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NDTV Exclusive: कोच गोपीचंद ने कहा, क्रिकेट अब भी बहुत आगे, दूसरे खेलों में बैडमिंटन नंबर वन

पिछला हफ्ता भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद शानदार रहा. भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज़ में छाए रहे. मंगलवार से ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज के मैच शुरू हो गए हैं.

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NDTV Exclusive: कोच गोपीचंद ने कहा, क्रिकेट अब भी बहुत आगे, दूसरे खेलों में बैडमिंटन नंबर वन

पुलेला गोपीचंद की कोचिंग में पीवी सिंधु सहित कई खिलाड़ियों ने खिताब जीते हैं...

पिछला हफ्ता भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद शानदार रहा. भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज़ में छाए रहे. मंगलवार से ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज के मैच शुरू हो गए हैं. मेन्स सिंगल्स में किदाम्बि श्रीकांत और एचएस प्रणय समेत छह भारतीय खिलाड़ी पहले राउंड का मैच खेलेंगे, जबकि महिला सिंगल्स में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल समेत तीन भारतीय खिलाड़ी अपनी ज़ोर आज़माइश करती नज़र आएंगी. भारतीय बैडमिंटन की हाल की कामयाबी को लेकर कोच पुलेला गोपीचंद बेहद खुश हैं. NDTV से ख़ास बातचीत में गोपीचंद ने कहा कि क्रिकेट को छोड़ दें तो बैडमिंटन भारत का नंबर 1 स्पोर्ट बन गया है. टीम इंडिया और क्रिकेट फैन्स से भी गोपी ने अपील की कि उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है...

सवाल: इंडोनेशिया में पीवी सिंधु और साइना हार गईं, लेकिन एचएस प्रणय और किदाम्बि श्रीकांत ने भारतीय फैन्स को मायूस नहीं होने दिया. हाल की कामयाबी को देखकर क्या कह सकते हैं कि भारतीय बैडमिंटन अपने बेहतरीन फ़ॉर्म में हैं?
पुलेला गोपीचंद: बिल्कुल, हाल के दिनों में सुपर सीरीज टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी का अहसास दुनियाभर के खिलाड़ी करते हैं. इंडोनेशिया में दुनिया के टॉप 29 खिलाड़ी खेल रहे थे. यहां प्राइज़ मनी सबसे ज्यादा है. इस बड़े टूर्नामेंट में श्रीकांत का जीतना बहुत बड़ी बात है. श्रीकांत या दूसरे खिलाड़ी इस प्रदर्शन को ओलिंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप में दुहरा सकते हैं. मुझे लगता है भारतीय खिलाड़ी आगे भी अच्छा करते रहेंगे. श्रीकांत ने इंडोनेशिया में खिताब जरूर जीता, लेकिन एचएस प्रणय के प्रदर्शन को भी कम नहीं आंक सकते. वैसे तो ये इंडिनिज़ुअल स्पोर्ट है. लेकिन प्रणय ने श्रीकांत के लिए फाइनल को आसान बना दिया, इसलिए भारतीय खिलाड़ी एक टीम की तरह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

सवाल: आपने हाल में कहा है कि बतौर कोच आपके पास ज्यादा पावर नहीं हैं. क्या आप मानते हैं कि दूसरे खेलों में भी कोच को ज्यादा अधिकार मिलने चाहिए?
पुलेला गोपीचंद: देखिए, यह मैंने खेल के कई पहलुओं को एक साथ रखने के संदर्भ में कहा है. कोचिंग, टूअर स्ट्रक्चर और खिलाड़ियों की यात्राओं के पहलू एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. अगर खेलों को साइंटिफ़िक तरीके से आगे बढ़ाना है तो कोच के अधिकार ज़रूर बढ़ने चाहिए.

सवाल: आप किस खिलाड़ी को सबसे ज्यादा प्रतिभाशली आंकते हैं और आपको लगता है बैडमिंटन कामयाबी के लिहाज़ से नंबर 1 स्पोर्ट बन रहा है?
पुलेला गोपीचंद: मैं किसी एक खिलाड़ी का नाम कैसे ले सकता हूं, सभी तो मेरे खिलाड़ी हैं. जहां तक नंबर 1 स्पोर्ट की बात है क्रिकेट अभी दूसरे खेलों से बहुत आगे है. लेकिन बैडमिंटन को भी पसंद करने वाले बहुत सारे लोग हैं. इसकी लोकप्रियता यकीनन और भी बढ़ रही है.

सवाल: क्रिकेट को रहने दें... दूसरे ओलिंपिक खेलों में क्या बैडमिंटन को नंबर 1 का दर्जा जे सकते हैं?
पुलेला गोपीचंद: बिल्कुल, मेरे ख़याल से ओलिंपिक खेलों में बैडमिंटन भारत का नंबर 1 स्पोर्ट बन गया है.

सवाल: खेल में हार-जीत होती रहती है लेकिन जिस दिन श्रीकांत ने इंडोनेशिया ओपन जीता उसी दिन भारत चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट में पाकिस्तान से हार गया. भारतीय फ़ैन्स में क्रिकेट की हार को लेकर एक बेचैनी और नाराज़गी भी है....फ़ैन्स या क्रिकेट टीम के लिए आप क्या कहना चाहेंगे?
पुलेला गोपीचंद: देखिए, भारतीय क्रिकेटर्स ने इस साल कई अच्छी जीत दर्ज की हैं. किसी भी हार को लेकर फैन्स को और भी परिपक्वता से प्रतिक्रिया देनी चाहिए. खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाना चाहिए. इस साल क्रिकेट खिलाड़ियों ने कई बार हमारे चेहरों पर खुशी लाई है. मुझे लगता है क्रिकेट टीम आगे भी बड़ी जीत हासिल करेगी.


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