NDTV Khabar

वर्ल्डकप के दावेदार : रोनाल्डो पर कुछ ज़्यादा ही निर्भर है पुर्तगाल

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
वर्ल्डकप के दावेदार : रोनाल्डो पर कुछ ज़्यादा ही निर्भर है पुर्तगाल
नई दिल्ली:

वर्ल्डकप से एक दिन पहले आखिरी अभ्यास मैच में आयरलैंड को 5−1 से रौंदना किसी भी टीम का हौसला दोगुना कर सकता है, भले ही पुर्तगाल (4) और आयरलैंड (70) की वर्ल्ड रैंकिंग में खासा फर्क है।

दरअसल, इस मैच से पहले पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिश्चियानो रोनाल्डो की फिटनेस को लेकर कई तरह के सवाल खड़े थे, लेकिन रोनाल्डो ने एक घंटे से भी ज़्यादा वक्त मैदान पर बिताया और साबित कर दिया कि जर्मनी को उनके पहले मैच में इस खिलाड़ी के खिलाफ अपनी रणनीति सख्त रखनी होगी।

पुर्तगाल की त्रासदी यह रही है कि बेहद हुनरमंद खिलाड़ियों के होते हए भी इस टीम ने सिर्फ छठी बार वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई किया है। सुपरस्टार रोनाल्डो, वर्ष 1966 वर्ल्डकप के सर्वाधिक गोल ठोकने वाले यूसेबियो, पूर्व स्ट्राइकर नेने, शानदार मिडफील्डर लुइस फिगो और डेको - पुर्तगाली फुटबॉल की शानदार परंपरा के ये कुछ ऐसे दिग्गज हैं, जिन्होंने दुनिया-भर में ज़बरदस्त शोहरत कमाई, लेकिन पुर्तगाल की टीम वर्ल्ड फुटबॉल पर दबदबा कभी कायम न कर सकी।

वर्ष 2006 में यह टीम वर्ल्डकप में चौथे नंबर पर रही, जबकि वर्ष 1966 में पुर्तगाल टीम तीसरे नंबर पर रही थी, जो इसका अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन है। वर्ष 2010 में यह टीम राउंड ऑफ सिक्सटीन तक पहुंच पाई और 11वें नंबर पर रही थी।

पुर्तगाल के सितारे
कप्तान क्रिश्चियानो रोनाल्डो टीम का सबसे बड़ा नाम हैं, लेकिन उनके अलावा अल्मीडा ह्यूगो, हेल्डर पोस्टिगा, नानी, कोएंत्रावो, ब्रूनो अलावेस और पेपे जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत हैं।

पुर्तगाल की खासियत
1−2−2−1−4 या 3−3−4 के फॉर्मेशन से दुर्ग बनाकर लैटिन-अमेरिकी स्टाइल में फुटबॉल खेलती यह टीम काउंटर अटैक में माहिर मानी जाती है। कोच पॉउलो बेंतो अपने खिलाड़ियों से आक्रामक फुटबॉल खेलने पर ज़ोर देते हैं। स्पीड, ताकत और अपने आक्रामक तेवरों से यह टीम विपक्षी टीमों का हौसला तोड़ने का माद्दा रखती है

पुर्तगाल की चुनौती
पुर्तगाल टीम क्रिश्चियानो रोनाल्डो पर हद से ज़्यादा निर्भर करती है। टीम के पास हेल्डर पोस्टिगा या अल्मीडा ह्यूगो जैसे स्ट्राइकर तो हैं, लेकिन उन्हें वर्ल्ड क्लास नहीं कहा जा सकता। ऐसे में दूसरी टीमें क्रिश्चियानो रोनाल्डो को रोककर पुर्तगाल का रास्ता रोक सकती हैं।

110 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 49 गोल दाग चुके रोनाल्डो के सामने माराडोना और पेले के उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने दम पर अपनी टीम को वर्ल्ड चैम्पियन बनाया। अब देखना यह है कि क्या रोनाल्डो ऐसा कुछ कर पाएंगे।

टिप्पणियां


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement