बॉक्सिंग: कजाकिस्‍तान में हुई चैंपियनशिप में भारत ने जीते तीन स्‍वर्ण पदक

कजाकिस्‍तान में हुए मुक्‍केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय बॉक्‍सरों ने शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय मुक्केबाजों ने कजाकिस्‍तान के कारागंडा में हुएगालिम ज्हार्यलगापोव मुक्केबाजी टूर्नामेंट में तीन स्वर्ण , एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है.

बॉक्सिंग: कजाकिस्‍तान में हुई चैंपियनशिप में भारत ने जीते तीन स्‍वर्ण पदक

प्रतीकात्‍मक फोटो

खास बातें

  • भारतीय बॉक्‍सरों ने एक रजत और एक कांस्‍य भी जीता
  • श्‍याम, नमन और सतीश ने जीते स्‍वर्ण पदक
  • नमन तंवर रहे टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्‍ठ बॉक्‍सर
नई दिल्ली:

कजाकिस्‍तान में हुए मुक्‍केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय बॉक्‍सरों ने शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय मुक्केबाजों ने कजाकिस्‍तान के कारागंडा में हुएगालिम ज्हार्यलगापोव मुक्केबाजी टूर्नामेंट में तीन स्वर्ण , एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है. किंग्स कप के तीन बार स्वर्ण पदक विजेता और रेलवे के मौजूदा राष्ट्रीय चैम्पियन के श्याम कुमार (49 किग्रा), विश्व युवा चैम्पियनशिप के कांस्य पदकधारी नमन तंवर (91 किग्रा) और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक भार वार्ग) ने स्वर्ण अपने नाम किया.

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इसके साथ ही 19 साल के तंवर को टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का भी खिताब दिया गया. राष्ट्रीय चैम्पियन मनीष कौशिक (60 किग्रा) को रजत पदक मिला तो वही राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मंदीप जांगड़ा (75 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.

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जांगड़ा पहली पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस भार वर्ग में खेल रहे थे. गौरतलब है कि वर्ष 2017 भारतीय बॉक्सिंग के लिए अच्‍छा रहा है. गौरव बिधूड़ी और एमसी मैरीकॉम से लेकर शिव थापा तक सभी ने इस वर्ष सफलता हासिल की.

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वीडियो: महिला बॉक्‍सर एमसी मैरीकॉम से विशेष बातचीत
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी में भी भारत का ग्राफ ऊपर गया है और 2006 के बाद पहली बार भारत को विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप ( 2018 महिला और 2021 पुरुष ) की मेजबानी मिली. (इनपुट: एजेंसी)