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गेमचेन्जर साबित होगा पूजा का गोल्ड: कोच कुलदीप

हरियाणा की पूजा कादियान ने रूस (कज़ान) में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास तो कायम किया ही भारत में इस खेल के रंगत बदलने की उम्मीद बढ़ा दी.

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गेमचेन्जर साबित होगा पूजा का गोल्ड: कोच कुलदीप

हरियाणा की पूजा कादियान जिन्होंने जीता गोल्ड.

खास बातें

  1. हरियाणा की पूजा कादियान ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में जीता गोल्ड.
  2. वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
  3. भारत पहुंचते ही पूजा का स्वागत एक स्टार की तरह हो रहा है.
नई दिल्ली: हरियाणा की पूजा कादियान ने रूस (कज़ान) में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास तो कायम किया ही भारत में इस खेल के रंगत बदलने की उम्मीद बढ़ा दी. वुशू संघ के सचिव सुशील कमार कहते हैं, "भारत में इस खेल से जुड़े एक लाख से ज़्यादा खिलाड़ियों और अधिकारियों का हौसला बढ़ गया है." पिछले तीन वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाली पूजा ने 75 किलोग्राम सान्डा स्टाइल प्रतियोगिता के फ़ाइनल में रूस की ही येवगनी स्टेपानोवा को हराया और पिछले 29 साल से चल रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.

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भारतीय टीम के मुख्य कोच कुलदीप हान्डू बताते हैं कि रूस में 2 डिग्री के तापमान में खेलते हुए फ़ाइनल में मेज़बान टीम की ही खिलाड़ी को शिकस्त देना आसान नहीं था. कुलदीप कहते हैं, "सेमीफ़ाइनल में पूजा ने मिस्र की खिलाड़ी को हराकर हौसला तो बढ़ा दिया था. लेकिन ये भी लग रहा था कि रूस की खिलाड़ी के ख़िलाफ़ खेलते हुए कहीं हमारे साथ अन्याय नहीं हो जाए. अच्छी बात ये थी कि वहां ईरान, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान, हांगकांग और दूसरेकई देशों की टीमें पूजा सहित दूसरे भारतीय  खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे. इसलिए लगा ही नहीं कि रूस के खिलाड़ी को घरेलू स्टेडियम में खेलने का फ़ायदा मिल पाया हो."

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पूजा की स्वर्णिम जीत के बाद रूस सहित दूसरे देशों के कोच ने भी उन्हें आकर बधाई दी. कज़ान में हुई 14वीं वुशू वर्ल्ड चैंपियनशिप में (26 सितंबर-14 अक्टूबर) पूजा को अपने पिछले तीन सिल्वर से गोल्ड मेडल तक का सफ़र करने में 8 साल लग गए. कज़ान में भारत ने एक गोल्ड और 4 कांस्य के साथ 5 मेडल जीते. वुशू संघ के जेनेरल सेक्रेटरी सुशील कहते हैं, "भारतीय टीम प्वाइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर (सान्डा में पांचवें और कुल मेडल टेबल में 12वें नंबर पर) पहुंच गयी. ये हमारे लिए बड़ी कामयाबी कही है." जबकि कोच कुलदीप कहते हैं, "इस बार हमें शुरुआत से ही 2-3 गोल्ड की उम्मीद थी. लेकिन ड्रॉ मुश्किल पड़ने की वजह से हम एक गोल्ड ही जीत सके." वो बताते हैं कि इस बार उनकी ट्रेनिंग ज़बरदस्त रही. ख़ासकर शिलारू (हिमाचल प्रदेश) में हुई हाई अल्टीट्यूड ट्रेनिंग से उन्हें बहुत फ़ायदा हुआ.   

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कज़ान वुशू वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन
1. पूजा कादियान  - गोल्ड - 75 किलोग्राम
2.रमेश चंद्र सिंह - कांस्य - 48 किलोग्राम
3.सूर्य भानुप्रताप सिंह - कांस्य - 60 किलोग्राम 
4.राजिन्दर सिंह- कांस्य - 90 किलोग्राम
5.के अनुपमा देवी - कांस्य - 65 किलोग्राम 

पूजा का हुआ शानदार स्वागत 
भारत पहुंचते ही पूजा का स्वागत एक स्टार की तरह हो रहा है. सीआरपीएफ़ में हेड कॉन्सेटबल के तौर पर काम कर रहीं पूजा को फ़ौरन सीआरपीएफ़ के महानिदेशक ने बुलाकर सम्मानित किया. उन्हें आज ही खेल मंत्री से मिलने का भी न्यौता मिला है. वुशू से जुड़े खिलाड़ी, कोच और अधिकारी मानने लगे हैं कि कि अब इस खेल से अगले एशियाई खेलों में भी बड़े नतीजे की उम्मीद की जाएगी. हालांकि भारतीय खिलाड़ियों की टक्कर वहां भी चीन के खिलाड़ियों से होगी. लेकिन इन्हें वहां भी गोल्ड की उम्मीद बंधने लगी है.


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