NDTV Khabar

हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंची भारतीय बैडमिंटन स्‍टार पीवी सिंधु

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु इन दिनों एक के बाद एक धमाका कर रही हैं. खेली जा रही हांगकांग ओपन में भी उन्होंने शनिवार को एक और जीत हासिल करते हुए बड़े धमाके की उम्मीद जगा दी.

1Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंची भारतीय बैडमिंटन स्‍टार पीवी सिंधु

पीवी सिंधु (भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी)

खास बातें

  1. पीवी सिंधु हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचीं
  2. थाईलैंड की खिलाड़ी को सीधे गेम में हराया
  3. फाइनल में मुकाबला चीनी ताइपे की खिलाड़ी से होगा
नई दिल्ली: भारत की नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए हांगकांग ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया.महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में सिंधु ने शनिवार को थाईलैंड की रातचानोक इंतानोन को मात देकर फाइनल में जगह बनाई. सिंधू ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को सीधे गेमों में धूल चटाकर खिताबी टक्कर का हक हासिल किया. अब भारतीय खिलाड़ी फाइल में चीनी ताइपे की ताई जु यिंग से भिड़ेंगी. फाइनल मुकाबला इन दोनों के बीच एक तरह से पिछले साल के फाइनल को दोहराने जैसा होगा. तब ताई ने सिंधु को हराकर खिताब अपनी झोली में डाला था.

तीसरी वरीयता प्राप्त सिंधू और थाई खिलाड़ी के बीच मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा और सिंधु ने सिर्फ 43 ही मिनट में मैच अपने  नाम कर दिखाया कि वह कितनी खतरनाक फॉर्म में चल रही हैं.सिंधू ने यह मैच 21-17, 21-17 से जीता. सिंधु मैच की शुरुआत से ही प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर हावी रहीं और जल्द ही उन्होंने पहले गेम में 11-7 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद रातनाचोक ने कुछ संघर्ष जरूर किया और स्कोर को खींच कर 21-17 तक जरूर ले गईं. थाई खिलाड़ी ने चार गेम प्वाइंट भी बचाए, लेकिन लेकिन चार प्वाइंट का अंतर दबाव को खत्म नहीं कर सका और रातनाचोक ने जल्द ही हथियार डाल दिए.

यह भी पढ़ें : पीवी सिंधु हांगकांग ओपन के क्वार्टर फाइनल में, साइना की चुनौती खत्म

दूसरा गेम में थाईलैंड की खिलाड़ी ने पहले गेम के मुकाबले बेहतर संघर्ष किया. एक समय दोनों खिलाड़ी 6-6 के स्कोर की बराबरी पर थीं. लेकिन यहां से सिंधु ने लगातार पांच प्वाइंट अपनी झोली में डालते हुए स्कोर को 11-6 कर दिया. रातनाचोक ने पलटवार किया और उन्होंने इस अंतर को 13-12 कर दिया, लेकिन सिंधु एक के बाद एक दनादन स्कोर बनाती रहीं और उन्होंने 43 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया.सिंधु और रातचानोक के बीच कुल मिलाकर यह छठी टक्कर थी और सिंधू ने इस थाई खिलाड़ी के खिलाफ अपने खराब रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए दूसरी जीत हासिल की. इससे पहले सिंधु ने जापान की अकाने यामाकुची को सीधे सेटों में हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी. सिंधू ने दूसरी वरीय जापानी खिलाड़ी को 36 मिनट में ही 21-12, 21-19 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था.

VIDEO: सिंधु के विश्व बैडमिंटन में रजत जीतने के बाद बोल- वचन!
ध्यान दिला दें कि इसी टूर्नामेंट में भारत के बाकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है. महिला वर्ग में सायना नेहवाल और पुरुषों में एचएस प्रणॉय हारकर पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं. लंदन ओलिंपिक-2012 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता साइना नेहवाल को चीन की चेन यूफेई ने मात देते हुए टूर्नमेंट से बाहर का रास्ता दिखाया था. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement