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टेनिस के महान खिलाड़ी वावरिंका के जीवन के बारे में पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

बताया जाता है कि उनके पूर्वज द्वितीय विश्वयुद्ध के समय चेकोस्लोवाकिया से स्विट्जरलैंड चले  गए थे. वावरिंका के पिता किसान थे

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टेनिस के महान खिलाड़ी वावरिंका के जीवन के बारे में पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

स्टैन वावरिंका

खास बातें

  1. स्टैनिस्लास वावरिंका आज टेनिस का जाना माना नाम है
  2. उनका जन्म 28 मार्च 1985 को हुआ था.
  3. उनके पिता वोलफ्रेम जर्मन और मां इसाबेल स्विस हैं.
नई दिल्ली: स्टैनिस्लास वावरिंका आज टेनिस का जाना माना नाम है. उनका जन्म 28 मार्च 1985 को हुआ था. उनके पिता वोलफ्रेम जर्मन और मां इसाबेल स्विस हैं. इसलिए उनके पास दोहरी नागरिकता है. 

बताया जाता है कि उनके पूर्वज द्वितीय विश्वयुद्ध के समय चेकोस्लोवाकिया से स्विट्जरलैंड चले  गए थे. वावरिंका के पिता किसान थे. उनकी मां भी खेती करती थीं. उनकी मां की समाजसेवा में भी रुचि थी और वह अपने सामर्थ्य के हिसाब से इस काम को अंजाम देती रहीं. एक इंटरव्यू में वावरिंका ने कहा था, हमारे फार्म हाउस में 75 से ज्यादा लोग रहते थे. इनमें अधिकतर दिव्यांग थे. मेरा बचपन बहुत ही खुशहाल था. मैं प्रकृति की गोद में पला-बढ़ा, जहां आसपास जानवर भी थे.

आइए डाले वावरिंका के टेनिस प्रेम पर
आठ साल की उम्र में वावरिंका ने टेनिस खेलना शुरू किया. 15 साल में टेनिस पर फोकस करने के लिए स्कूल जाना छोड़ दिया और दूरस्थ शिक्षा से पढ़ाई की. 17 साल की उम्र में फ्रेंच ओपन जूनियर चैंपियन बने. 

वावरिंका का लव अफेयर
वावरिंका ने 2009 में टीवी एक्टर और मॉडल इल्हाम से शादी की. 2010 में उन्हें एक बेटी मिली. इसका नाम उन्होंने एलेक्सिया रखा. वावरिंका ने अप्रैल 2015 में पत्नी से तलाक ले लिया. कहा जा रहा है कि फिलहाल वावरिंका क्रोएशिया की टेनिस खिलाड़ी डोना वेकिच को डेट कर रहे हैं. 

नाम बदल लिया.
स्टैनिस्लास वावरिंका ने 2014 में फ्रेंच ओपन खेलने के बाद अपना नाम बदल लिया. उन्होंने अपना नाम सिर्फ स्टैन वावरिंका रखा. इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता था कि उनके नाम का उच्चारण काफी कठिन है. उन्होंने 2015 में स्पोर्ट्स मैगजीन के बॉडी इश्यू के लिए न्यूड फोटो शूट कराया था. वावरिंका टैटू बनवाने के भी शौकीन हैं. 

अमेरिका के महान टेनिस स्टार जॉन मैकनरो ने स्टैन वावरिंका के बारे कहा था कि उनका वन-हैंडेड बैकहैंड शॉट बेहतरीन है. मौजूदा दौर के खिलाड़ियों में यह शॉट जमाने में उनसे बेहतर कोई नहीं है. वहीं, 'द इकोनॉमिस्ट' मैगजीन उन्हें टेनिस का 'ग्रेट लेटकमर' मानती है. यानी, उन्हें अपने करिअर में सफलता काफी देर से नसीब हुई है. वावरिंका को क्लेकोर्ट बहुत भाता है. जबकि सर्व और बैकहैंड शॉट उनके पसंदीदा शॉट्स हैं. 

वावरिंका ने नाम है ये रिकॉर्ड 
तीन ग्रैंडस्लैम खिताब (ऑस्ट्रेलियन, फ्रेंच, यूएस ओपन) 
तीनों ग्रैंडस्लैम फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 को हराया 
एक ओलिंपिक गोल्ड (बीजिंग में फेडरर के साथ पुरुष डबल्स में) 
फ्रेंच ओपन जूनियर-सीनियर दोनों जीतने वाले तीसरे खिलाड़ी 


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