाल ने कराई थी बराबरी
  • 40वें मिनट में भारत को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले
गोल्ड कोस्ट:

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 21वें कॉमनवेल्थ खेलों की शुरुआत बेहद निराशाजनक तरीके से की है. भारत को अपने पहले मैच में वेल्स के हाथों उलटफेर का शिकार होना पड़ा है. वेल्स ने गोल्ड कोस्ट हॉकी सेंटर में खेले गए मैच में भारत को 3-2 से ऐतिहासिक शिकस्त दी. कोच हरेंद्र सिंह के दावे के बावूजद टीम महिला टीम की एक मामले में बुरी तरह कलई खुल गई. और यही बात भारत की हार का कारण बनी.
 

वेल्स ने शुरुआती मिनटों में भारत पर दबाव बनाया, हालांकि भारतीय महिलाओं ने जल्दी इस दबाव पर काबू पा लिया, लेकिन वो वेल्स को पहला गोल करने से नहीं रोक पाईं. खेल के सातवें मिनट में ही वेल्स ने इन खेलों का पहला गोल कर दिया. उसके लिए यह गोल सियान फ्रेंच ने किया. उन्होंने दाहिने छोर से शानदार स्वीप शॉट लेकर दीप ग्रेस इक्का और गोलकीपर सविता सिंह को मात दे गेंद को नेट में डाला. भारत ने काउंटर अटैक किया और नौवें मिनट में अपना पहला पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन गुरजीत इसे गोल में तब्दील नहीं कर पाईं। पहले हाफ के अंत में भारत को दो और पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वो बराबरी का गोल नहीं कर पाईं. 

यह भी पढ़ें: कॉमनवेल्‍थ गेम 2018: गुरुराजा ने दिलाया भारत को पहला मेडल, वेट लिफ्टिंग में जीता सिल्वर

दूसरे क्वार्टर में वेल्स को 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे भारतीय डिफेंस ने गोल में नहीं बदलने दिया. इसी बीच 26वें मिनट में वेल्स को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला जिसे गोल में बदल कर सियान फ्रेंच ने वेल्स को 2-0 से आगे कर दिया. दूसरे क्वार्टर का अंत वेल्स ने दो गोल की बढ़त के साथ किया. हालांकि भारत ने तीसरे क्वार्टर में आते ही वापसी की. भारत को 34वें पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तानी रानी रामपाल के फ्लिक ने भारत को बराबरी पर ला दिया. यहां से भारतीय महिलाओं का आत्मविश्वास काफी बढ़ा. 40वें मिनट में भारत को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और 41वें मिनट में निकी प्रधान ने इस मौके को भुनाते हुए स्कोर 2-2 से बराबर कर दियाय 44वें मिनट में भारत को 11वां पेनाल्टी कॉर्नर मिले जिस पर भारत ने गोल कर दिया था, लेकिन वेल्स ने रैफरल लिया जिसमें गोल को नकार दिया गया.

यह भी पढ़ें: Commonwealth Games 2018: कॉमनवेल्थ में आखिरी बार दिखेगा भारतीय शूटर्स का दबदबा!

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

चौथे क्वार्टर में आते ही भारत को अपना 12वां पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस बार भी वो कामयाब नहीं हो सकीं. 49वें मिनट में कप्तान ने रानी ने एक शानदूर मूव बनाया और गेंद मोनिका को दी. मोनिक अपने हाथ आए इस मौके को भुना नहीं पाईं. भारत दबाव बना रहा था, लेकिन इसी बीच वेल्स को मौका मिला जिसे उसने हाथ से जाने नहीं दिया. 57वें मिनट में नताशा ने वेल्स के लिए गोल कर उसे 3-2 से आगे कर दिया.

VIDEO: कुछ दिन पहले ही भारतीय महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल ने एनडीटीवी से बात की थी. 
वेल्स ने इस जीत के साथ ही इतिहास रच डाला. यह वेल्स की भारत पर हॉकी इतिहास में पहली जीत है.भारतीय टीम को इस मैच में 15 पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वो सिर्फ एक को ही गोल में तब्दील कर पाईं. और यही बड़ी नाकामी भारतीय टीम को वेल्स के खिलाफ ले डूबी.