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HWC2018, India vs Belgium: वर्ल्ड नंबर-3 बेल्जियम को भारत ने 2-2 की बराबरी पर रोका

#INDvBEL: भारत ने अपनी सर्वश्रेष्ठ हॉकी तीसरे क्वार्टर में खेली. इस क्वार्टर में खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा देखने लायक थी. भारत ने वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.

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HWC2018, India vs Belgium: वर्ल्ड नंबर-3 बेल्जियम को भारत ने 2-2 की बराबरी पर रोका

भारतीय टीम को डिफेंस में कड़ा इम्तिहान देना होगा

भुवनेश्वर :

भुवनेश्वर में खेले जा रहे 14वें हॉकी विश्व कप के ग्रुप सी के मुकाबले में रविवार को मेजबान भारत दुनिया की नंबर तीन टीम बेल्जियम को 2-2 की बराबरी पर रोकने में कामयाब हुआ. दोनों देशों के बीच बहुत ही शानदार हॉकी खेली गई. भारत ने अपनी बेस्ट हॉकी तीसरे क्वार्टर में खेलते हुए स्कोर को पहले 1-1 से बराबर किया और फिर एक  समय सिमरनजीत के गोल से चौथे क्वार्टर में 2-1 की बढ़त भी हासिल कर ली. लेकिन मैच खत्म होने से चार महज मिनट पहले बेल्जियम ने गोल दाग कर स्कोर 2-2 कर दिया. शेष चार मिनट में कोई भी टीम गोल करने में नाकाम रही. और इस तरह किश्तों में शानदार हॉकी खेलने वाली भारतीय टीम 2-2 से ड्रॉ से ही संतोष कर सकी. 

बेल्जियम के लिए पहला गोल खेल के आठवें मिनट में एलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किया था, जिसके जवाब में भारत ने 39वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक से बराबरी का गोल किया था. यह गोल हरमनप्रीत ने किया था. खेल के 47वें मिनट में सिमरनजीत के बेहतरीन गोल से भारत ने बेल्जियम के खिलाफ 2-1 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन 56वें मिनट में गोगनार्ड सिमोन के मैदानी गोल से बेल्जियम ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया.  पहला क्वार्टर: बेल्जियम की आक्रामक शुरुआत
बेल्जियम टीम ने शुरुआत से ही भारत पर हमले बोले. नतीजा यह रहा शुरुआती पांच मिनटों के भीतर ही उस दो लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दोनों पर ही गोल नहीं हो सका. लगातार हमलों के बीच खेल के आठवें मिनट में आखिरकार बेलिज्यम को कामयाबी मिल ही गई, जब एलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर गोलची श्रीजेश को गच्चा देकर गोल दागकर अपन टीम को 1-0 से आगे कर दिया. पहला क्वार्टर खत्म होने तक बेल्जियम की यह बढ़त बरकरार रही. दूसरा क्वार्टर: नहीं मिली भारत को कामयाबी
दूसरे क्वार्टर में भारत के खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज पर गोल खाने का असर नहीं दिखा, लेकिन खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल की कमी जरूर साफ दिखाई पड़ी. दूसरा हाफ शुरू होते हुए सुमित ने एक अच्छा मूव बनाया और वह बेल्जियम खिलाड़ियों को भेदते हुए उनके पाले में जा पहुंचे. ललित के साथ सुमित ने जुगलबंदी बनाई, लेकिन वह ललित के एक तेज पास को नहीं संभाल सके. और गेंद छिन गई.  हताशा स्टेडियम में जमा भारतीय दर्शकों की तब ओर बढ़ गई, जब एक बेल्जियम खिलाड़ी को बाधा पहुंचाने की कोशिश में आकाशदीप को मैच रेफरी ने ग्रीन कार्ड दिखा दिया. और भारत के खिलाड़ियों की संख्या मैदान पर दस रह गई. दूसरे क्वार्टर में गेंद पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा ज्यादा रहा और उन्होने बेल्जियम डिफेंस को व्यस्त रखा, लेकिन भारतीय पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल करने में नाकाम रहे. साथ ही, इस क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ी बेल्जियम की तरह गति पकड़ने में नाकाम रहे. 
तीसरा क्वार्टर: दे-दनादन हमले, और भारत को मिली कामयाबी
तीसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज पूरी तरह बदल गई. मिले ब्रेक के बाद भारतीयों की एनर्जी देखने लायक थी. खेल शुरू होते ही दे-दनादन हमले बोले भारत ने. नतीजा यह रहा कि पहले 35वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर और फिर 39वें मिनट में दूसरा पेनल्टी कॉर्नर भारत को मिला. और बेल्जियम की हताशा से यह पेनल्टी कॉर्नर स्ट्रोक में तब्दील हुआ, तो हरमनप्रीत ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की. भारत ने 39वें मिनट में बेल्जियम का कर्जा उतारते हुए स्कोर 1-1 से बराबर करने में सफलता हासिल कर ली. और यह कहना गलत नहीं होगा की तीसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने चौंकाते हुए बेल्जियम को पूरी तरह पस्त कर दिया. अब यहां से दोनों टीमों की बॉडी लैंग्वेज उलट हो चली थी. 
चौथा क्वार्टर: सिमरनजीत ने दिलाई बढ़त, आत्मसंतुष्टि...और हो गया मैच बराबर 
भारतीय खिलाड़ियों ने तीसरे क्वार्टर में हासिल की अपनी बिजली सी गति को चौथे क्वार्टर में भी बरकरार रखा. 1-1 की बराबरी का करंट भारतीय खिलाड़ियों में साफ दिखाई पड़ा. और खेल के 56वें मिनट में सिमरनजीत ने कूल हेड का प्रदर्शन करते हुए शानदार मैदानी गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया. लेकिन इस बढ़त के बाद खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा में तीसरे हाफ जैसी भूख और जोश कम पड़ता दिखाई पड़ा. शायद बढ़त ने खिलाड़ियों को कुछ हद तक आत्मसंतुष्ट कर दिया. नतीजा यह रहा कि मैच खत्म होने से चार मिनट पहले बेल्जियम ने गोल दाग स्कोर 2-2 तो कर ही दिया, साथ ही आखिरी पलों में भारत की गोल खाने की बीमारी को भी सामने ला दिया. और इस तरह भारत एक तय जीत से वंचित रह गया.  इससे पहले शुरुआत में ही बेल्जियम को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन उसके खिलाड़ी इसका फायदा नहीं उठा सके. इस अहम मुकाबले के लिए भारतीय टीम इस प्रकार रही: 

VIDEO: कुछ दिन पहले ही एनडीटीवी ने भारतीय पुरुष व महिला दोनों कप्तानों से बात की थी. 

कुल मिलाकर भारत ने अच्छी और सुधरी हुई हॉकी खेली. लेकिन निश्चित ही मेजबानों को यहां मैच जीतना चाहिए था. और खिलाड़ी मैच की समाप्ति पर परिणाम को लेकर बहुत ही निराश होंगे. क्योंकि सिर्फ आखिरी के पांच मिनट ने बेल्जियम ने भारत से दिख रही तय जीत को ड्रॉ में तब्दील कर दिया. 
 



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