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Commonwealth Games 2018: भारतीय बालाएं हाकी में 16 साल बाद इतिहास दोहराने को तैयार, पिछले साल 'कुछ ऐसे' दिया भरोसा

साल 2002 में मैनचेस्टर में भारतीय बालाओं ने इंग्लैंड को हराकर खेलों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था

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Commonwealth Games 2018: भारतीय बालाएं हाकी में 16 साल बाद इतिहास दोहराने को तैयार, पिछले साल 'कुछ ऐसे' दिया भरोसा

महिला हॉकी टीम का फाइल फोटो

खास बातें

  1. 2006 में मेलबर्न में रजत पदक जीता था
  2. भारतीय टीम का हौसला पूरी तरह से बुलंद
  3. कोच हरेंद्र को इस बार पोडियम फिनिश का यकीन
गोल्ड कोस्ट: पिछले कुछ समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही भारतीय महिला हाकी टीम 21वें  कॉमनवेल्थ खेलों में वीरवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो उसका इरादा 2006 के बाद पहली बार पदक झोली में डालने का होगा. पिछली बार पांचवें स्थान पर रही भारतीय टीम ने आखिरी बार 2006 में मेलबर्न में रजत पदक जीता था.
 
वहीं, साल 2002 में मैनचेस्टर में भारतीय बालाओं ने इंग्लैंड को हराकर खेलों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. और भारतीय बालाएं 16 साल बाद एक बार फिर से इतिहास दोहराने के लिए तैयार हैं. औऐर इसका सबूत भारतीय टीम ने पिछले साल बहुत ही 'बखूबी अंदाज' में दिया था.
  भारतीय टीम का हौसला पूरी तरह से बुलंद है. पूल ए में उसका सामना दुनिया की दूसरे नंबर की टीम इंग्लैंड, अफ्रीकी चैंपियन दक्षिण अफ्रीका के अलावा मलेशिया से भी होगा. विश्व रैंकिंग में दसवें स्थान पर काबिज भारतीय टीम ने रियो ओलंपिक 2016 में आखिरी स्थान पर रहने के बाद से अब तक अपने प्रदर्शन में काफी सुधार  किया है. और इस बात का सबूत भारतीय बालाओं ने पिछले साल ही दे दिया था.
 
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दो साल पहले जूनियर पुरुष टीम को लखनऊ में विश्व कप दिलाने वाले कोच हरेंद्र को इस बार पोडियम फिनिश का यकीन है. उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी लंबे समय से साथ खेल रहे हैं और टीम युवाओं तथा अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है. इनका तालमेल भी बेहतरीन है जो एशिया कप में देखने को मिला. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया में हमने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली टीम को हराया. कॉमनवेल्थ खेलों मं भी कुछ चौंकाने वाले नतीजे देकर हम पोडियम तक पहुंचेंगे. 
  शानदार फार्म में चल रही कप्तान रानी रामपाल का मानना है कि उनकी टीम 2002 मैनचेस्टर की सुनहरी सफलता को दोहराने का माद्दा रखती है. उन्होंने कहा कि हम पिछली दो बार इन खेलों में पांचवें स्थान पर रहे लेकिन इस बार बेहतरीन तैयारी के साथ आए हैं. हमारी नजर सिर्फ पोडियम पर नहीं बल्कि 2002 के बाद पहला स्वर्ण जीतने पर लगी है. 

VIDEO: भारतीय हॉकी कप्तान रानी रामपाल और सविता ने कुछ दिन पहले ही एनडीटीवी से बात की. 
याद दिला दें कि पिछले साल जापान के काकामिगाहारा में खेले गए एशिया कप में चीन को फाइनल में शूटआउट में 5-4 से हराकर भारत ने दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता था.  इसके साथ ही हरेंद्र सिंह की टीम ने विश्व कप 2018 में जगह पक्की कर ली. इसी प्रदर्शन ने टीम ने यह भरोसा दिया है कि भारतीय महिला हॉकी टीम इस बार साल 2002 के बाद  इतिहास दोहराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 
 


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