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इयान ह्यूम ने कहा, हीरो ISL सिर्फ एक टूर्नार्मेंट नहीं, एक शुद्ध लीग बन चुका है

हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का पर्याय रहे अनुभवी खिलाड़ी इयान ह्यूम का कहना है कि सीजन लंबा होता या फिर छोटा होता, वह इस बात पर गौर किए बगैर एक और सीजन खेलने के लिए यहां आते

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इयान ह्यूम  ने कहा, हीरो ISL सिर्फ एक टूर्नार्मेंट नहीं, एक शुद्ध लीग बन चुका है

फाइल फोटो

खास बातें

  1. अनुभवी खिलाड़ी इयान ह्यूम ने आईसीएल पर दी प्रतिक्रिया
  2. कहा- हीरो ISL सिर्फ एक टूर्नार्मेंट नहीं, एक शुद्ध लीग बन चुका है
  3. उन्होंने कहा कि यह लीग काफी सफल हो रही है
मुंबई: हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का पर्याय रहे अनुभवी खिलाड़ी इयान ह्यूम का कहना है कि सीजन लंबा होता या फिर छोटा होता, वह इस बात पर गौर किए बगैर एक और सीजन खेलने के लिए यहां आते. ह्यूम ने हालांकि, यह भी कहा कि पांच माह तक चलने वाले इस लंबे लीग का मतलब यह है कि इससे पहले आयोजित आईएसएल एक टूर्नामेंट था, लेकिन अब यह एक शुद्ध लीग बन चुका है. ह्यूम ने यह भी कहा कि वह लीग के लंबा होने से यहां आने वाले बड़े खिलाड़ियों की संख्या या फिर रुचि में कमी नहीं देखते. इसका सबसे बड़ा सबूत दमित्रोव बेरबातोव और वेस ब्राउन जैसे मैनेस्टर युनाइटेड के पूर्व दिग्गजों का इस लीग से जुड़ना है. इससे यह साबित होता है कि लीग काफी सफल हो रही है. आईएसएल चैम्पियन ह्यूम ने कहा कि सीजन-4 में अधिक टीमें और लंबी अवधि का मतलब यह है कि लीग अधिक से अधिक स्थापित होगी.

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मुख्य कोच एलेक्जेंडर गुइमाराइस ने दो माह और तीन दिनों में ही मुंबई सिटी एफसी की काया पलट दी. लचर और अनिरंतर प्रदर्शन तथा कमजोर डिफेंस के लिए जाना जाने वाला यह क्लब बीते सीजन में लीग तालिका में शीर्ष पर रहा. अगर कोस्टा रिका के गुइमाराइस 60 दिनों के कम अंतराल में यह कारनामा कर सकते हैं, तो फिर ऐसे में लीग के अन्य कोचों को इस साल आईएसएल के पांच माह लंबा होने से अपनी रणनीति और सोच को बेहतर तरीके से लागू करने का मौका मिलेगा. गुइमाराइस बीते साल आईएसएल में खेलने वाली टीमों में से एकमात्र ऐसे कोच हैं, जिन्हें उनकी फ्रेंचाइजी ने इस साल रीटेन किया है. उन्होंने बिना पलक झपकाए मुंबई सिटी एफसी के कोच पद पर बने रहने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.

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एफसी गोवा के मिडफील्डर ब्रूनो पिनहिएरो ने कहा कि सीजन का लंबा होना ही उनके भारत आने की वजह है. पिनहिएरो पहले सीजन में भी गोवा के लिए खेले थे और अब वह दो साल के ब्रेक के बाद एक बार फिर क्लब को अपनी सेवाएं देने के लिए हाजिर हैं. चेन्नईयन एफसी कोच जॉन ग्रेगरी तो लीग के लंबा होने को लेकर इतने प्रभावित हैं कि वह बीते संस्करणों की अवधि के बारे में चर्चा तक नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, "मैंने बीते सीजन के मैच देखे हैं और यह भी देखा है कि चेन्नई टीम को छह दिनों में तीन मैच खेलने पड़े थे. यह बेहद खेदजनक है. प्रशिक्षण सत्र के मामले में मैं इंग्लैंड से अलग कुछ नहीं करता, जहां 38 सप्ताह में 46 मैच खेले जाते हैं.

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इनमें सप्ताह के मध्य में एफए लीग कप मैच भी होते हैं लेकिन एक लम्बा लीग खिलाड़ियों और कोचों को एक दूसरे को जानने का पर्याप्त समय देता है." पुणे की टीम के खिलाड़ी कीन लेविस ने कहा कि लंबे समय तक रोजगार खिलाड़ियों के हित में है. जितने भी कोचों ने हीरो आईएसएल मीडिया-डे में अपनी बात रखी, वे अपनी टीमों में कई तरह के विचारों का संचार करना चाहते हैं और उन्हें लागू भी करना चाहते हैं और इसके लिए समय की जरूरत होती है. लीग का कम अवधि का होना इस कार्य में बाधक है.


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