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CWG 2018: नौवें दिन भारत पर स्वर्ण पदकों की बरसात, नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

शनिवार को खेलों के नौवें दिन की समाप्ति पर भारत के 59 पदक हो गए हैं. और अब उसे मैनचेस्टर के अपने पदकों की संख्या को पीछे छोड़ने के लिए रविवार को सभी छह पदक जीतने होंगे.

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CWG 2018: नौवें दिन भारत पर स्वर्ण पदकों की बरसात, नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा

खास बातें

  1. अभी तक भारत के कुल 59 पदक
  2. कुश्ती के सभी 12 वर्गों में भारतीयों ने जीते पदक
  3. आखिरी दिन है क्या पीछे छूट पाएगा मैनचेस्टर?
गोल्ड कोस्ट: गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ खेलों के आखिरी और 10वें दिन भारत पर मानो स्वर्ण पदक की बरसात सी ही हो गई. शनिवार को भारत ने कुल मिलाकर आठ स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया. स्वर्ण पदक की इस बारिश के बीच एथलेटिक्स की भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया. नीरज चोपड़ा खेलों के इतिहास में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. एक खास बात यह रही कि भारत ने पूरे खेलों के दौरान कुश्ती के सभी 12 वर्गों में पदक जीते. इसमें 5 स्वर्ण, 3 रजत और 4 कांस्य शामिल रहे. और यह बात भारत की कुश्ती की ताकत दुनिया को बताने के लिए काफी है. 
बहरहाल खेलों के नौवें दिन के शाम के सेशन में मुक्केबाजी में विकास कृष्ण, महिला टीटी में सिंगल्स में मनिका बत्रा, कुश्ती में सुमित मलिक और विनेश फोगाट ने स्वर्ण पदक दिलाए, तो शनिवार सुबह बॉक्सिंग में स्टार मैरीकॉम और गौरव सोलंकी ने भी सोने पर मुक्का जड़ा. इसके अलावा सुबह के सेशन में शूटिंग में संजीव राजपूत ने भी सोने पर निशाना साधा. 
  इससे अलावा मुक्केबाजी में सतीश कुमार, अमित पंघाल और मनीष कौशिक को अपने-अपने भार वर्ग में रजत पदक मिले, तो ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और सोमवीर भी कांस्य झटकने में कामयाब रही हैं. इसके अलावा बैडमिंटन में महिला डबल्स टीम और टीटी में पुरुष डबल्स टीम को हार के साथ ही रजत से संतोष करना पड़ा, तो इस वर्ग का कांस्य भी भारत को मिला. वहीं बैडमिंटन में श्रीकांत किदांबी, सायना नेहवाल और पीवी सिंधू ने महिला वर्ग के सिंगल्स के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. इस वर्ग में स्वर्णिम टक्कर अब रविवावर को इन्हीं दोनों  खिलाड़ियों के बीच होगी. इसके अलावा टेबल टेनिस के सिंगल्स के पुरुष वर्ग में भारत स्टार खिलाड़ी अचंत शरत कमल सेमीफाइनल में हार गए. भारत के नौवें दिन का आखिरी पदक मुक्केबाज सतीश कुमार की फाइनल में हार के साथ रजत के रूप में आया. इसी के साथ खेल के नौवें दिन भारत के पदकों की संख्या 59 हो गई है. इसमें 25 स्वर्ण, 16 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं.
मुक्केबाजी
शाम के सेशन में 
भारत के विकास कृष्ण ने शनिवार को 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. विकास ने फाइनल मुकाबले में कैमरून के दियूदोन विल्फ्रे सेयी को 5-0 से हराया. विकास ने शनिवार को बॉक्सिंग में भारत को तीसरा स्वर्ण दिलाया, इससे पहले सुबह एमसी मैरीकोम और गौरव सोलंकी ने स्वर्ण जीता था. नौवें दिन के आखिरी मुकाबले में सतीश कुमार 91 किग्रा वर्ग में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क से 5-0 से हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा. 
  सुबह के सेशन में मैरी कॉम ने शनिवार को महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग के स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम कर लिया है. इस दिग्गज मुक्केबाज ने फाइनल में इंग्लैंड की क्रिस्टिना ओ हारा को 5-0 से मात देकर पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में पदक हासिल किया.
  वहीं, पुरुष वर्ग में गौरव सोलंकी ने शनिवार को मुक्केबाजी में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है गौरव ने पुरुषों की 52 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड के ब्रेंडन इरवाइन को 4-1 से मात देते हुए सोने का तमगा हासिल किया, तो मनीष कौशिक 60 किग्रा भार वर्ग में हार गए और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा. इस वर्ग में एक और अन्य मुक्केबाज भारत के मुक्केबाज अमित पंघाल 46-49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा है.अमित को इंग्लैंड के गलाल याफाई को 3-1 से मात देते हुए उनके स्वर्ण के सपने को तोड़ दिया
 
