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पैसों की कमी से जूझ रहे नेशनल स्क्वाश खिलाड़ी ने की किडनी बेचने की पेशकश

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पैसों की कमी से जूझ रहे नेशनल स्क्वाश खिलाड़ी ने की किडनी बेचने की पेशकश
मुंबई: कहा जाता है कि हिन्दुस्तान में आमतौर पर सिर्फ क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के पास पैसा होता है, और यही बात एक बार फिर सही साबित हुई, जब मुंबई के एक स्क्वाश खिलाड़ी को अगले महीने होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों से पहले ज़रूरी रकम जुटाने के लिए अपनी किडनी तक बेचने के लिए तैयार होना पड़ा।

इसी सप्ताह 23 साल के होने वाले रवि दीक्षित 5 से 16 फरवरी तक गुवाहाटी और शिलॉन्ग में होने जा रहे दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वाश टीम का हिस्सा हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रवि ने प्रायोजकों की कमी की वजह से पैसा न जुटने पर सोशल मीडिया पर अपनी किडनी को आठ लाख रुपये के बदले बेच देने की पेशकश की है।

"मैं कोई स्पॉन्सर नहीं ढूंढ पाया..."
रवि के पिता धामपुर शुगर मिल में काम करते हैं, जो इससे पहले रवि की आर्थिक मदद करती रही है, लेकिन रवि के मुताबिक अब वह रकम भी पर्याप्त नहीं पड़ती। मंगलवार को अंग्रेज़ी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स ने रवि के हवाले से बताया, "मुझे दक्षिण एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए कम से कम एक लाख रुपये की ज़रूरत है, लेकिन मैं अब तक कोई स्पॉन्सर (प्रायोजक) नहीं ढूंढ पाया हूं... इसीलिए मैंने अपनी किडनी को आठ लाख रुपये में बेच देने का फैसला किया है, ताकि दक्षिण एशियाई खेल ही नहीं, पूरे साल के बाकी टूर्नामेंटों में भी खेल सकूं..."
 

विश्लेषकों का कहना है कि देशभर में खेलों पर खर्च की जाने वाली रकम का 90 फीसदी हिस्सा क्रिकेट पर खर्च किया जाता है, क्योंकि वही देश में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय खेल है।

इस मुद्दे पर जब समाचार एजेंसी रॉयटर ने स्क्वाश रैकेट्स फाउंडेशन ऑफ इंडिया से संपर्क किया, उन्होंने तत्काल कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

"इस तरह तो वह अपनी ज़िन्दगी भी तबाह कर लेगा..."
रवि की किडनी बेचने की इस 'गैरकानूनी' कोशिश की वजह से उसके माता-पिता भी बहुत ज़्यादा चिंतित हैं। रवि के पिता रामकैलाश ने अंग्रेज़ी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, "मैंने रवि से बात की है... वह इस वक्त चेन्नई में है, लेकिन मैंने उससे फोन पर बात की... उसकी मां और मैं उसे यही समझा रहे हैं कि वह यह कदम न उठाए... मैंने रवि से कहा है कि हम इस मुसीबत से लड़ने का कोई न कोई रास्ता ज़रूर ढूंढ निकालेंगे... इस तरह तो वह अपना करियर और अपनी ज़िन्दगी, दोनों ही तबाह कर लेगा..."

रवि के पिता ने बताया, "दरअसल, मैंने अपनी बेटी की शादी रवि की कामयाबियों से आए पैसों से की... चूंकि उसे परिवार को भी मदद देनी होती है, इसलिए वह खुद के पास आए पैसों का भी अधिकतर हिस्सा अपने लिए इस्तेमाल नहीं कर पाता है..."


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