पुनेरी पल्टन टीम की खिलाड़ी परिवार की तरह जुड़े हैं : दीपक हुड्डा

इस मैच में एक तरफ जहां यू-मुम्बा का खेल बिखरा हुआ दिखा, वहीं पुणे की टीम ने डिफेंस और रेडिंग में शानदार प्रदर्शन किया.

पुनेरी पल्टन टीम की खिलाड़ी परिवार की तरह जुड़े हैं : दीपक हुड्डा

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

वीवो प्रो कबड्डी लीग सीजन-5 के अपने पहले ही मैच में पूर्व चैम्पियन यू-मुम्बा पर शानदार जीत हासिल करने वाली पुनेरी पल्टन टीम के कप्तान दीपक निवास हुड्डा का कहना है कि जून में जब उनकी टीम के सदस्य पहली बार आपस में मिले तो वे मिलते ही एक दूसरे से जुड़ गए और यही कारण है कि उनकी टीम ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर यू-मुम्बा को बुरी तरह पराजित किया. पुणे की टीम ने भारतीय टीम के कप्तान अनूप कुमार की कप्तानी में खेल रही यू-मुम्बा को 33-21 से पटखनी दी। इस मैच में एक तरफ जहां यू-मुम्बा का खेल बिखरा हुआ दिखा, वहीं पुणे की टीम ने डिफेंस और रेडिंग में शानदार प्रदर्शन किया. उसका खेल देखकर एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि यह टीम मई में हुई नीलामी के बार फिर से बनाई गई है और इसमें शामिल खिलाड़ी पहली बार एक साथ लीग में खेल रहे हैं.

यह भी पढ़ें :  सचिन तेंदुलकर की कबड्डी टीम के ब्रांड एंबेसडर बने अभिनेता कमल हासन

औरों को भले ही यह बात हैरान करती हो, लेकिन दीपक इसे सहजता से लेते दिखे. दीपक ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा- हमारे काम्बीनेशन की खास बात यह रही कि हम कहीं ना कहीं पूरे साल जुड़े रहे. संदीप नरवाल के साथ मैं काफी साल स्पोटर्स अथॉरिटी आफ इंडिया में खेला. धर्मराज (चेरालथन) के साथ भारत के लिए खेला हूं. रवि (कुमार) के साथ पहले भी खेल चुका हूं. मैंने तो हमारी टीम के अधिकांश खिलाड़ियों के साथ काफी समय बिताया है. हम एक फैमिली की तरह जुड़ गए और इसी कारण आज हमारा खेल इतना सुंदर दिखा. 

यह भी पढ़ें :  कैसे बना एक पहलवान सबसे अमीर कबड्डी प्लेयर

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

यू-मुम्बा के खिलाफ संदीप नरवाल ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए छह अंक बटोरे. वह पुणे की डिफेंस की सबसे मजबूत इकाई बनकर उभरे और अपनी प्रतिभा और साख के साथ पूरा न्याय किया. संदीप को देश के सबसे अच्छे डिफेंडरों में से एक माना जाता है. इसके अलावा लीग के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 43 साल के धर्मराज ने डिफेंस में उनका बेहतरीन साथ दिया और अनूप, शब्बीर बापू, काशीलिंग अडाके और कुलदीप सिंह की बेहतरीन रेडरों की चौकड़ी को सफल नहीं होने दिया.
 
Video : दोस्ताना कबड्डी मैच में हुई मारपीट
हुड्डा ने कहा कि अनूप और उनकी काबिल चौकड़ी के लिए उनकी टीम ने पहले ही रणनीति बना रखी थी और इस पर चलते हुए वह सफलता तक पहुंची. इस मैच में हालांकि अनूप ने आठ अंक बटोरे, लेकिन शब्बीर और काशीलिंग बुरी तरह फ्लॉप रहे. मैच के बाद अनूप ने भी स्वीकार किया कि रेडिंग और डिफेंस में उनकी टीम में कई कमियां सामने आई हैं और अब उनका प्रयास उन्हें दूर करने पर है.

इनपुट : भाषा