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आठवीं एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप : जीतू राय ने कहा, चीन के न आने से स्पर्धा पर फर्क नहीं पड़ेगा

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आठवीं एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप : जीतू राय ने कहा, चीन के न आने से स्पर्धा पर फर्क नहीं पड़ेगा

जीतूू राय (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

2010 कॉमनवेल्थ खेलों के पांच साल बाद भारत में पहली बार हो रही आठवीं एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप को लेकर निशानेबाज कई वजहों से उत्साहित हैं।

शूटरों का खुद से ही कॉम्पीटीशन
2014 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में सिल्वर, ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड और 2014 के चार वर्ल्ड कप में चार मेडल जीतने वाले जीतू राय दिल्ली में हो रही एशियाई चैंपियनशिप को लेकर जोश से भरे हुए हैं। उन्हें रियो का टिकट पहले ही मिल चुका है, इसलिए उसे लेकर उन्हें फिक्र नहीं है। लेकिन वे कहते हैं कि शूटरों का कॉम्पीटीशन खुद से ही होता है। अपने स्कोर को बेहतर करना सभी शूटरों का सबसे बड़ा टारगेट होता है। वे कहते हैं कि चीन के नहीं आने से ऐसा नहीं है कि शूटर अपना स्कोर खराब करना चाहेंगे। जीतू कहते हैं कि रियो ओलिंपिक्स के मद्देनजर वे लगातार अच्छी मेहनत कर रहे हैं।

अभिनव बिन्द्रा और गगन नारंग आमने-सामने
रियो ओलिंपिक्स से पहले यह टूर्नामेंट शायद भारत में होने वाला आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है जिसमें अभिनव बिन्द्रा और गगन नारंग आमने-सामने होंगे। यही नहीं टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। भारतीय शूटिंग संघ इस खेल की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए नए सिरे से कोशिश कर रहा है।


ओलिंपिक्स का कोटा हासिल कर चुके गुरप्रीत सिंह कहते हैं कि वे इस मुकाबले को अभिनव बिन्द्रा बनाम गगन नारंग टूर्नामेंट की तरह नहीं देख रहे। वे भी जीतू राय की बात दुहराते हैं कि शूटिंग जैसे गेम में खुद से ही प्रतियोगिता होती रहती है।

ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिन्द्रा और 2012 ओलिंपिक के पदक विजेता गगन नारंग एक टूर्नामेंट में हिस्सा लें तो शूटरों की दिलचस्पी वैसे ही बढ़ जाती है। दिल्ली में 27 से 30 सितंबर तक होने वाली 8वीं एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में बिन्द्रा नारंग की टक्कर को लेकर शूटिंग फ़ैन्स का उत्साह जरूर बढ़ गया है. अन्य भारतीय शूटर इस टूर्नामेंट को रियो ओलिंपिक्स की तैयारी के लिहाज से एक उम्दा टूर्नामेंट मान रहे हैं।

50 से ज्यादा भारतीय शूटर लेंगे हिस्सा
13 देशों के 180 शूटरों के बीच 50 से ज्यादा भारतीय शूटर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें बिन्द्रा और नारंग के अलावा रियो ओलिंपिक्स में जगह बना चुके सात भारतीय शूटर शामिल हैं। इन सबको लगता है कि इस टूर्नामेंट का भारत को लंबे समय में बड़ा फायदा होगा। लेकिन रियो ओलिंपिक्स को लेकर जीतू राय कोई पक्का बयान देने से बचते हैं। वे कहते हैं, 'यह मैं नहीं कह सकता कि मैं रियो में मेडल जीत लूंगा। यह कोई नहीं कह सकता। यह ताकत का खेल नहीं मेंटल गेम है, इसलिए ऐसी बातें नहीं कही जा सकतीं।'

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ईरान, बांग्लादेश जैसी विदेशी टीमों के बीच चीन और पाकिस्तान की कमी यहां जरूर खलेगी। इस टूर्नामेंट के जरिये खिलाड़ियों को रियो का टिकट हासिल नहीं हो सकेगा, लेकिन फिर भी भारतीय स्टार इसकी रौनक फीकी नहीं पड़ने देंगे।

शूटिंग की लोकप्रियता बढ़ेगी
ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर मेडल जीत चुकीं मलाइका गोयल अपनी मां के साथ शूटिंग रेंज में देखी जा सकती हैं। वे यूथ वर्ग में हिस्सा ले रही हैं। दिल्ली में हो रहे इस टूर्नामेंट को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। वे कहती हैं, 'टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण किया जा रहा है। इस सबसे यहां इसकी लोकप्रियता तो बढ़ेगी ही युवा और नए खिलाड़ियों में इस खेल को लेकर उत्साह बढ़ेगा।'



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