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डेविस कप: भारत की विश्‍व ग्रुप में प्रवेश की उम्‍मीदों को झटका, रोहना बोपन्‍ना-पुरव राजा की जोड़ी हारी

भारत की डेविस कप के विश्व ग्रुप में पहुंचने की उम्मीदों को युगल मैच हारने से बड़ा झटका लगा है. रोहन बोपन्ना और पुरव राजा शनिवार को यहां कनाडा के खिलाफ डेविस कप प्लेऑफ के महत्वपूर्ण युगल मुकाबले में हार गए.

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डेविस कप: भारत की विश्‍व ग्रुप में प्रवेश की उम्‍मीदों को झटका, रोहना बोपन्‍ना-पुरव राजा की जोड़ी हारी

रोहन बोपन्‍ना और पुरव राजा की जोड़ी को डबल्‍स मैच में हार का सामना करना पड़ा (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. नेस्टर-वासेक के हाथों 5-7, 5-7, 7-5, 3-6 से मुकाबला हारे
  2. अब दोनों उलट एकल मैचों में भारत को जीत हासिल करनी होगी
  3. पहले दिन भारत ने एक एकल मैच जीता था, एक में हारा था
एडमंटन: भारत की डेविस कप के विश्व ग्रुप में पहुंचने की उम्मीदों को युगल मैच हारने से बड़ा झटका लगा है. भारत के रोहन बोपन्ना और पुरव राजा शनिवार को यहां कनाडा के खिलाफ डेविस कप प्लेऑफ मुकाबले के महत्वपूर्ण युगल मैच में हार गए. बोपन्ना और राजा को दो घंटे 52 मिनट तक चले मैच में डेनियल नेस्टर और वासेक पोसपिसिली के हाथों 5-7, 5-7, 7-5, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा. भारत को अब 16 देशों के एलीट विश्व ग्रुप में जगह बनाने के लिये दोनों उलट एकल में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. 27 वर्षीय पोसपिसिली कोर्ट पर उतरने वाले एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जो एटीपी टूर में एकल में भी खेलते हैं. उन्होंने बेसलाइन के नजदीक से अपने रिटर्न और नेट पर शानदार खेल से बड़ा अंतर पैदा किया.

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पोसपिसिली को उनके कप्तान ने एकल के लिये नहीं चुना था लेकिन उन्हें युगल में उतारा गया. उन्होंने अपने शानदार खेल से अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई क्योंकि 45 वर्षीय नेस्टर कई अवसरों पर दबाव में आ गए थे. दिविज शरण के साथ मिलकर सर्किट पर अच्छी प्रगति करने वाले राजा का नेट पर खेल शानदार था और उनके वॉली विनर भी लाजवाब थे लेकिन सर्विस और बेसलाइन स्ट्रोक में उनकी सीमाओं के कारण भारत को काफी नुकसान हुआ. अंतिम समय में टीम में लिये गये राजा ने मैच में पांच बार अपनी सर्विस गंवायी। इनमें से पहले दो सेट में तब उन्होंने सर्विस गंवाई जबकि टीम 5-6 से पिछड़ रही थी.

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बोपन्ना को अपनी तेजतर्रार सर्विस के लिये जाना जाता है लेकिन वह भी आज इसका अच्छा नमूना पेश नहीं कर पाए. भारत ने कुल 12 डबल फाल्ट किए जिनमें से पांच बोपन्ना ने किए. उनका एक हाथ से लगाया गया बैकहैंड विनर भी आज नहीं दिखा. बोपन्ना ने हालांकि दबाव में सर्विस बचाए रखी। यहां तक तीसरे सेट के दसवें गेम में जबकि मैच प्वाइंट था तब उन्होंने अपनी सर्विस बचाई. उन्हें न तो अपने साथी राजा का सहयोग मिला और वह स्वयं भी अपने खेल को अगले स्तर तक नहीं ले जा पाए.


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