रियो ओलिम्पिक में उम्मीदों के भार से मैच गया हार : विकास कृष्ण

रियो ओलिम्पिक में उम्मीदों के भार से मैच गया हार : विकास कृष्ण

भारतीय बॉक्सर विकास कृष्ण (फाइल फोटो)

मुंबई:

रियो ओलिम्पिक के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उज़्बेक बॉक्सर के हाथों हारने से मेडल का सपना टूट जाने के बाद मुक्केबाज़ विकास कृष्ण ने कहा है कि वह 15 अगस्त, यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रशंसकों की उम्मीदों के बोझ से टूट गए, और हार का सामना करना पड़ा. विकास ने यह भी साफ कर दिया है कि वह फिलहाल विजेंदर सिंह की तरह प्रोफेशनल बॉक्सिंग रिंग में नहीं कूदेंगे.

2014 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता विकास ने पहले दो मुकाबलों में जीत दर्ज की थी, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उज़्बेकिस्तान के बेख्तामीर मेलिकुजीव से वह 0-3 से हार गए. मेलिकुजीव ने बाद में रजत पदक जीता. NDTV से ख़ास बातचीत में विकास ने कहा, "मुझे बहुत दुख है, लेकिन अब मैं पुरानी बातें भूलकर आगे ध्यान देना चाहता हूं..."

पेशेवर बॉक्सिंग में उनके शामिल होने की ख़बरों पर विकास ने कहा, "फिलहाल मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं है... देश के पैसों से ट्रेनिंग लेकर अगर मैं बग़ैर मेडल जीते पेशेवर बॉक्सिंग में जाता हूं, तो मुझे लगता है, यह ठीक नहीं होगा..."

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विकास ने अपनी हार के लिए मुक्केबाज़ी महासंघ की ग़ैरमौजूदगी को भी एक वजह बताया. विकास ने कहा, "अगर आईबीएफ होता, तो हम भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेते, उनके साथ खेलते, लेकिन हमें यह मौका नहीं मिला..."

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विकास पहले 69 किलोग्राम वर्ग में खेलते रहे हैं, लेकिन ओलिम्पिक में उन्होंने 75 किलोग्राम वर्ग में हिस्सेदारी की. विकास ने कहा कि 69 और उससे कम वज़न वाले वर्गों में मुकाबला तेज़ी का होता है, लेकिन उसके बाद यह ताकत का खेल बन जाता है. उन्हें ओलिम्पिक में इसका भी ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ा, क्योंकि मैच वाले दिन उनका वज़न 71 किलो था, जबकि उनके प्रतिद्वंदी का 75 किलो.