सस्पेंस खत्म, नरसिंह यादव को रियो जाने की मंजूरी मिली

सस्पेंस खत्म, नरसिंह यादव को रियो जाने की मंजूरी मिली

नरसिंह यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  • रियो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे नरसिंह यादव
  • पीएम मोदी से भी मिले थे नरसिंह यादव
  • डोपिंग के कलंक से खुद को मुक्त कराने के लिए लड़े
नई दिल्ली:

नरसिंह यादव रियो जाएंगे या नहीं इस पर से सस्पेंस खत्म हो गया है. भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रिज भूषण सिंह ने इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि भारतीय कुश्ती संघ ने UWW यानी United World Wrestling को दोबारा लिखा था कि प्रवीण राणा की जगह नरसिंह यादव रियो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और UWW ने  इसकी मंजूरी दे दी है.

नरसिंह यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को मिले थे और उनका शुक्रिया अदा किया. ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से ट्रायल की जंग जीतने और डोपिंग के कलंक से खुद को मुक्त कराने की लंबी लड़ाई के बाद नरसिंह का उत्साह लौटता नज़र आ रहा है.

United World Wrestling की मंजूरी के साथ-साथ भारतीय ओलिंपिक संघ को भी अपनी रजामंदी देनी थी. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के नियमों के अनुसार टीम में बदलाव का अधिकार देश की ओलिंपिक समिति को होता है. नरसिंह के लिए राहत की बात है. रियो ओलिंपिक में भारत के chef de mission राकेश गुप्ता ने कहा है कि इस संबंध में काम शुरू हो चुका है.

25 जून और 5 जुलाई को NADA ने नरसिंह यादव पर दो डोप टेस्ट किए. 23 जुलाई को यह ख़बर सार्वजनिक हो गई कि दोनों टेस्ट में नरसिंह यादव पॉजीटिव पाए गए हैं. रियो में पदक के दावेदार माने जाने वाले पहलवान नरसिंह यादव के लिए मानो दुनिया खत्म हो गई. नरसिंह यादव संभले तो उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े षड्यंत्र के शिकार हुए हैं. नरसिंह पर आरोप लगा उन्होने METHANDIENONE का सेवन किया है. लेकिन इस षड्यंत्र में खामी थी. दरअसल METHANDIENONE एक एनाबॉलिक स्ट्रायड है जो मसल्स बनाने में काम आता है. जबकि रियो के पहले नरसिंह को करीब 8 किलो वजन कम करना था. नरसिंह के वकील यही दलील देते रहे कि नरसिंह वजन बढ़ाने वाला ड्रग्स क्यों लेगा. उनके खाना में किसी ने जानबूझ कर यह मिलाया था. नाडा में दो दिनों तक सुनवाई के बाद एक बार फिर फैसला नरसिंह के पक्ष में आया.

 
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