NDTV Khabar

जब ओलिंपिक में हौसला अफजाई के लिए एथलीट के साथ राजा ने भी लगाई दौड़...

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
जब ओलिंपिक में हौसला अफजाई के लिए एथलीट के साथ राजा ने भी लगाई दौड़...

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:

रियो ओलिंपिक तकरीबन डेढ़ माह बाद शुरू होने जा रहे हैं। ओलिंपिक आयोजन हमेशा से किस्‍से-किवदंतियों के लिए मशहूर रहे हैं। 1896 में पहली बार ग्रीस के शहर एथेंस में ओलिंपिक के आयोजन का फैसला लिया गया। प्राचीन ग्रीस में इस तरह का आयोजन हर चार साल के अंतराल के बाद होता था। इसलिए इसकी ऐतिहासिक विरासत पर ग्रीस के स्‍वाभाविक दावे को देखते हुए ग्रीस के एथेंस शहर में आधुनिक खेलों का पहला आयोजन सुनिश्चित हुआ।

उसको लेकर स्‍थानीय जनता में बेहद उत्‍साह था। चारों तरफ रोमांच का माहौल था। लेकिन जब आयोजन शुरू हुए तो प्रमुख स्‍पर्द्धाओं में ग्रीस के खिलाड़ियों की हार को देखकर वे बड़े निराश हुए। चारों तरफ निराशा का माहौल पैदा हो गया। अब उनकी रही-सही उम्‍मीद मैराथन दौड़ पर केंद्रित हो गई।

ग्रीस के इतिहास के साथ गौरवशाली मैराथन दौड़ के किस्‍सों की वजहों से स्‍थानीय लोग चाहते थे कि किसी भी तरह यह दौड़ वहीं का कोई खिलाड़ी जीते। इस प्रकार मैराथन दौड़ में हिस्‍सा लेने जा रहे ग्रीक खिलाड़ी स्‍पाइरीडोन लुईस पर सभी की निगाहें जम गईं।


ऐतिहासिक दौड़  
निर्धारित समय पर जब 40 किमी की मैराथन दौड़ शुरू हुई तो शुरुआत में फ्रांसीसी खिलाड़ी ने लीड बनाई। लेकिन 32 किमी के बाद वह थक गया और उसने रेस छोड़ दी। उसके बाद ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ी एडविन फ्लैक ने लीड बना ली। लुईस उसके पीछे था।

टिप्पणियां

एडविन 800 मी और 1500 मी रेस जीत चुका था। इसलिए ग्रीस की जनता की दिल की धड़कनें बढ़ गईं।  लेकिन लंबी दूरी की रेस में अभ्‍यस्‍त नहीं होने के कारण वह भी दो-तीन किमी के बाद ढेर हो गया। उसके बाद लुईस को बढ़त मिल गई। अब उसके समक्ष अंतिम समय में उस बढ़त को बनाए रखने की चुनौती थी।

स्‍टेडियम में खेल प्रेमी बेचैन होने लगे। जैसे ही अंतिम लैप शुरू हुआ, लोग अधीर हो उठे। ग्रीस के राजा अपनी गद्दी से खड़े हो गए। प्रिंस कॉन्‍स्‍टेंटाइन और प्रिंस जॉर्ज (बाद में देश के राजा बने) जोश में उस लैप के बगल में हौसला अफजाई के लिए लुईस के साथ-साथ दौड़ने लगे। अंत में जब दो घंटे, 28 मिनट और 50 सेकंड के बाद लुईस ने वह मैराथन रेस जीती तो पूरा स्‍टेडियम खुशी में झूम उठा। राजा ने बढ़कर उनको गले से लगा लिया। लुईस देश के राष्‍ट्रीय हीरो बन गए।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement