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NDTV Exclusive : क्रिसमस से ज़्यादा ट्रेनिंग पर है ज़ोर - मैरीकॉम

NDTV से ख़ास बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वो अपनी फ़िटनेस पर ख़ास ध्यान दे रही हैं. वो कहती हैं कि अगर वो फ़िट रहीं तो उन्हें 48 किलोग्राम में स्वर्ण पदक की जीत का पक्का भरोसा है.

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NDTV Exclusive : क्रिसमस से ज़्यादा ट्रेनिंग पर है ज़ोर - मैरीकॉम

NDTV से बात करती बॉक्‍सर मैरीकॉम

नई दिल्‍ली: पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन और ओलिंपिक पदक विजेता एमसी मैरीकॉम इन दिनों मणिपुर जाकर क्रिसमस मनाने की तैयारी कर रही हैं. लेकिन उनकी नज़र गोल्ड कोस्ट में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड पर है. NDTV से ख़ास बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वो अपनी फ़िटनेस पर ख़ास ध्यान दे रही हैं. वो कहती हैं कि अगर वो फ़िट रहीं तो उन्हें 48 किलोग्राम में स्वर्ण पदक की जीत का पक्का भरोसा है.

सवाल : आप छुट्टी के दिनों में भी एकदिम फ़िट लग रही हैं. आपकी ट्रेनिंग बरक़रार है, क्रिसमस की क्या तैयारी है?
मैरीकॉम : बिल्कुल, मैं ट्रेनिंग कभी नहीं छोड़ सकती. मैं कोशिश कर रही हूं कि पूरी तरह फ़िट रहूं. गोल्ड कोस्ट (ऑस्ट्रेलिया) में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए जब अगले महीने कैंप शुरू होगा तो मैं एकदम फ़िट रहकर उसमें हिस्सा लेना चाहती हूं. इस वक्त मेरी नज़र गोल्ड कोस्ट के गोल्ड पर है. इसलिए क्रिसमस मनाने मणिपुर में अपने गांव जा रही हूं. यहां दिल्ली में क्रिसमस ट्री भी सजाया है. लेकिन ज़्यादा ज़ोर बॉक्सिंग पर है.

सवाल : आप कहती हैं कि 48 किलोग्राम में आपको कोई नहीं हरा सकता. लेकिन भारत की यूथ बॉक्सर आपसे भिड़ने का इरादा रखने लगी हैं.
मैरीकॉम : ये अच्छी बात है. गुवाहाटी में हुई वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैंने देखा कि भारतीय बॉक्सर्स ने बेहद अच्छा किया. कई लड़कियां बेहद टैलेंटेड हैं. इन्होंने मुझे कई बार लड़ते देखा है, मेरा स्टाइल जानती हैं. लेकिन रिंग में आएंगी तभी पता चलेगा किसमें कितना दम है.

सवाल : आपने हाल में अपने बच्चों के सर्टिफ़िकेट के साथ उनकी तस्वीरें पोस्ट कीं... ये सब दिखते बेहद शरारती हैं.
मैरीकॉम : हाल में मैं इनके स्कूल गई थी. मेरे बेटे रेंग पा और नेई नेई ने एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीते. मुझे बड़ा गर्व हुआ. मैंने उनकी वही तस्वीरें पोस्ट की थीं. मैं चाहती हूं इन्हें और देश के सभी बच्चों को खेलने का भरपूर मौक़ा मिलना चाहिए.

सवाल : आप चाहती हैं आपके बच्चे बॉक्सिंग में आएं?
मैरीकॉम : मेरे बच्चों को फ़ुटबॉल बेहद पसंद है. ये फ़ुटबॉल के दीवाने हैं. ये अपने स्कूल की टीम में भी खेलते हैं. ये बड़े होंगे और मैच्योर (परिपक्व) होंगे तो खुद फ़ैसला लेंगे. मैं इनपर ज़ोर नहीं देना चाहती. उन्हें जो पसंद होगा वही करेंगे. ये मुझसे डरते भी नहीं हैं.

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सवाल : अगले साल आपको कॉमनवेल्थ खेल और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट खेलने हैं. क्या टारगेट कर रही हैं?
मैरीकॉम : मैं कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतना चाहती हूं. फिर एशियन गेम्स की तैयारी करूंगी. फ़िलहॉल विपक्षी खिलाड़ियों को ध्यान में रखकर भी तैयारी कर रही हूं. लेकिन मेरे लिए ख़ास बात फ़िटनेस ही है. फ़िट रही तो कोई भी विपक्षी मुश्किल नहीं होगा.

VIDEO: Exclusive : मेरी नजर कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड पर - मैरीकॉम


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