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पैरालिंपिक से अंतिम समय पर बाहर हुए सुंदर गुर्जर ने दुबई में रचा इतिहास, गोल्डन हैट्रिक लगाई...

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पैरालिंपिक से अंतिम समय पर बाहर हुए सुंदर गुर्जर ने दुबई में रचा इतिहास, गोल्डन हैट्रिक लगाई...

पैरा एथलीट सुंदर सिंह गुर्जर (बाएं)

खास बातें

  1. सुंदर गुर्जर ने तीन स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते हैं
  2. सुंदर पैरालिंपिक स्पर्धा में देरी से पहुंचे थे
  3. इसके बाद काफी विवाद हुआ था
बेंगलुरू: पैरालिंपिक 2016 में दुभाग्यपूर्ण तरीके से बाहर हुए करौली जिले के सुंदर गुर्जर ने अपनी प्रतिभा को लोहा मनवाया है. सुंदर ने फाजा में 19 से 23 मार्च तक आयोजित हुए नौंवी इंटरनेशनल स्पर्धा में जेवेलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो और शॉटपट स्पर्धाओं में लगातार 3 गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया. इस स्पर्धा में 38 देशों ने भाग लिया, जिसमें सुंदर ने तीन स्पर्धाओं में गोल्ड हैट्रिक लगाई. ऐसे करने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी बन गए हैं. अब उनका अगला लक्ष्य लंदन वर्ल्ड चैंपियनशिप है जो  जुलाई में होनी है.

सुंदर के प्रदर्शन पर एक नजर
  • जेवेलिन थ्रो-  60.33 मीटर
  • डिस्कस थ्रो-  46 मीटर
  • शॉटपट- 13.46 मीटर

भारत के पहले खिलाड़ी
सुंदर गुर्जर किसी इंटरनेशनल स्पर्धा में 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. इन स्पर्धाओं में अपने प्रतिद्वंदियों को बहुत पीछे छोड़कर गोल्ड मेडल जीते.

रियो में 1 पदक की भरपाई फाजा में 3 गोल्ड से की
पिछले साल रियो पैरालंपिक में सुन्दर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से भाग लेने से चूक गए लेकिन फाजा में गोल्डन हैट्रिक लगाकर लंदन वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मजबूत दावेदारी पेश की. उस समय सुंदर गुर्जर ने SAI के अधिकारियों पर धोखा देने का आरोप लगाया था और कहा था कि कोच ने उनकी जिंदगी नर्क बना दी थी. दरअसल, मौके पर होने के बावजूद सुंदर पैरालिंपिक में भाग नहीं ले पाए थे.


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