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बोल्ट के करियर की आखिरी 100 मीटर रेस में 'हीरो' बने जस्टिन गैटलिन

अब तक 100 मीटर फर्राटा रेस का जिक्र होता था तब सबकी जुबां पर बोल्ट का ही नाम आता था, लेकिन करियर के अपने आखिरी रेस में बोल्ट अमेरिकी एथलीट जस्टिन गैटलिन से पिछड़ गए.

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बोल्ट के करियर की आखिरी 100 मीटर रेस में 'हीरो' बने जस्टिन गैटलिन

अमेरिकन एथलीट जस्टिन गैटलिन. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गैटलिन ने बोल्ट को 100 मीटर रेस में दी शिकस्त
  2. पहले दोनों स्थानों पर अमेरिकी धावकों का कब्जा
  3. बोल्ट अपने आखिरी 100 मीटर रेस में ले रहे थे हिस्सा
नई दिल्ली: दुनिया के महान धावक उसेन बोल्ट के रिटायर होने के बाद अब ट्रैक एंड फील्ड पर एक बार फिर बादशाहत की जंग तेज हो जाएगी. अब तक 100 मीटर और 200 मीटर फर्राटा रेस का जिक्र होता था तब सबकी जुबां पर बोल्ट का ही नाम आता था, लेकिन करियर के अपने आखिरी रेस में बोल्ट अमेरिकी एथलीट जस्टिन गैटलिन से पिछड़ गए. बोल्ट के रिटायर होने के बाद अब जस्टिन गैटलिन धरती पर सबसे तेज दौड़ने वाले एथलीट बन जाएंगे, हालांकि 100 मीटर और 200 मीटर फर्राटा रेस का विश्व रिकॉर्ड बोल्ट के ही नाम है. आइये एक नजर डालते हैं अमेरिकी एथलीट के करियर पर.....

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  • 10 फरवरी 1982 को अमेरिका में जन्मे जस्टिन गैटलिन 100 और 200 मीटर फर्राटा रेस के माहिर खिलाड़ियों में शामिल हैं.
  • 2004 के एथेंस ओलिंपिक में जस्टिन गैटलिन ने 100 मीटर फर्राटा रेस में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था. इसके अलावा वह 4 गुना 100 मीटर रिले रेस में भी सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे थे. 
  • 2005 में हेलसेंकी में हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गैटलिन ने 100 मीटर और 200 मीटर फर्राटा रेस पर कब्जा जमाया. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को 2017 में भी दोहराया. 
  • गैटलिन के खाते में 5 ओलिंपिक मेडल है. इनमें 1 गोल्ड , 2 सिल्वर और 2 ब्रोंज मेडल शामिल है. गोल्ड उन्होंने 2004 के एथेंस ओलिंपिक में जीता था. वहीं, एक सिल्वर एथेंस (2004) और एक रियो डि जेनेरियो (2016 ) में जीता. इसके अलावा 2 कांस्य पदक एथेंस (2004 ) और लंदन (2012) में ओलिंपिक में जीते थे. 
  • वर्ल्ड चैंपियनशिप में अब तक वह 7 पदक जीत चुके हैं. इनमें 3 गोल्ड और 4 सिल्वर मेडल शामिल है. 
  • गैटलिन के करियर में भी उतार-चढ़ाव का दौर रहा. 2001 में गैटलिन पर डोपिंग के कारण दो साल का प्रतिबंध लगाया गया. हालांकि अपील के बाद उनके प्रतिबंध को एक साल के लिए घटा दिया गया. इसके बाद 2006 में उनपर 4 साल का प्रतिबंध लगाया गया. इस बार भी उनपर डोप का ही आरोप था.
  • 2010 में गैटलिन एक बार फिर फील्ड पर लौटे और 2012 के लंदन ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर वापसी का जश्न मनाया. 2012 में ही उन्होंने इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड इनडोर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता. 

वीडियो देखें  : लंदन ओलिंपिक : बोल्ट ने फिर मारी बाजी


 


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