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मेरा सपना था कि माता-पिता को घर दे सकूं : महिला हॉकी टीम की कप्‍तान रानी रामपाल

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मेरा सपना था कि माता-पिता को घर दे सकूं : महिला हॉकी टीम की कप्‍तान रानी रामपाल

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्‍तान रानी रामपाल (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: भारत ने महिला हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड 2 के फ़ाइनल में चिली को हराकर वर्ल्ड लीग सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली. फ़ाइनल में टीम को पेनल्टी शूटआउट के ज़रिये जीत हासिल हुई. वैंकूवर (कनाडा) से चैंपियन बनकर लौटी टीम की कप्तान हरियाणा के शाहाबाद में अपने नये घर में जाने की तैयारी कर रही हैं. रियो ओलिंपिक्स में हुई टीम की हार के बाद मिली ये जीत टीम के लिए बेहद ख़ास है. रानी रामपाल कहती हैं कि उनकी जीत में टीम के नये कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के साथ बड़ा बदलाव आया है और टीम अब बड़ी जीतों की उम्मीद करने लगी है.

सवाल : महिला हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड 2 टूर्नामेंट में मिली जीत टीम के लिए कितनी बड़ी है? ओलिंपिक के बाद लगातार जीत का सिलसिला बना हुआ है.
रानी रामपाल : ये हमारे लिए 2017 का बेस्ट टूर्नामेट साबित हुआ है. अब इसके ज़रिये वर्ल्ड कप (2018, लंदन) में क्वालिफ़ाई करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इस टूर्नामेंट में जीत से हमारा हौसला बढ़ा है. हमने रियो ओलिंपिक में कई ग़लतियां कीं (5 मैच, 1 ड्रॉ, 12वीं रैंकिंग). हमने अपनी ग़लतियां सुधारने की कोशिश की है. इस टूर्नामेंट में हमारी टीम चैंपियन बनी लेकिन यहां भी कई ग़लतियां हुईं. हम इसे कैंप में ठीक करने की कोशिश करेंगे और देखेंगे कि ये ग़लतियां आगे नहीं हों.

सवाल : ओलिंपिक के बाद टीम और उसके रवैये में क्या बदलाव आया है?
रानी रामपाल : ओलिंपिक में हार कर आख़िरी स्थान पर आने से टीम में सब बहुत दुखी हुए. लेकिन हमने वहां ये ज़रूर सीखा की दबाव को कैसे हैंडल करना है. टीम के नये डच कोच शोर्ड (Sjoerd Marijne) ने हमें मानसिक तौर से और मज़बूत करने की कोशिश की है. वो कहते रहते हैं कि विपक्षी टीम की रैंकिंग पर कोई ध्यान नहीं देना है. वो रोलंट ऑल्टमैन्स (भारतीय पुरुष टीम के डच कोच की तरह) ये भी बताते रहते हैं कि हमें गेम में अपनी टीम के स्ट्रक्चर को बनाये रखना है. इससे हमारे गेम में सुधार आ रहा है.

सवाल : टीम के नये कोच और नये नया सपोर्ट स्टाफ़ से कितना फ़र्क पड़ा है?
रानी रामपाल : अब हमारी टीम आक्रमक हॉकी खेल रही है. साथ ही सपोर्ट स्टाफ़ का ज़ोर रहता है कि हम अपना धैर्य भी बनाये रखें. हमें अटैक करते वक्त काउंटर अटैक को भी माइंड में रखना पड़ता है. लेकिन हमारे पॉज़ीटिव प्वाइंट को छेड़ने की कोशिश नहीं की गई है. मसलन हमारे पेनल्टी कॉर्नर की ताक़त को पहले से बढ़ाने की कोशिश की गई है लेकिन स्टाइल में बदलाव नहीं लाया गया है.

सवाल : गोलकीपर सविता (पुनिया) ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. बतौर कप्तान आप उनका प्रदर्शन कैसे आंकती हैं?
रानी रामपाल : उन्हें टूर्नामेंट का बेहतरीन गोलकीपर चुना गया है. उन्होंने कई मैचों में शानदार बचाव किए. ऊरूग्वे और चिली जैसी टीमों के ख़िलाफ़ शानदार बचाव कर टीम को जीत दिलाई. वो सौ से ज़्यादा मैच खेल चुकी हैं और अनुभवी खिलाड़ी हैं. वो हमारी टीम के लिए बड़ा पॉज़िटिव हैं.

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सवाल : ओलिंपिक के दौरान और उसके बाद ड्रैग फ़्लिकर को लेकर भी मुश्किल रही. इस पहलू में टीम की क्या ताक़त है?
रानी रामपाल : अब गुरजीत (कौर) हमारी टीम की अच्छी ड्रैग फ़्लिकर साबित हो रही हैं. वो युवा खिलाड़ी हैं. उन्हें अनुभव हासिल हो रहा है. मुझे लगता है उनमें काफ़ी प्रतिभा है और आने वाले मैचों में वो टीम के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होंगी.

सवाल : आपने नया घर बनाया है. अब आप उस नये घर में जाने वाली हैं....इसे लेकर कैसा उत्साह है?
रानी रामपाल : लंबे समय से ये मेरा सपना था कि मैं अपने माता-पिता को एक नया घर दे सकूं. पहले हमारा घर मिट्टी का था. हमने शाहाबाद के मार्कण्डा इलाक़े में ही नया घर बनाया है. मैं बहुत खुश हूं कि मैं अपना और मां-बाप का ये सपना पूरा कर पायी. गुरुवार को हाउस वॉर्मिंग पार्टी है. उसी की तैयारी को लेकर सब उत्साह से भरे हुए हैं.


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