नरसिंह यादव डोपिंग मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई : कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण

नरसिंह यादव डोपिंग मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई : कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण

पहलवान नरसिंह यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  • नरसिंह यादव को रियो ओलिंपिक में 74 किग्रा वर्ग में उतरना था
  • खेल पंचाट ने मुकाबले से पहले ही लगा दिया था 4 साल का प्रतिबंध
  • नरसिंह ने मामले के खुलासे के बाद साजिश होने का लगाया था आरोप
नई दिल्ली:

पहलवान नरसिंह यादव से जुड़े डोपिंग मामले में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब इस मामले को सीबीआई के हवाले करने की बात सामने आई. यह जानकारी भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दी. नरसिंह ने मामले के खुलासे के बाद सीबीआई जांच की मांग की थी और कहा था कि वह झूठ नहीं बोल रहे हैं और उनका नार्को तक कराया जा सकता है. गौरतलब है कि नरसिंह यादव को रियो ओलिंपिक में 74 किग्रा के मुकाबले से कुछ समय पहले ही खेल पंचाट के फैसले में दोषी ठहरा दिया गया था और वह उसमें भाग नहीं ले पाए थे.

टैबलेट के रूप में लेने का आरोप
नरसिंह पर 4 साल का प्रतिबंध लगाने के दौरान खेल पंचाट ने फैसला दिया था कि यह पहलवान (नरसिंह) अपने खाने-पीने से छेड़छाड़ के दावे के संदर्भ में कोई भी 'वास्तविक साक्ष्य' देने में विफल रहा और संभावनाओं का संतुलन यह कहता है कि उसने एक से अधिक मौके पर प्रतिबंधित पदार्थ जानबूझकर टैबलेट के रूप में लिया.

यह बात कनाडा की प्रोफेसर और विशेषज्ञ क्रिस्टियान अयोटे ने दी थी, जिन्होंने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की ओर से पक्ष रखा था. वह 1995 से आईएएएफ डोपिंग आयोग का हिस्सा रही हैं और 1995-96 में उन्हें आईओसी मान्यताप्राप्त प्रयोगशालाओं के प्रमुख का प्रतिनिधि चुना गया. वह फिलहाल मॉन्ट्रियल में वाडा से मान्यताप्राप्त प्रयोगशाला की निदेशक हैं.

दो टेस्ट में फेल रहे थे नरसिंह
नरसिंह के मूत्र का नमूना प्रतियोगिता के इतर 25 जून को लिया गया और इसमें मिथेनडाइनोन के अंश पाए गए थे. 5 जुलाई को प्रतियोगिता के इतर लिए गए एक अन्य नमूने में भी मिथेनडाइनोन के लंबे समय तक रहने वाले अंश पाए गए थे.

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