कुश्ती
पुरुष फ्री-स्टाइल के 125 किग्रा वर्ग में सुमित मलिक ने स्वर्ण पदक जीता, तो महिलाओं की 50 किग्रा फ्री-स्टाइल नोर्डिक सिस्टम में विगनेश ने सोने पर कब्जा किया, तो महिलाओं में ही 62 किग्रा फ्री-स्टाइल कुश्ती में साक्षी मलिक ने तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता. इसके अलावा पुरुष वर्ग में ही सोमवीर ने 86 किग्रा फ्री-स्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता. एथलेटिक्स
भारत के नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने भाला फेंक में वह कारनामा कर दिखाया, जो उनसे पहले इन खेलों के इतिहास में कोई और भारतीय नहीं ही कर सका. नीरज चोपड़ा ने अपने चौथे प्रयास में 86.47 मीटर जेवलिन फेंका. और इस दूरी को कोई और खिलाड़ी नहीं ही भेद सका. वहीं, तिहरी कूद में अरपिंदर सिंह कांस्य से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे. वहीं, भारतीय महिलाएं चार गुणा चारसौ रिले दौड़ में फाइनल में सातवें स्थान पर रहीं.

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शूटिंग
सजींव राजपूत ने पुरुषों की 50 मी. राइफल थ्री पोजीशन में सटीक निशाना साधते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया. संजीव ने बेलमोंट शूटिंग सेंटर पर कुल 454.5 का स्कोर करते हुए गेम रिकार्ड के साथ स्वर्ण पर कब्जा जमाया. इसी स्पर्धा में भारत के चैन सिंह को पांचवां स्थान मिला.
 
बैडमिंटन
भारत की दिग्गज महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने  कैरारा स्पोर्ट्स एरेना पर खेले गए मैच में स्कॉटलैंड की कस्र्टी गिल्मर को कड़े मुकाबले में 21-14, 18-21, 21-17 से और वर्ल्ड नंबर-3 सिंधु ने कनाडा की मिशेल को 21-18, 21-8 से मात देते हुए फाइनल में जगह बनाई. वहीं, पुरुष डबल्स में रांकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी श्रीलंका के सचिन डायर और बुवानेका जी को 30 मिनट में 21-18, 21-10 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया. इसके अलावा पुरुष सिंगल्स वर्ग में एचएस प्रणॉय  कांस्य पदक के मुकाबले में हार गए. प्रणॉय को इंग्लैंड के राजीव ओउसेफ ने 21-17, 23-25, 9-21 से हराया
महिला डबल्स में अश्विनी पोनप्पा और एन. सिक्की रेड्डी ने महिला डबल्स का कांस्य पदक अपने नाम किया. भारतीय जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की सेतयाना मापासा और ग्रोन्या सोमरविले की जोड़ी को 47 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 21-19, 21-19 से मात दी.
 
