विश्‍व बॉक्सिंग चैंपियनशिप : शिवा थापा और विकास कृष्‍णन पर टिकीं भारत की पदक की उम्‍मीदें

शिवा थापा और विकास कृष्णन की अगुवाई में भारतीय मुक्केबाज शुक्रवार से यहां शुरू हो रही 19वीं विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में उतरेंगे तो उनकी नजरें पदकों का रंग और संख्या बेहतर करने पर होगी.

विश्‍व बॉक्सिंग चैंपियनशिप : शिवा थापा और विकास कृष्‍णन पर टिकीं भारत की पदक की उम्‍मीदें

शिवा थापा इससे पहले भी विश्‍व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं (फाइल फोटो)

खास बातें

  • शिवा, विकास और विजेंदर चैंपियनशिप में पहले जीत चुके हैं पदक
  • इस बार भारत के 8 बॉक्‍सर मुकाबले में उतरेंगे
  • शिवा ने वर्ष 2015 में 56 किलो वर्ग में जीता था कांस्‍य
हैम्बर्ग:

शिवा थापा और विकास कृष्णन की अगुवाई में भारतीय मुक्केबाज शुक्रवार से यहां शुरू हो रही 19वीं विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में उतरेंगे तो उनकी नजरें पदकों का रंग और संख्या बेहतर करने पर होगी. भारत ने 2009, 2011 और 2015 विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीते थे. शिवा ( 2015 ), विकास ( 2011 ) और अब पेशेवर हो चुके विजेंदर ( 2009 ) ने विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीते हैं. इस बार भारत के आठ मुक्केबाज मुकाबले में उतरे हैं जिन्होंने ताशकंद में हुई एशियाई चैम्पियनशिप के जरिये क्वालीफाई किया.

टीम के स्वीडिश कोच सैंटियागो नीवा ने कहा,‘हमारी तैयारी शानदार रही है .एशियाई चैम्पियनशिप में हमारे लड़कों ने दो रजत और दो कांस्य जीते और तीसरे स्थान पर रहे.’मिलान में 2009 में विजेंदर के पदक के बाद से भारतीय मुक्केबाजों ने लंबा सफर तय किया है. कोच ने कहा,‘यह चैम्पियनशिप पिछली से अलग है. इस बार भार वर्ग में बदलाव है और पिछली बार रियो ओलंपिक खेलने वाले कई खेल को अलविदा कह चुके हैं. उम्मीद है कि इस बार एक कांस्य पदक से अधिक हमारी झोली में गिरेगा.’मुक्केबाजों को भी अच्छे प्रदर्शन का यकीन है .

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दो बार के ओलिंपियन शिवा ने कहा,‘यह लंबा सफर रहा और हमने इसमें बहुत कुछ देखा. विश्व चैम्पियनशिप ओलंपिक के बाद सबसे बड़ा टूर्नामेंट है. मैं इसके लिये पूरी तरह से तैयार हूं.’असम के इस मुक्केबाज ने 2015 में बेंटमवेट ( 56 किलो ) में कांस्य जीता था. वह इस बार लाइटवेट ( 60 किलो ) में उतरेगा. इस वर्ग में हालांकि उसने तीन महीने पहले एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था.

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विकास भी भारत की प्रबल पदक उम्मीद में से है. एशियाई चैम्पियनशिप सेमीफाइनल मुकाबला यात्रा योजना को लेकर कन्फ्यूजन के चलते गंवाने के बाद उन्हें फटकार सुननी पड़ी लिहाजा वह अपनी छाप छोड़ने को बेताब होंगे. मिडिलवेट ( 75 किलो ) मुक्केबाज और पूर्व एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता विकास ने पटियाला में राष्ट्रीय शिविर की बजाय पुणे स्थित सैन्य खेल संस्थान में अभ्यास बेहतर समझा था. मनोज कुमार ( 69 किलो ) भी पदक के दावेदार है . सुमीत सांगवान ( 91 किलो ) ने चोट के बाद वापसी करते हुए एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता .दस दिवसीय चैम्पियनशिप में 85 देशों के 280 मुक्केबाज भाग लेंगे .

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भारतीय टीम : अमित फांगल ( 49 किलो ), कविंदर बिष्ट ( 52 किलो ), गौरव बिधूड़ी ( 56 किलो ), शिवा थापा ( 60 किलो ), मनोज कुमार ( 69 किलो ), विकास कृष्णन ( 75 किलो ), सुमीत सांगवान ( 91 किलो ) और सतीश कुमार ( प्लस 91 किलो ) .

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

 
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