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कॉमनेवल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड जीतने वाली वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल, अस्थायी रूप से निलंबित

अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला भारोत्तोलक संजीता चानू को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.

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कॉमनेवल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड जीतने वाली वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल, अस्थायी रूप से निलंबित

संजीता ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 192 किलो वजन उठाकर गोल्‍ड जीता था (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. संजीता के नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉइड टेस्टोस्टेरॉन ड्रग मिला
  2. 53 किलो वर्ग में 192 किलो भार उठाकर जीता था गोल्‍ड
  3. फैसले को अनुशासन समिति के समक्ष दे सकती हैं चुनौती
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला भारोत्तोलक संजीता चानू को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. आईडब्ल्यूएफ ने एक बयान में कहा, "आईडब्ल्यूएफ ने संजीता चानू को टोप टेस्ट में फेल पाया है. उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉइड टेस्टोस्टेरॉन नाम का ड्रग पाया गया है जो प्रतिबंधित किया जा चुका है. इसी के चलते उन्हें डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन करने पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है." मणिपुर की संजीता के पास अब आईडब्ल्यूएफ के फैसले को डोपिंग रोधी अनुशासन समिति के समक्ष चुनौती देने का अधिकार है. हालांकि यदि वह अपना केस हार जाती हैं तो गोल्ड कोस्ट में जीते गए स्वर्ण पदक उनसे छीन लिया जाएगा.

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गौरतलब है कि संजीता ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 192 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था और नया रिकॉर्ड स्‍थापित किया था. फेडरेशन ने हालांकि डोप परीक्षण नमूना लेने की तारीख जैसे अन्य विवरण नहीं दिया और कहा, "आईडब्ल्यूएफ इस मामले के समाप्त होने तक और कोई टिप्पणी नहीं करेगा."

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यह पता चला है कि संजीता को भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने शिविर छोड़ने को कहा है जिसके बाद वह अपने घर मणिपुर के लिए रवाना हो गई हैं. हिमाचल प्रदेश के शिलारू स्थित साई सेंटरमें दूसरे भारोत्तोलकों ने अपना अभ्यास जारी रखा है. यह स्पष्ट नहीं है कि उसका डोप नमूना कब लिया गया था क्योंकि इस पर टिप्पणी के लिए भारतीय भारोत्तोलन संघ के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया. उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. यह अनुमान लगाया जा रहा कि पिछले साल नवंबर में अनाहेम (अमेरिका) में हुई विश्व चैम्पियनशिप के दौरान उनका नमूना लिया गया था जिसमें से ‘ए’ नमूना पॉजिटिटिव पाया गया है. अगर ऐसा है  तो यह पता नहीं चल सका कि डोप परिणाम इतने देर से प्रकाशित कैसे हुआ क्योंकि विश्व चैम्पियनशिप खत्म हुए छह महीने बीत गए हैं.(इनपुट: एजेंसी)


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