वहीं पुरुष वर्ग में श्रीकांत ने कैररा स्पोटर्स एरेना में खेले गए मैच में इंग्लैंड को राजीव ओसफ को 21-10, 21-17 से हराकर फाइनल में जगह बना ली. एक अन्य मैच में एच.एस. प्रणॉय को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है. मलेशिया के ली चोंग वेई ली ने 58 मिनट तक चले मैच में प्रणॉय को 21-16, 21-9, 21-14 से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई. 
बैडमिंटन के ही मिक्स्ड डबल्स भारत की अश्विनी पोनप्पा और सात्विक रेंकीरेड्डी की जोड़ी कांस्य पदक जीतने से चूक गई। सात्विक रेंकी रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी को मलेशिया के सुन पेंग चान और यिंग लियु गोह की जोड़ी ने सीधे गेमों में 21-19, 21-19 से मात दी.

टेबल टेनिस
मनिका बत्रा ने टेबल टेनिस के महिला एकल वर्ग के फाइनल में सिंगापुर की मेंग्यू यू को 4-0 से हराकर सिंगिल्स वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया है. मनिका की मेंग्यू यू के खिलाफ स्कोर लाइन  11-7, 11-6, 11-2, 11-7  रही. इससे पहले मनिका ने ओक्सेनफोर्ड स्टूडियोज में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की तियानवेई फेंक को 4-3 से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था.
 
टेटे के पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक भारत के हाथ से फिसल गया. और अचंत शरत कमल और साथियान गणानसेकरन को फाइनल में हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा. भारतीय जोड़ी को इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड एवं पॉल ड्रिंकहौल ने 3-2 (11-5, 10-12, 9-11, 11-6, 11-8 ) से हराया.
  इससे पहले भारत के हरमीत देसाई और सानिल शंकर शेट्टी की जोड़ी ने तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में सिंगापुर की येऊ एन कोइन पैंग और एथा फेंग शाओ की जोड़ी को 3-0 से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा किया.वहीं, पुरुष वर्ग में नाइजीरिया के कादरी अरुना ने अचंत शरत कमल को 4-0 से हराकर भारत का स्वर्ण जीतने का सपना तोड़ दिया. 
स्कवॉश
भारत के सौरव घोषाल एवं दीपिका पल्लिकल कार्तिक की जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स  के फाइनल में हार झेलनी पड़ी और रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया की डोना क्यूहार्ट एवं कैमरुन पिले की जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को 29 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 2-0 (11-8, 11-10) से मात दी. इससे पहले मौजूदा विजेता दीपिका पल्लीकल और जोशन चिनप्पा ने को स्क्वॉश के महिला युगल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है.भारतीय जोड़ी ने इंग्लैंड की लॉर मासारो और साराह जेन पैरी की जोड़ी को मात देकर फाइनल में प्रवेश किया. दीपिका और जोशना ने इंग्लैंड की जोड़ी को 11-10, 11-5 से मात दी.
  हॉकी
महिलाओं का कांस्य जीतने का सपना भी चूर

तीसरे से चौथे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने महिला हॉकी में भारतीय बालाओं को बुरी तरह से रौंद दिया. इंग्लैंड ने भारत पर 6-0 से जीत हासिल की. इस तरह महिलाओं का कांस्य जीतने का सपना भी चूर-चूर हो गया. भारतीय टीम को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले थे, लेकिन वे एक को भी गोल में नहीं बदल सकीं. पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा डिफेंस इस मैच में चरमरा गया. ऐसा लगा कि फाइनल में न पहुंचने से टीम को ऐसा सदमा लगा कि मानो इस मैच में उनका मन ही नहीं था.

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पुरुष हॉकी टीम भी करोड़ों भारतीय हॉकीप्रेमियों को निराशा दे गई. कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड के हाथों 2-1 से हार का सांमना करना पड़ा. कुल मिलाकर दोनों ही वर्गों में टीम का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा और यह बहुत ही चिंता की बात है. 
VIDEO: कुछ दिन पहले ही भारतीय हॉकी कप्तान मनप्रीत सिंह ने एनडीटीवी से बात की थी. 

नौवें दिन की समाप्ति पर भारत के 59 पदक हैं. अब उसे साल 2014 में मैनचेस्टर से आगे निकलने के लिए छह और पदकों की दरकार है. और यह हासिल करने के लिए भारत को रविवार को दांव पर लगे सभी छह पदक जीतने होंगे. 

 


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