यह ख़बर 18 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

लंदन ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद : साइना नेहवाल

लंदन ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद : साइना नेहवाल

खास बातें

  • इसी साल उन्होंने थाईलैण्ड ग्रां प्री, इंडोनेशियन ओपन सुपर सीरीज़ और स्विस ओपन ग्रां प्री जीतकर ओलिम्पिक पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें चीन की दीवार लांघनी होगी...
नई दिल्ली:

पिछले चार साल में पांच सुपर सीरीज़ खिताब जीतने वाली दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी साइना नेहवाल से पूरे देश को बहुत उम्मीदें हैं... हिसार में जन्मी और हैदराबाद में पली-बढ़ी इस बैडमिंटन खिलाड़ी के लिए यह खेल सिर्फ खेल नहीं, उसकी ज़िन्दगी है... साइना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि एकाग्रता, तन्मयता, मेहनत और लगन का ऐसा मिश्रण किसी भी दूसरे खिलाड़ी में आसानी से ढूंढे नहीं मिलता... हर रोज़ नौ-नौ घंटे तक अभ्यास करती हैं साइना नेहवाल, क्योंकि उनके लिए ट्रेनिंग में न हीं कोताही करना जायज़ है, और न ही समझौता...

वर्ष 2008 में बीजिंग में हुए ओलिम्पिक में साइना नेहवाल क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं, और उसके बाद वर्ष 2009 में इंडियन ओपन ग्रां प्री और सुपर सीरीज़ इंडोनेशिया, वर्ष 2010 में सुपर सीरीज़ इंडोनेशिया, इंडियन ओपन ग्रां प्री, सुपर सीरीज़ सिंगापुर, सुपर सीरीज़ हांगकांग और कॉमनवेल्थ गेम्स दिल्ली, वर्ष 2011 में स्विस ओपन ग्रां प्री, वर्ष 2012 में सुपर सीरीज़ इंडोनेशिया और स्विस ओपन ग्रां प्री के खिताब यह 22-वर्षीय खिलाड़ी जीत चुकी है...

सो, इस तरह चार साल में पांच सुपर सीरीज़ खिताब हासिल करने वाली साइना इंडियन ओपन, कॉमनवेल्थ गेम्स और स्विस ओपन चैम्पियन भी बनीं... इसी साल उन्होंने थाईलैण्ड ग्रां प्री, इंडोनेशियन ओपन सुपर सीरीज़ और स्विस ओपन ग्रां प्री जीतकर ओलिम्पिक पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें चीन की दीवार लांघनी होगी... वर्ल्ड नंबर एक चीन की वांग यिहान और वर्ल्ड नंबर दो वांग झिंग हमारी इस खिलाड़ी को आसानी से आगे नहीं बढ़ने देंगी...

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वर्ष 2008 में अंतरराष्ट्रीय बैंडमिंटन संघ ने साइना नेहवाल को सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना था। वर्ष 2009 में अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2010 में साइना नेहवाल को पद्मश्री और राजीव गांधी खेलरत्न सम्मान से नवाज़ा गया... इस हैदराबादी गर्ल को मोतियों से ज़्यादा सोने से प्यार है, और हमें लाखों-करोड़ों हिन्दुस्तानियों की तरह हमें भी लगता है कि लंदन में सोने का पदक साइना नेहवाल का ही इंतज़ार कर रहा है...