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Commonwealth Games 2018: खेलों की इन 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में आप बमुश्किल ही जानते होंगे, नजर दौड़ा लीजिए

करोड़ों भारतीय खेलप्रेमियों की निगाहें भी करीब ढाई सौ खिलाड़ियों की भागीदारी वाले दल पर टिकी हुई हैं. वास्तव में यह देखने की बात होगी कि इस बार भारतीय दल अपना सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाता है या नहीं

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Commonwealth Games 2018: खेलों की इन 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में आप बमुश्किल ही जानते होंगे, नजर दौड़ा लीजिए

कॉमनवेल्थ खेलों का लोगो

खास बातें

  1. सिर्फ महिलाएं ही खेलती हैं ये खेल
  2. यह खेल अभी भी कराता है ब्रिटिश दबदबे का अहसास
  3. ऑस्ट्रेलिया पदकों का बादशाह
नई दिल्ली: उदघाटन समारोह के साथ ही 21वें कॉमनवेल्थ खेलों का आगाज हो गया है. और अगले करीब दो हफ्ते पूरी दुनिया के खेलप्रेमी इन खेलों में नजर आएंगे. करोड़ों भारतीय खेलप्रेमियों की निगाहें भी करीब ढाई सौ खिलाड़ियों की भागीदारी वाले दल पर टिकी हुई हैं. वास्तव में यह देखने की बात होगी कि इस बार भारतीय दल अपना सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाता है या नहीं. बहरहाल कॉमनवेल्थ खेलों से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में जान लीजिए. 
 
1. पहले कॉमनवेल्थ खेल
पहली बार कॉमवेल्थ खेलों का आयोजन साल 1930 में हैमिल्टन (कनाडा) में हुआ था. इन खेलों में 11 देशों के 400 खिलाड़ियों ने शिरकत की. द्वितीय विश्व युद्ध के कारण साल 1942 और 1946 को छोड़ दें, तो  तब से हर चाल के अंतराल पर इन खेलों का आयोजन होता आ रहा है. साल 2018 के संस्करण में करीब 6000 खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. 

2. ऐसे बदलते रहे नाम
साल 1930-50 तक के खेलों का ब्रिटिश एंपायर गेम्स के नाम से जाना जाता था. साल 1954-66 तक के खेल ब्रिटिश एंपायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाने गए. साल 1970-74 तक खेलों का नाम ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स हो गया. और इसके बाद से  ब्रिटिश शब्द भी हट गया.
 
3. 53 देश, 71 टीमें
हालांकि, राष्टमण्डल खेलों में केवल 53 ही देश हैं, लेकिन इन देशों की 71 टीमें खेलों में शामिल होती हैं. इन देशों में कुछ स्वतंत्र इलाके हैं, जो अपने खुद के झंडे तले इन खेलों में हिस्सा लेते हैं. उदाहरण के तौर पर यूके से चार देश इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तर ऑयरलैंड अपनी अलग टीम भेजते हैं. 

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4. ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा आयोजन
कुल नौ देश अभी तक कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन कर चुके हैं. सात देशों के 18 शहरों में इन खेलों का आयोजन हुआ है. ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा पांच (1938, 1962, 1982, 2006, 2018) बार इन खेलों का आयोजन किया है. कनाडा ने चार (1930, 1954, 1978 व 1994) में खेलों की मेजबानी की है.

5.  बॉक्सिंग और जूडो में दो कांस्य!
इस खेल में दो कांस्य पदक दिए जाते हैं. साल 1958 से तीसरा स्थान सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों के बीच साझा किया जाता है. कॉमनवेल्थ खेलों में बॉक्सिंग और जूडो केवल दो खेल हैं, जिनमें प्रत्येक फाइनल मुकाबले के बाद तीन नहं, बल्कि चार पदक दिए जाते हैं. 
 
6. यह खेल इसलिए है खास
लॉन बाउल्स कॉमनवेल्थ खेलों का इकलौता ऐसा खेल है, जो ओलंपिक का हिस्सा नहीं है. खेलों के लिए प्रतिस्पर्धाओं के चयन में इस खेल का उदाहरण पूर्व ब्रिटिश साम्राज्य के प्रभाव को प्रदर्शित करता है.

7. सिर्फ लड़कियों का खेल!
कॉमनवेल्थ खेलों में नेटबॉल तीन टीम (दल) खेलों में से एक था, जिसे साल 1998 में क्वालालंपुर खेलों से शामिल किया गया. बहरहाल बता दें कि नेटबॉल इकलौता ऐसा खेल है, जिसे इन खेलों में केवल महिलाएं की खेलती हैं.

8. ये हैं पूल के शहंशाह!
स्विंग में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और इंग्लैंड एक तरफ हैं, तो बाक देश एक तरफ. इन तीनों देशों ने मिलकर तैराकी में करीब 1500 के आस-पास पदक अपनी झोली में डाले हैं, तो वहीं बाकी देशों ने मिलकर ढाई सौ के आस-पास ही तैराकी में पदक जीते हैं. 
 
9. टेनिस की शुरुआत और छुट्टी !
साल 2010 में दिल्ली में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ खेलों में लॉन टेनिस की शुरुआत हुई. हालांकि, साल 2014 से इस खेल को सूची से हटा दिया गया. और  2018 में भी इसे खेलों में शामिल नहीं किया गया.


10. कंगारू हैं पदकों के बादशाह
खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा पदक ऑस्ट्रेलिया (2218) ने जीते हैं. दूसरे नंबर पर इंग्लैंड (2008) और कनाडा (1473) का नंबर आता है 

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VIDEO: कुछ दिन पहले महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने एनडीटीवी से बात की. 
कुल  मिलाकर इन खेलों से जुड़ी इतनी यादगार बाते हैं कि बताते-बताते थक जाएंगे. और आप जानते-जानते. लेकिन हम इन बातों को आगे आपके लिए पूरे खेलों के दौरान लाते रहेंगे. एनडीटीवी हिंदी खबर से लगाता जुड़े रहिएगा. बढ़िया और नई-नई जानकारियां आपको मिलेंगी.


 


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